गांधीजी की हत्या के पूरे कालखंड से रूबरू करवाती है प्रखर श्रीवास्तव की किताब 'हे राम'

लेखक ने एक अध्याय में बिंदुवार तरीके से यह समझाने की कोशिश की है कि गांधीजी की हत्या को रोका जा सकता था। प्रखर श्रीवास्तव वर्ष 2005 से ही गांधी हत्याकांड से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर कार्य कर रहे हैं।

आनंद पाराशर by
Published - Wednesday, 22 May, 2024
Last Modified:
Wednesday, 22 May, 2024
prakharshrivastav


30 जनवरी 1948 की शाम को नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या की थी। वह एक ऐसी घटना है, जिसने इस देश की राजनीति और समाज दोनों को प्रभावित करने का का...
Read More
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए