रवीश कुमार का ब्लॉग: सवर्ण का गाली देना और दलित का गाली देना एक समान नहीं होता है

‘हाल के दिनों में गाली गलौज की भाषा को खूब बढ़ावा दिया गया है। उसकी प्रतिक्रिया में दूसरे लोग भी उसी प्रकार की भाषा बोल रहे हैं। खासकर महिला नेताओं के खिलाफ इस तरह की भाषा लगातार बोली जा रही है। कमजोर लोगों के खिलाफ ऐसी भाषा बोली जा रही है।’ अपने ब्लॉग ‘कस्बा’ के जरिए ये कहा वरिष्ठ टीवी पत्रकार रवीश कुमार ने। उनका पू

Last Modified:
Friday, 22 July, 2016
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‘हाल के दिनों में गाली गलौज की भाषा को खूब बढ़ावा दिया गया है। उसकी प्रतिक्रिया में दूसरे लोग भी उसी प्रकार की भाषा बोल रहे हैं। खासकर महिला नेताओं के...
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