‘चौथी दुनिया’ ने उठाया सवाल, यूपी में मुसलमानों का मज़ाक़ क्यों...?

‘अखिलेश सरकार ने उर्दू अरबी और फारसी भाषाओं की जड़ें उत्तर प्रदेश में मजबूत नहीं होने दीं। अल्पसंख्यक विभाग की इस्लामिक शोध से जुड़ी संस्था की जमीन और इमारत आजम खान की निजी संस्था को कौड़ियों के मोल लीज पर दे दी गई लेकिन लखनऊ के ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती उर्दू अरबी फारसी विश्‍वविद्यालय का कबाड़ा कर दिया गया।’ साप्त

Last Modified:
Tuesday, 23 August, 2016
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‘अखिलेश सरकार ने उर्दू अरबी और फारसी भाषाओं की जड़ें उत्तर प्रदेश में मजबूत नहीं होने दीं। अल्पसंख्यक विभाग की इस्लामिक शोध से जुड़ी संस्था की जमीन और इ...
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