देखें विडियो: पाक के टीवी चैनल ने यूं उड़ाया 'अभिनंदन' का मजाक

किक्रेट वर्ल्ड कप में 16 जून को होगा भारत-पाकिस्तान के बीच मुकाबला

Last Modified:
Wednesday, 12 June, 2019
Abhinandan

भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ की गई एयर स्ट्राइक के बाद भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान किसी न किसी वजह से आए दिन पाकिस्तानी मीडिया में छाये रहते हैं। पिछले दिनों लोकसभा चुनाव में बीजेपी की भारी जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने भाषण में इस्तेमाल किए गए अभिनंदन शब्द को पाकिस्तान के एक न्यूज चैनल के एंकर ने विंग कमांडर अभिनंदन समझ लिया था और उसी के अनुसार न्यूज भी प्रसारित कर दी थी। हालांकि इसके बाद न्यूज एंकर का सोशल मीडिया पर काफी मजाक भी उड़ा था।

अब क्रिकेट वर्ल्ड कप को लेकर अभिनंदन वर्तमान एक बार फिर चर्चा में हैं। दरअसल, 16 जून को होने वाले भारत-पाकिस्तान के मैच से पूर्व पाकिस्तानी टीवी चैनल ‘जैज टीवी’ ने एक विज्ञापन में अभिनंदन वर्तमान का डुप्लीकेट कैरेक्टर दिखाते हुए उनका मजाक उड़ाया है।

33 सेकेंड के इस विडियो में एक शख्स अभिनंदन वर्तमान जैसी मूंछे रखे हुए है और उनकी जैसी नकल कर रहा है।  हालांकि इस शख्स ने सेना की वर्दी की जगह भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी पहन रखी है। इस विज्ञापन में जब भी उस व्यक्ति से भारतीय टीम के अंतिम-11 के बारे में पूछा जाता है तो अभिनंदन द्वारा वायरल बयान के लहजे में जबाव देते हुए वह कहता है, ‘माफ कीजिए, मैं आपको यह नहीं बता सकता।‘

विज्ञापन में इस व्यक्ति को उसी तरह चाय पीते हुए दिखाया गया है, जिस तरह अभिनंदन का विडियो वायरल हुआ था। यही नहीं, विज्ञापन के आखिर में जब यह व्यक्ति जाने लगता है तो एक शख्स उन्हें रोककर कहता है, ‘एक सेकेंड रुको, कप कहां लेकर जा रहे हो?’ पाकिस्तानी टीवी द्वारा बनाए गए इस विज्ञापन को भारतीय यूजर्स ने शर्मनाक करार देते हुए सोशल मीडिया पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

 

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एडवर्टाइजिंग खर्च के मामले में जानिए क्या कहती है DAN की ये रिपोर्ट

विज्ञापन खर्च के मामले में देश में टीवी अभी भी काफी अहम बना हुआ है

Last Modified:
Saturday, 15 June, 2019
Advertising

डेंट्सू एजिस नेटवर्क (DAN) ने पिछले दिनों विज्ञापन पर खर्च के मामले को लेकर पूर्वानुमान रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2019 में भारत में विज्ञापन खर्च 11.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 69.700 करोड़ रुपए होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि इसके पीछे पिछले दिनों हुए आम चुनाव और इंग्लैंड में चल रहा क्रिकेट वर्ल्ड कप प्रमुख कारण है।

एजेंसी का कहना है कि डिजिटल मीडिया पर विज्ञापन खर्च की बात करें तो यह वर्ष 2019 में 32.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 14410 करोड़ रुपए होने का अनुमान है। यह कुल विज्ञापन खर्च का 21 प्रतिशत शेयर है। डिजिटल मीडिया के बावजूद देश में टीवी अभी भी विज्ञापन खर्च के मामले में काफी अहम बना हुआ है और वर्ष 2019 में कुल विज्ञापन खर्च में इसकी 39 प्रतिशत भागीदारी का अनुमान है। माना जा रहा है कि इस माध्यम में वर्ष 2019 में 9.5 प्रतिशत की वृद्धि होगी और यह 27140 करोड़ रुपए के आंकड़े को छू लेगा।

इस बारे में डेंट्सू एजिस नेटवर्क (DAN) ग्रुप की कंपनी ‘एंप्लीफाई इंडिया’ (Amplifi India) के प्रेजिडेंट कार्तिक अय्यर का कहना है, ‘भारत काफी बदलाव के दौर से गुजर रहा है। यहां मोबाइल फोन पर ऑनलाइन विडियो का विस्तार हो रहा है और टीवी की भूमिका बदल रही है।’  इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ग्लोबल स्तर पर विज्ञापन खर्च में कम बढ़ोतरी के बीच एशिया पैसिफिक में विज्ञापन पर खर्च में वर्ष 2019 में चार प्रतिशत तक बढ़ोतरी की उम्मीद है।

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Star India: वर्ल्ड कप में 10 सेकंड के विज्ञापन के लिए अब चुकानी होगी ये रकम

किक्रेट वर्ल्ड कप के लिए स्टार इंडिया ने विज्ञापन रेट के दो पैकेज तैयार किए हैं

Last Modified:
Thursday, 30 May, 2019
Samachar4media

इंग्लैंड में क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 का आगाज हो गया है। इतने बड़े आयोजन के मद्देनजर क्रिकेट वर्ल्ड कप के आधिकारिक ब्रॉडकास्टर ‘स्टार इंडिया’ ने अपने विज्ञापन के रेट बढ़ा दिए हैं। इसके तहत 10 सेकंड के विज्ञापन के लिए कंपनियों को 20 लाख रुपए खर्च करने पड़ेंगे। यहां बता दें कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने स्टार मिडिल ईस्ट और स्टार इंडिया को वर्ष 2015 से 2023 तक वर्ल्डकप का आधिकारिक ब्रॉडकास्टर बना रखा है।

बताया जाता है कि वर्ल्ड कप 2015 में चैनल ने 700 करोड़ की कमाई की थी, माना जा रहा है कि रेट बढ़ने से अब यह कमाई और ज्यादा बढ़ सकती है। विशेषज्ञों की मानें तो विज्ञापन के कारण इस विश्वकप में चैनल को 1,200 करोड़ से 1,500 करोड़ रुपए तक रेवेन्यू मिल सकता है।

दरअसल, स्टार इंडिया ने विज्ञापन रेट के दो पैकेज तैयार किए हैं। इनके तहत भारत के साथ होने वाले मैचों में विज्ञापन का रेट 17 से 20 लाख रुपए प्रति दस सेकंड के बीच रखा गया है। वहीं, जिन मैचों में भारत नहीं खेल रहा होगा, उन मैचों का विज्ञापन रेट 10 सेकंड के लिए छह से सात लाख रुपए के बीच होगा। चैनल की ओर से सेमीफाइनल और फाइनल मैचों के दौरान विज्ञापन के रेट का फैसला अभी नहीं किया गया है। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि भारतीय टीम का इन मैचों के दौरान किस तरह का प्रदर्शन रहता है।

अमेजन, ड्रीम कोका कोला, उबर, फिलिप्स और आईसीआईसीआई लोम्बॉर्ड जैसी 40 से अधिक कंपनियों ने स्टार इंडिया से विश्व कप का स्लॉट खरीदा है। कंपनी को अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म हॉटस्टार से 300 करोड़ रुपए की कमाई की उम्मीद है। वहीं डीटीएच और केबल कंपनियों से भी अलग से रेवेन्यू मिलेगा।

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कौन-कौन बन सकता है मोदी का मंत्री, लगाइए अंदाजा और जीतिए ये इनाम

