वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार का सवाल- क्या पत्रकारों की विश्वसनीयता कठघरे में है?

‘अमेरिका में प्रेस के संवैधानिक अधिकार भारत से कहीं ज्यादा और बेहतर हैं। अमेरिकी मीडिया को लेकर कोई आदर्श या स्वर्ण युग टाइप धारणा नहीं रखनी चाहिए। उनकी भी कमियां रही हैं। भारत में भी आम लोग खूब पूछते हैं कि मीडिया सरकार से डर गया है, क्या सरकार मीडिया को डरा रही है, क्या पत्रकार बिक गया है, फलां चमचा है, पत्रकारों क

Last Modified:
Friday, 20 January, 2017
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‘अमेरिका में प्रेस के संवैधानिक अधिकार भारत से कहीं ज्यादा और बेहतर हैं। अमेरिकी मीडिया को लेकर कोई आदर्श या स्वर्ण युग टाइप धारणा नहीं रखनी चाहिए। उन...
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