‘यदि पाकिस्तान के कारण चीन हमारा विरोध करता रहता तो वह बात समझ में आ सकती थी। लेकिन आश्चर्य है कि ‘ब्रिक्स’ में हमारे साथी दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील ने भी हमारा विरोध किया। हमारी विदेश नीति को लगी यह जबर्दस्त ठोकर है। इस ठोकर से ही हम कुछ सीखें।’ हिंदी दैनिक अखबार नया इंडिया में छपे अपने आलेख के जरिए ये कहना है वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वैदिक का। उनका पूर
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समाचार4मीडिया ब्यूरो