तरुण वत्स ।। पत्रकारिता आजकल ‘आलोचनात्मक’ हो गयी है। आप सरकार की आलोचना कर लेते हैं तो आप पत्रकार हैं और नहीं कर पाते हैं तो “भैया, कैसे पत्रकार हो?” नया शब्द चला है ‘दलाल’, मतलब पत्रकारों को ‘दलाल’ या ‘चट्टू’ कहने का। पहले ही मान लेता हूं कि हां भैया, इस पेशे के लोगों की वजह से ही ये नाम रख दिया गया है लेकिन बहुत से अभी भी ऐसे
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समाचार4मीडिया ब्यूरो