‘देश को गर्व करना चाहिए कि भारत में लोकतंत्र जिंदा ही नहीं है बल्कि दनदना रहा है। एशिया और अफ्रीका के कई देशों की तरह भारत में न संविधान बदला गया और न ही कोई फौजी तख्ता-पलट की नौबत आई। क्या इसका श्रेय हम कांग्रेस को नहीं देंगे?’ हिंदी दैनिक अखबार नया इंडिया में छपे अपने आलेख के जरिए ये कहना है वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वैदि
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समाचार4मीडिया ब्यूरो