विवेक कुमार पत्रकार, स्क्रिप्टराइटर, नाटककार, निर्देशक ओम पुरी चले गए. अपने घर में मरे पड़े मिले. नितांत अकेले. इतना खरा आदमी था कि मौत में बीमारी या दर्द की मिलावट नहीं की. ऐसे आदमी को कैसे याद किया जा सकता है, शायद उनकी बुरी फिल्में देख कर.ओम पुरी एक भरोसे का नाम थे. भरोसा कि बदशक्ल इंसान पर्दे पर अच्छा लग सकता
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समाचार4मीडिया ब्यूरो