‘हमारी सरकार को सिर्फ गोली के सहारे नहीं रहना चाहिए। उसे बोली का सहारा भी लेना चाहिए। वह हुर्रियतवालों से बात करे, पाकिस्तानपरस्तों से संवाद करे, गुस्साए नौजवानों से बात करे और पाकिस्तान की फौज व सरकार से दो-टूक बात करे। कश्मीर से कतराए नहीं।’ हिंदी दैनिक अखबार नया इंडिया में छपे अपने आलेख के जरिए ये कहना है वरिष्ठ प
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो