‘बलात्कार के मुकदमों को एक माह में ही खत्म किया जाए। यदि एक-दो हफ्ते में ही किया जाए तो बेहतर! अपराधियों को दिल्ली, लखनऊ या प्रांतीय राजधानियों में समारोहपूर्वक सूली पर लटकाया जाए और वह जीवंत दृश्य सभी चैनलों पर दिखाया जाए। बलात्कार तो हत्या से भी ज्यादा संगीन जुर्म है। हत्या किया हुआ आदमी बस एक बार मरता है लेकिन बला
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समाचार4मीडिया ब्यूरो