दस लाख रुपए देकर पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे छात्रों को वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार का संदेश...

<p style="text-align: justify;">'अगर आप पत्रकारिता के कोर्स में कोई फैक्ट्री समझ कर आए हैं तो प्लीज एक काम कीजिए। मुझसे कभी न मिलिये। कभी मिल भी जाइये तो मुंह फेर के चले जाइये। तल्खी से इसलिए कह रहा हूं कि आपको बात समझ आए। इतनी नौकरियां नहीं हैं। अगर होती तो तमाम जगहों पर कैंपस सलेक्शन हो रहे होते। दो चार की संख्या में भर्ती निकलती है। अगर नौकरी पा

Last Modified:
Saturday, 16 July, 2016
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'अगर आप पत्रकारिता के कोर्स में कोई फैक्ट्री समझ कर आए हैं तो प्लीज एक काम कीजिए। मुझसे कभी न मिलिये। कभी मिल भी जाइये तो मुंह फेर के चले जाइये। तल्खी...
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