‘संविधान अपनी जगह है। उसे आप संभालकर रखें लेकिन उसे हर बात में घसीटने की क्या जरुरत है? क्या आप अपने बच्चों से बात करते वक्त कानून या संविधान की दुहाई देते हैं? सारा दक्षिण एशिया हमारा परिवार है। भारतमाता की संतान है। उसके लोगों से बात करने में हम किस-किस संविधान को कब-कब ढोते रहेंगे?’ हिंदी दैनिक अखबार नया इंडिया म
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समाचार4मीडिया ब्यूरो