हिंदी दैनिक अखबार नया इंडिया में छपे अपने आलेख के जरिए वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वैदिक ने दो ऐसे उदाहरण पेश किए, जिन्होंने इंसानियत की एक मिशाल पेश की और दुनिया को बता दिया कि सच्चा मजहब इंसानियत में ही है। इंसानियत से बड़ा कोई मजहब नहीं। डॉ. वैदिक का पूरा आलेख आप यहां पढ़ सकते हैं:
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समाचार4मीडिया ब्यूरो