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अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत की जीत को अखबारों ने कुछ यूं किया ‘सेलिब्रेट’
आज सभी प्रमुख अखबारों के फ्रंट पेज पर काफी विज्ञापन है
नीरज नैयर 6 years ago
अखबारों के लिए विज्ञापन ‘संजीवनी’ की तरह होते हैं और दिल्ली के अखबारों को यह ‘संजीवनी’ अच्छी मात्रा में मिल रही है। आज सभी प्रमुख अखबारों के फ्रंट पेज पर काफी विज्ञापन है। लीड सभी अखबारों ने ‘कुलभूषण जाधव’ को बनाया है, यह भारत की बहुत बड़ी कूटनीतिक जीत है, इस लिहाज से इस खबर को लीड बनना ही था।
अमर उजाला ने कुलभूषण जाधव और हाफिज सईद की खबरों को मिलाकर एक बड़ा पैकेज तैयार किया है। इसके अलावा मुरादाबाद और सोनभद्र की दो खबरों को भी बड़ा स्थान मिला है। मुरादाबाद में जहां दो सिपाहियों की हत्या कर तीन बंदी फरार हो गए, वहीं सोनभद्र में जमीनी विवाद को लेकर खूनी संघर्ष हुआ है। इसके साथ ही दिल्ली सरकार को लेकर एनजीटी के आदेश को भी प्रथम पृष्ठ पर रखा गया है। इनके अलावा पेज पर कोई और खबर नहीं है। लीड की प्रस्तुति अच्छी है, लेकिन सीधे-सपाट शीर्षक के चलते वो खास दमदार नजर नहीं आती। वहीं, यदि संपादकीय टीम मुरादाबाद और सोनभद्र को छोटा करके कुछ और खबरें पेज पर लगाती तो शायद ज्यादा अच्छा होता।
हिन्दुस्तान की बात करें तो अखबार ने लीड की हेडलाइन ‘कुलभूषण की फांसी पर रोक’ सपाट रखी है। हालांकि एक शब्द में खबर का सार बताने की जो हिन्दुस्तान की कला है, वह यहां और भी निखरी नजर आ रही है। लीड के शीर्षक के ऊपर पॉइंटर से पहले लिखा है ‘सुकून’ और इसके साथ ही लगी हाफिज सईद की खबर के लिए ‘शिकंजा’ का इस्तेमाल किया गया है। दोनों ही समाचारों को पूरे आठ कॉलम में लगाया गया है। इसके अलावा दो महत्वपूर्ण खबरें ‘एमएमबीएस के बाद डिग्री के लिए टेस्ट पास करना अनिवार्य होगा’ और ‘ईएसआईसी बीमा धारकों को पहले दिन से सुपर स्पेशिलिटी इलाज’ भी फ्रंट पेज पर हैं। घुसपैठियों की पहचान कर बाहर करने के गृहमंत्री के बयान को अच्छी तरह से लगाया गया है। साथ ही पेज पर छह अहम सिंगल खबरें भी हैं।
वहीं, नवभारत टाइम्स के फ्रंट पेज पर फुल पेज विज्ञापन है। ऐसे में अखबार का तीसरा पन्ना फ्रंट पेज है। जाधव के मामले में अखबार ने अपने शीर्षक से एक बार फिर दिल जीत लिया है। अखबार की हेडलाइन है ‘इंसाफ की सर्जिकल स्ट्राइक’। दरअसल, कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान ने मौत की सजा दी थी, जिस पर अंतर्राष्ट्रीय अदालत ने रोक लगाते हुए जाधव के साथ इंसाफ किया है और पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक भारतीय सेना पहले कर ही चुकी है। इन्हीं दो बातों को ध्यान में रखते हुए नवभारत टाइम्स ने लीड की यह हेडिंग लगाई है। इसी खबर के बॉक्स में हाफिज सईद के जेल जाने का समाचार है और इसे भी ‘इंसाफ की सर्जिकल स्ट्राइक’ से जोड़ा गया है। कर्नाटक के सियासी नाटक को डीप डीसी (दो कॉलम) में रखा गया है। लीड के नीचे महज तीन सिंगल न्यूज हैं, क्योंकि इससे ज्यादा फ्रंट पेज पर जगह ही नहीं है। अखबार ने जाधव से जुड़े खबरों को लेकर दो नंबर पेज पर शानदार पैकेज भी तैयार किया है।
दैनिक जागरण के फ्रंट पेज पर मुख्य तौर पर कुल पांच खबरें हैं, क्योंकि अखबार के फ्रंट पेज पर तीन कॉलम का पुज पेज विज्ञापन है। अखबार ने लीड जाधव की खबर को बनाया है, ये खबर 4 कॉलम में परोसी गई है। हाफिज सईद को लीड के साथ न लगाकर अलग से डेढ़ कॉलम में रखा गया है। इसके बगल में जागरण समूह का आज से शुरू होने वाले फिल्म फेस्टिवल की खबर है और नीचे मेडिकल कॉलेज में दाखिले वाला समाचार है। एंकर में कर्नाटक के नाटक को जगह मिली है। इस विषय पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला दिया है, इसलिए खबर को उचित स्थान मिलना तय था। इसके अलावा अंदर के पन्नों की दो प्रमुख खबरों को भी संक्षिप्त रूप में पेज पर लगाया गया है।
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