सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने लीगल कंसल्टेंट के पद पर भर्ती के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख एक महीने बढ़ा दी है। अब इच्छुक उम्मीदवार 26 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।
मंत्रालय ने इस संबंध में 25 सितंबर 2026 को नोटिस जारी किया है। इससे पहले 27 अगस्त 2026 को जारी नोटिस में मंत्रालय के मुख्य सचिवालय में कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर 1 लीगल कंसल्टेंट की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे गए थे। मंत्रालय ने साफ किया है कि जिन उम्मीदवारों ने पहले ही आवेदन कर दिया है, उन्हें दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं है। बाकी सभी नियम और शर्तें पहले जारी किए गए 27 अगस्त के नोटिस के मुताबिक ही रहेंगी।
कौन कर सकता है आवेदन?
लीगल कंसल्टेंट के पद के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से एलएलबी या इसके बराबर की डिग्री होनी चाहिए। साथ ही उम्मीदवार एडवोकेट्स एक्ट, 1961 के तहत किसी स्टेट बार काउंसिल या बार काउंसिल ऑफ इंडिया में एडवोकेट के तौर पर रजिस्ट्रेशन के लिए योग्य होना चाहिए।
रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों के लिए किसी केंद्रीय सरकारी विभाग या मंत्रालय में असिस्टेंट लीगल एडवाइजर, डिप्टी लीगल एडवाइजर या इसके बराबर के कानूनी सलाहकार पद पर काम करने का अनुभव जरूरी है। आवेदन की आखिरी तारीख तक उम्मीदवार की उम्र 62 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
अन्य उम्मीदवारों के पास योग्यता हासिल करने के बाद केंद्रीय सरकारी विभागों या मंत्रालयों में कोर्ट केस संभालने और कानूनी सलाह से जुड़े काम का कम से कम 5 साल का अनुभव होना चाहिए। ऐसे उम्मीदवारों की उम्र आवेदन की आखिरी तारीख तक 50 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
उम्मीदवार के पास अच्छी मौखिक और लिखित कम्युनिकेशन और प्रेजेंटेशन स्किल होनी चाहिए। साथ ही उसमें पहल करने की क्षमता, आत्मविश्वास, ईमानदारी, रचनात्मक सोच और विश्लेषण करने की क्षमता होनी चाहिए और वह टीम के साथ काम करने में सक्षम होना चाहिए।
70 हजार रुपये तक मासिक पारिश्रमिक
रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों को पारिश्रमिक वित्त मंत्रालय के 9 दिसंबर 2020 के दिशानिर्देशों के अनुसार दिया जाएगा। अन्य उम्मीदवारों के लिए 70,000 रुपये प्रति माह का तय पारिश्रमिक दिया जाएगा।
लीगल कंसल्टेंट की नियुक्ति शुरुआत में एक साल के लिए होगी। कामकाज और मंत्रालय की जरूरत के आधार पर इसे बढ़ाया या कम किया जा सकता है। हालांकि, नियुक्ति की अधिकतम अवधि 3 साल तक होगी।नइस पद पर महंगाई भत्ता, सरकारी आवासीय टेलीफोन, ट्रांसपोर्ट सुविधा या ट्रांसपोर्ट अलाउंस, हाउस रेंट अलाउंस, सीजीएचएस और मेडिकल खर्च की भरपाई जैसी सुविधाएं नहीं मिलेंगी।
एक कैलेंडर वर्ष में 18 दिन की छुट्टी मिलेगी। छुट्टी का हिसाब ज्वाइन करने की तारीख से प्रो-राटा आधार पर होगा। इस्तेमाल नहीं की गई छुट्टी अगले साल आगे नहीं बढ़ाई जा सकेगी और न ही उसके बदले पैसे मिलेंगे। कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने के लिए दोनों में से कोई भी पक्ष एक महीने का नोटिस या एक महीने की सैलरी, जैसा लागू हो, देकर नियुक्ति समाप्त कर सकता है।
दिल्ली होगी तैनाती की जगह
लीगल कंसल्टेंट का मुख्यालय नई दिल्ली होगा। रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों को यात्रा भत्ता और दैनिक भत्ता रिटायरमेंट के समय उनके लागू अधिकारों के अनुसार मिलेगा। अन्य उम्मीदवारों को सरकारी काम से देश के अंदर यात्रा के लिए सामान्य नियमों के तहत डिप्टी सेक्रेटरी/डायरेक्टर स्तर के अधिकारी के मुताबिक टीए/डीए दिया जाएगा। इसके अलावा कोई अन्य लाभ नहीं मिलेगा।
लीगल कंसल्टेंट को नियुक्ति के दौरान और नियुक्ति खत्म होने के बाद भी इंडियन ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, 1923 के प्रावधानों का पालन करना होगा।
क्या होगा काम?
लीगल कंसल्टेंट की प्रमुख जिम्मेदारियों में मंत्रालय के सामने आने वाले कानूनी मामलों पर कानूनी राय देना शामिल है। इसके अलावा मंत्रालय के खिलाफ दाखिल ओए, रिट पिटीशन, एसएलपी और पीआईएल पर पैरावाइज कमेंट तैयार कर सक्षम अधिकारी की मंजूरी के बाद संबंधित स्टैंडिंग काउंसिल को भेजना होगा, ताकि काउंटर एफिडेविट तैयार किया जा सके।
काउंसिल की ओर से मिले काउंटर एफिडेविट की पैरावाइज कमेंट के आधार पर जांच भी करनी होगी। इसके अलावा मंत्रालय में लंबित कोर्ट केस का रजिस्टर बनाए रखना, इन मामलों की निगरानी करना और सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद रहना भी जिम्मेदारी में शामिल होगा। मंत्रालय की ओर से समय-समय पर सौंपे जाने वाले अन्य कानूनी काम भी करने होंगे।
नोटिस के मुताबिक, उम्मीदवार का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना जरूरी है। वह किसी लंबित जांच में आरोपी अधिकारी नहीं होना चाहिए और उसकी ईमानदारी पर कोई सवाल नहीं होना चाहिए।
ऐसे होगा चयन
यह नियुक्ति पूरी तरह कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर होगी। प्राप्त आवेदनों में उम्मीदवार की योग्यता और अनुभव के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग की जाएगी। शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों में से चयन के लिए मंत्रालय की ओर से स्क्रीनिंग-कम-सेलेक्शन कमेटी बनाई जाएगी। कमेटी का फैसला अंतिम और सभी संबंधित पक्षों के लिए बाध्यकारी होगा।
इच्छुक उम्मीदवार मंत्रालय की ओर से दिए गए Google Form के जरिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की आखिरी तारीख 26 अक्टूबर 2026 है।
उम्मीदवारों को जरूरी दस्तावेजों के साथ No Conflict of Interest का एफिडेविट भी जमा करना होगा। मंत्रालय को बिना कोई कारण बताए किसी भी आवेदन को खारिज करने का अधिकार होगा।