पत्रिका समूह की ओर से दिए जाएंगे कुल 12 लाख रुपए के पुरस्कार

Last Modified:
Wednesday, 29 May, 2019
Patrika

एक बार फिर मोदी सरकार बन चुकी है। लिहाजा, अब इस बात को लेकर उत्सुकता है कि नई सरकार में किसे क्या ज़िम्मेदारी मिलेगी? क्या अमित शाह मंत्री बनेंगे, क्या वित्त मंत्रालय का ज़िम्मा पुन: अरुण जेटली को सौंपा जाएगा और क्या मोदी अमेठी में इतिहास रचने वालीं स्मृति ईरानी पर फिर से विश्वास जताएंगे? ये सवाल आजकल सबसे ज्यादा पूछे जा रहे हैं।

हालांकि, इनका जवाब तो मंत्रिमंडल गठन के बाद भी मिलेगा, लेकिन यदि आपको लगता है कि इस मामले में आपका आकलन सटीक साबित हो सकता है  तो देश के बड़े मीडिया घरानों में से एक पत्रिका समूह आपके लिए एक सुनहरा मौका लाया है। आप मोदी की ड्रीम टीम की अपनी भविष्यवाणी को पत्रिका के साथ साझा करके शानदार इनाम जीत सकते हैं। समूह के निदेशक सिद्धार्थ कोठारी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस कांटेस्ट की जानकारी दी है।

उन्होंने लिखा है ‘डिकोडिंग द कैबिनेट! पत्रिका की प्रतियोगिता का हिस्सा बनें, प्रधानमंत्री की कैबिनेट के 9 प्रमुख मंत्रियों के नाम की भविष्यवाणी करें और कार सहित कई आकर्षक इनाम जीतने का मौका पाएं’! पत्रिका के इस कांटेस्ट का नाम ‘नमो 9’ है। यानी आपको बताना है कि मोदी सरकार में 9 प्रमुख मंत्री कौन से हो सकते हैं और यदि आपके नाम मोदी कैबिनेट से मेल खाते हैं, तो आप शानदार पुरस्कारों के हक़दार बन जाएंगे। समूह कुल 12 लाख के पुरस्कार वितरित करेगा।

इस कांटेस्ट में भाग लेने के लिए आपको सबसे पहले http://flashbag.patrika.com/namo9/  पर जाना होगा। यहां आपको 9 मंत्रालयों के नाम दिखेंगे, जिनके ऊपर भावी मंत्रियों की फोटो के लिए जगह छोड़ी गई है। आपको प्रत्येक फोटो फ्रेम पर दिए + चिन्ह को क्लिक करना है। इसके बाद भाजपा नेताओं के नाम वाली सूची खुल जाएगी, आप अपने भावी मंत्री को सर्च भी कर सकते हैं। सभी 9 नामों का चयन करने के बाद आपको सबसे नीचे दिए सबमिट बटन पर क्लिक करना है। ध्यान देने वाली बात यह है कि इस प्रतियोगिता में आप केवल 29 मई तक ही हिस्सा ले सकते हैं। विजेता के नामों की घोषणा चार जून को जाएगी।

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ASCI: कसौटी पर खरे नहीं उतरे इन बड़ी कंपनियों के विज्ञापन

विज्ञापनों की प्रमाणिकता की जांच करती है भारतीय विज्ञापन मानक परिषद

Last Modified:
Saturday, 25 May, 2019
ASCI

टीवी पर आने वाले विज्ञापनों की प्रमाणिकता की जांच करने वाली संस्था 'ऐडवर्टाइजिंग स्‍टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया' (ASCI) की कसौटी पर कई बड़ी कंपनियों के विज्ञापन खरे नहीं उतरे हैं। दरअसल, ASCI को 334 विज्ञापनों के खिलाफ शिकायत मिली थी। जांच के बाद इनमें से 229 विज्ञापनों को भ्रामक की श्रेणी में रखा गया है। इसमें वोडाफोन, मारुति सुजुकी, NIIT, अमूल, कोलगेट समेत कई बड़े नाम शामिल हैं।

ASCI ने हेल्थेकयर सेक्टर की 123 शिकायतों, विज्ञापन शिक्षा क्षेत्र की 83 शिकायतों, फूड एंड बेवरेज सेक्टर की सात व विज्ञापन और पर्सनल केयर की दो शिकायतों को सही पाया है। गुमराह करने वाले 14 विज्ञापन अन्य श्रेणी के रहे। जांच में ये सभी विज्ञापन नियमों का उल्लंघन करते मिले।

ASCI के निरीक्षण के दौरान मौजूद 187 विज्ञापनों में से 70 विज्ञापनों को ब्रैंड्स ने सभी प्लेटफॉर्म से हटा दिया, जबकि 117 विज्ञापनों के खिलाफ शिकायतों को बरकरार रखा गया है। इन 117 विज्ञापनों में 79 एजुकेशन सेक्टर, 30 हेल्थ सर्विस सेक्टर, 4 फूड एंड बेवरेज सेक्टर से और 4 अन्य कैटेगरी के हैं।

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इस मामले में कांग्रेस बनी नंबर 1, बीजेपी नंबर 5 की पॉजिशन पर

देश की प्रतिष्ठित प्राइमरी और डाटा एनालिटिक्स कंपनी ‘क्रोम डाटा एनालिटिक्स एंड मीडिया ऑप्टिमल प्लस’ ने इस हफ्ते टॉप पर रहे विज्ञापनों की लिस्ट जारी की है

Samachar4media Bureau by Samachar4media Bureau
Published - Thursday, 25 April, 2019
Last Modified:
Thursday, 25 April, 2019
BJP

देश की प्रतिष्ठित प्राइमरी और डाटा एनालिटिक्स कंपनी ‘क्रोम डाटा एनालिटिक्स एंड मीडिया ऑप्टिमल प्लस’ (Chrome Data Analytics And Media Optimal+ ) ने इस हफ्ते टॉप पर रहे विज्ञापनों की लिस्ट जारी की है। 15वें हफ्ते के लिए जारी इस रिपोर्ट में देश भर के 3400 घरों को शामिल किया गया था। इस सर्वे में मुख्यतः तीन कैटेगरी- ‘सबसे ज्यादा देखे गए विज्ञापन’ (Most watched ads), ‘सबसे ज्यादा प्रसारित किए गए विज्ञापन’ (Most aired ads) और ‘सबसे ज्यादा पसंद किए गए विज्ञापन’ (Most liked ads) के तहत विभिन्न ब्रैंड्स के परिणाम जारी किए गए हैं। इस सर्वे में यह भी बताया गया है कि 14वें हफ्ते के मुकाबले ब्रैंड्स का प्रदर्शन कैसा रहा है।

सबसे ज्यादा प्रसारित हुए विज्ञापनः
सबसे ज्यादा प्रसारित हुए विज्ञापनों की बात करें तो लोकसभा चुनावों को देखते हुए इस हफ्ते ‘कांग्रेस’ ने इस लिस्ट में टॉप पर अपनी जगह बनाई है। ‘संतूर सैंदल एंड टरमरिक’ पिछले हफ्ते की तरह इस हफ्ते भी दो नंबर पर काबिज रहा है। वहीं, ‘डिटॉल’ ने इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर अपनी जगह बनाई है। पिछले हफ्ते इस लिस्ट में टॉप पर रही ‘तेलुगुदेशम पार्टी’ इस हफ्ते नीचे खिसककर चौथे स्थान पर आ गई है, जबकि पांचवें नंबर पर ‘बीजेपी’ इस लिस्ट में शामिल है। पिछले हफ्ते इस लिस्ट में शामिल रहे ‘लाइजॉल’, ‘हार्पिक’ और ‘विमल इलायची’ इस हफ्ते इस लिस्ट में शामिल होने में नाकामयाब रहे।

