‘हरिद्वार की बात करें तो यहां रोज शाम को गंगा आरती होती है। हर आदमी गंगा की कसम खाता है कि वह गंगा को साफ रखेगा, गंगा में साबुन का इस्तेमाल नहीं करेगा, कपड़े धोएगा नहीं। लेकिन, सुबह होते ही लोग कसम भूल जाते हैं।’ हिंदी साप्ताहिक अखबार ‘चौथी दुनिया’ में छपे अपने आलेख के जरिए कहा
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समाचार4मीडिया ब्यूरो