‘अखबारों और वेबसाइटों की रिपोर्टें वॉट्सऐप संदेशों जैसी लगने लगी हैं। अपुष्ट सूचनाएं फैला कर किसी को भी भ्रष्ट, देश-द्रोही, साम्प्रदायिक, चरित्रहीन वगैरह-वगैरह साबित किया जा रहा है।’ अपने ब्लॉग ‘जिज्ञासा’ के जरिए ये कहना है वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद जोशी का। उनका पूरा ब्लॉग आप यहां पढ़ सकते हैं:
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समाचार4मीडिया ब्यूरो