सबसे ज्यादा देखे गए विज्ञापनः
सबसे ज्यादा देखे गए विज्ञापन शो की कैटेगरी में पिछले हफ्ते तीसरे नंबर पर रहा ‘अमेजॉन’ इस हफ्ते पहले नंबर पर पहुंच गया। पिछले हफ्ते की तरह दो नंबर पर इस बार भी ‘फ्रूटी’ ने अपनी जगह कायम रखी। इसके बाद तीसरे नंबर पर इस हफ्ते ‘सेंसोडाइन’ इस लिस्ट में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहा। ‘लाइफबॉय’ जहां इस हफ्ते इस लिस्ट में चौथे नंबर पर रहा, वहीं पिछले हफ्ते के मुकाबले एक स्थान खिसककर ‘स्विगी’ इस हफ्ते पांचवे नंबर पर आ गया। 15वें हफ्ते में ‘कोलगेट’ और ‘सर्फ एक्सेल’ इस लिस्ट से बाहर हो गए।

सबसे ज्यादा पसंद किए गए विज्ञापनः
सबसे ज्यादा पसंद किए गए विज्ञापनों की कैटेगरी में ‘फ्रूटी’ ने टॉप पर जगह बनाई है, जबकि ‘बजाज’ को इस लिस्ट में दूसरा स्थान मिला है। ‘रसना देशी मसाला’ और ‘एरियल’ पिछली बार की तरह अपनी पोजीशन पर बरकरार नहीं रह पाए और खिसककर क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर आ गए। वहीं, ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप ‘जोमाटो’ इस लिस्ट में पांचवें नंबर पर पहुंचने में कामयाब रहा। 14वें हफ्ते में जहां इस लिस्ट में टॉप पर ‘गोइबिबो’, ‘हॉर्लिक्स’ और ‘डॉ. फिक्सिट’ जैसे ब्रैंड शामिल थे, वे 15 हफ्ते में इस लिस्ट में अपनी जगह नहीं बना सके।

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आखिर क्यों 4 पेज में छापना पड़ गया बीजेपी प्रत्याशी का विज्ञापन, ये है बड़ी वजह

देश में इन दिनों लोकसभा चुनाव की बयार चल रही है। 17वीं लोकसभा के गठन के लिए दो चरणों में फिलहाल मतदान हो चुका है

Samachar4media Bureau by Samachar4media Bureau
Published - Monday, 22 April, 2019
Last Modified:
Monday, 22 April, 2019
BJP

देश में इन दिनों लोकसभा चुनाव की बयार चल रही है। 17वीं लोकसभा के गठन के लिए दो चरणों में फिलहाल मतदान हो चुका है। चुनाव आयोग भी लगातार इस मामले में अपना सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी सख्ती का परिणाम है कि सभी प्रत्याशियों को अपने खिलाफ दर्ज मामलों का सार्वजनिक ब्योरा देना पड़ रहा है। ऐसे में केरल में पत्तनमतिट्टा से लोकसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी के. सुरेंद्रन का अलग तरह का मामला सामने आया है। सुरेंद्रन के खिलाफ 242 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 222 मामले तो सिर्फ सबरीमाला आंदोलन से जुड़े हैं। खास बात यह है कि बीजेपी को अपने मुखपत्र 'जन्मभूमि' में इन आपराधिक मामलों के बारे में ब्योरा देने में ही करीब 4 पेज खर्च करने पड़ गए।

उधर, पार्टी के अपने टीवी चैनल 'जनम टीवी' पर सुरेंद्रन के आपराधिक ब्योरों की जानकारी देने में करीब 60 सेकंड लग गए, जबकि अन्य उम्मीदवारों का यह ब्योरा सिर्फ 7 सेकंड में निपट गया। न्यूज रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर किसी दूसरे न्यूजपेपर में सिर्फ एक एडिशन के लिए भी इनके ब्योरे का विज्ञापन दिया होता तो करीब 60 लाख का खर्च बैठता। वहीं टीवी पर यह रकम और अधिक होती। गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों को तीन बार उनके खिलाफ लंबित मामलों के बारे में प्रिंट और टीवी पर विज्ञापन देने का निर्देश दिया है। इसी के तहत के. सुरेंद्रन ने विज्ञापन दिया था। उधर, केरल बीजेपी के प्रवक्ता एमएस कुमार कहते हैं, सबरीमाला मुद्दे को लेकर सुरेंद्रन के खिलाफ दर्ज मामले कानून के दायरे में नहीं आते। इसके अलावा ज्यादातर केस चुनाव से ठीक पहले ही दर्ज हुए हैं, ऐसे में उन्हें इनके खिलाफ लड़ने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाया है।

दरअसल, सबरीमाला आंदोलन को लेकर पिछले वर्ष दिसंबर में सुरेंद्रन करीब 22 दिन जेल में रहे थे। सुरेंद्रन ने 30 मार्च को अपना पर्चा भरा था और बताया था कि उनके खिलाफ 20 मामले दर्ज हैं। हालांकि बाद में राज्य सरकार ने 29 मार्च को हाई कोर्ट में हलफनामा देकर कहा था कि उनके खिलाफ 240 से अधिक मामले दर्ज हैं। इसके बाद उन्हें दोबारा नामांकन भरना पड़ा था।

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सर्फ एक्सेल के ऐड को लेकर किए जा रहे ट्वीट पर TOI ने दिया ये स्पष्टीकरण

ये काफी दिलचस्प मामला है और विवादों से भरा हुआ भी। लगातार लोग किसी ना किसी व्यक्ति या नेता को बदनाम...

Samachar4media Bureau by Samachar4media Bureau
Published - Wednesday, 13 March, 2019
Last Modified:
Wednesday, 13 March, 2019
Samachar4media

समाचार4मीडिया ब्यूरो।.
ये काफी दिलचस्प मामला है और विवादों से भरा हुआ भी। लगातार लोग किसी ना किसी व्यक्ति या नेता को बदनाम करने के लिए प्रतिष्ठित मीडिया समूह की फेक खबरों को असली कहकर शेयर करते हैं। लेकिन इस बार नेताओं की बजाय एक प्रतिष्ठित कंपनी को निशाना बनाया गया है और फेक ट्वीट इस्तेमाल की गई टाइम्स ऑफ इंडिया की।

टाइम्स प्रबंधन की जानकारी में जैसे ही ये बात आई, वो सकते में आ गए और अपने हर पब्लिकेशन में इस बात पर सफाई दी है और खंडन किया है कि उन्होंने ऐसी कोई खबर नहीं छापी।

आखिर माजरा क्या है? अगर आपको याद हो कि कैसे पहले कुम्भ के रेड लेवल चाय के एड को लेकर और फिर सर्फ एक्सल के होली वाले एड को लेकर एक ही हफ्तेमें हिंदुस्तान यूनीलीवर कंपनी विवादों में आ गई। दवाब में और गलती मानकर कंपनी ने कुम्भ वाला एड तो हटा लिया लेकिन होली के उस एड पर वो बैकफुट पर आने को तैयार नहीं है, जिसमें एक मुस्लिम बच्चे को मस्जिद तक रंगों से बचाकर पहुंचाने के लिए एक हिंदू लड़की रंग फेंकने वालों बच्चों के साथ एक तरकीब इस्तेमाल करती है। विरोध करने वालों को होली के रंगों को ‘दाग’ कहना, ‘दाग अच्छे हैं’ वाला स्लोगन इस्तेमाल करना भी अच्छा नहीं लगा।

ये अलग बात है कि तमाम लोग इस एड को होली की मूलभावना यानी प्रेम भाव से भी जोड़कर जायज ठहरा रहे हैं और विरोध करने वालों को गलत। ऐसे में कई फेसबुक पेजों पर टाइम्स ऑफ इंडिया की एक ट्वीट का फोटो चिपकाया गया, जिसमें लिखा था, ‘’As a result of massive boycott by the hurt Hindu Community because of a Hindu shaming derogatory ad by Surf Excel, the company has already faced loss amounting close to Rs 10 crores which
is expected to rise further’’। यानी हिंदुस्तान यूनीलीवर लिमिटेड (HUL) को काफी नुकसान इस एड बनाने के बाद हिंदुओं के विरोध के चलते हुआ है।

अब टाइम्स ऑफ इंडिया ने ना केवल ट्वीट करके बाकायदा एक खबर लिखकर इस खबर का खंडन किया है, कि ना तो ये ट्वीट उनके ऑफीशियल एकाउंट से की गई है और ना ही उन्होंने ये खबर ही लिखी है। इस ट्वीट का कलर भी उनके कलर से अलग है, दूसरे टाइम्स ऑफ इंडिया के ट्विटर एकाउंट से कोई भी ट्वीट बिना खबर के लिंक के नहीं लगता है, जबकि इसमें किसी खबर का लिंक नहीं है। टाइम्स ने अपने फैक्ट चैक ट्विटर एकाउंट Times Fact Check से भी इस बारे में लोगों को जानकारी दी है कि ये ट्वीट उनका नहीं है।

आप टाइम्स ग्रुप का ये पूरा स्पष्टीकरण नीचे खबर पर क्लिक कर भी पढ़ सकते हैं

FAKE: Manufactured tweet made to look as if it’s from TOI verified account claims hul faced rs 10 crore loss. 

 

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YouTube के गले में फिर फंसी ये 'फांस', कई बड़ी कंपनियों ने हटाए विज्ञापन

‘यूट्यूब’ (YouTube) एक बार फिर विवादों में घिर गया है। हालांकि, ‘यूट्यूब’ पर पहले भी इस तरह के आरोप लगते...

Samachar4media Bureau by Samachar4media Bureau
Published - Tuesday, 26 February, 2019
Last Modified:
Tuesday, 26 February, 2019
Youtube

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

अनुचित कंटेंट दिखाने को लेकर ‘यूट्यूब’ (YouTube) एक बार फिर विवादों में घिर गया है। हालांकि, ‘यूट्यूब’ पर पहले भी इस तरह के आरोप लगते रहे हैं और इसे तमाम तरह की परेशानियों का सामना भी करना पड़ा है। ताजा मामला एक विडियो को लेकर है, जिसमें एक लोकप्रिय यूट्यूबर ऐसा विडियो दिखा रहा है, जिसमें बच्चों को लेकर आपत्तिजनक कमेंट्स शामिल हैं।   

इस तरह का मामला सामने आते ही कई बड़े एडवर्टाइजर्स ने ‘यूट्यूब’ से दूरी बना ली है और अपने विज्ञापन हटा लिए हैं। इनमें ‘AT&T’ और ‘नेस्ले’ जैसी कंपनियां शामिल हैं। इस बारे में यूट्यूब ने कहा है कि इस बारे में उसने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस तरह के कंटेंट को और कुछ अन्य विडियो को भी हटा दिया है। इसके साथ ही उसने ‘नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लोइटेड चिल्ड्रन’ (National Center for Missing and Exploited Children) से मामले की शिकायत भी की है।

इसके अलावा यूट्यूब ने अपने बड़े एडवर्टाइजिंग पार्टनर्स को बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक नोट भी भेजा है, जिसमें इस मामले में अतिरिक्त सावधानी बरतने का वादा भी किया है।

‘नेस्ले’ और अन्य एडवर्टाइजर्स का कहना है कि उन्होंने ‘यूट्यूब’ पर फिलहाल अपने विज्ञापन रोक दिए हैं, ताकि इन मुद्दों पर कार्रवाई हो सके। वहीं, ‘AT&T’ का कहना है, ‘जब तक हमारे ब्रैंड को किसी भी तरह के अनुचित कंटेंट से पूरी तरह सुरक्षा नहीं मिल जाती, हम यूट्यूब पर अपने विज्ञापन नहीं दिखाएंगे।’

