‘मैं मानता हूं कि भारत, बांग्लादेश नहीं है। भारत दक्षेस का प्राण है। भारत के बिना दक्षेस क्या है? यदि आप चाहते हैं कि अगला दक्षेस सम्मेलन हो तो वित्तमंत्रियों की बैठक में जेटली को जरुर भेजा जाना चाहिए। वे जाएं और भारत का दृष्टिकोण जमकर पेश करें और पाक-नेताओं से खुलकर बात करें तो भारत की जनता उनके साथ होगी।’ हिंदी दैन
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो