<p style="text-align: justify;">'किसी को नहीं पता कि जांच एजेंसियां कुछ मामलों में सुस्ती और कुछ में तेजी क्यों दिखाती है उसी तरह यह भी अज्ञात है कि अदालतें और यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट भी ऐसा क्यों करता है?' हिंदी अखबार दैनिक जागरण में प्रकाशित अपने आलेख के जरिए ये कहा वरिष्ठ पत्रकार व असोसिएट एडिटर राजीव सचान ने। उनका पूरा आलेख आप यहां पढ़ सकते है
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समाचार4मीडिया ब्यूरो