गौरतलब है कि यूट्यूब को इससे पहले भी एडवर्टाइजर्स द्वारा बहिष्कार का सामना करना पड़ा है। वर्ष 2017 की शुरुआत में भी एडवर्टाइजर्स ने इससे दूरी बना ली थी। इसके बाद से यूट्यूब ने अपनी साइट पर आपत्तिजनक कमेंट्स और विडियो से निपटने के लेकर तमाम कवायद की हैं और ज्यादा से ज्यादा पारदर्शी होने का प्रयास किया है।

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आपको नहीं पसंद टीवी पर कोई विज्ञापन, सरकार ने दी ये 'ताकत'

कई बार टीवी देखते समय ऐसे विज्ञापन आ जाते हैं, जो...

Samachar4media Bureau by Samachar4media Bureau
Published - Saturday, 26 January, 2019
Last Modified:
Saturday, 26 January, 2019
Channel

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

कई बार टीवी देखते समय ऐसे विज्ञापन आ जाते हैं, जो आपत्तिजनक होते हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में दर्शक इनकी शिकायत नहीं कर पाते हैं और वे ऐसे विज्ञापनों को देखने के लिए मजबूर होते हैं।

दर्शकों की इसी परेशानी को समझते हुए सरकार ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सभी टीवी चैनलों को स्क्रीन के नीचे एक पट्टी (scroll) चलाने को कहा है, जिसके आधार पर वे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। सरकार ने यह दिशा-निर्देश 'ऐडवर्टाइजिंग स्‍टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया' (ASCI) के सेल्फ रेगुलेटरी मैकेनिज्म को बढ़ावा देने के लिए दिए हैं।

इन दिशा-निर्देशों में कहा गया है, ‘टीवी चैनलों पर प्रसारित होने वाले सभी कार्यक्रमों अथवा विज्ञापनों को केबल टेलिविजन नेटवर्क्स (रेगुलेशन) एक्ट 1995 के तहत प्रोग्राम और एडवर्टाइजिंग अधिनियम (Programme and Advertising Codes) का पालन करना अनिवार्य है। सभी टीवी चैनलों को केबल टेलिविजन नेटवर्क्स अधिनियम 1994 के नियम 7(9) के अनुसार ये दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनमें कहा गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी विज्ञापन को प्रसारित नहीं किया जाएगा।

‘ASCI`  की इस पहल के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करने और इस दिशा में तेजी से परिणाम हासिल करने के लिए सभी टीवी चैनलों को स्क्रीन पर एक स्क्रॉल ‘Objectionable ads? Complain to The Advertising Standards Council of lndia (ASCI) Call 7710012345 or ascionline.org’ चलाने की सलाह भी दी गई है।

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न्यूज18 इंडिया ने ऐसे बताया खुद को ‘नंबर 1’

हिंदी टीवी न्यूज में आजकल काफी प्रतिस्पर्धा है और ऐसे माहौल में प्राइम टाइम...

Samachar4media Bureau by Samachar4media Bureau
Published - Monday, 21 January, 2019
Last Modified:
Monday, 21 January, 2019
Samachar4media

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

हिंदी टीवी न्यूज में आजकल काफी प्रतिस्पर्धा है। ऐसे माहौल में प्राइम टाइम में अपनी स्थिति की मजबूती को बयां करने के लिए ‘न्यूज18 इंडिया’ ने एक कैंपेन लॉन्च किया है।

इसका कॉन्सेप्ट ‘आरके स्‍वामी बीबीडीओ’ (RK Swamy BBDO) का है और इसका निर्देशन राजेश साथी ने किया है। इस बारे में ‘नेटवर्क 18’ ग्रुप के ब्रैंड एडवाइजर राहुल कंसल का कहना है कि इस कैंपेन के जरिये ग्रुप ने हल्के-फुल्के अंदाज में अपनी स्थिति को बयां करने का प्रयास किया है।

इस कैंपेन को आप यहां देख सकते हैं-

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