दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को वरिष्ठ पत्रकार आलोक मेहता की खरी-खरी

आलोक मेहता प्रधान संपादक, आउटलुक (हिंदी) सरकारी लापरवाही और लालफीताशाही लगातार समाज को घाव देती रहती है। मेला-त्योहार नहीं गली-मोहल्ले में पतंगबाजी के लिए उपयोग होने वाले मांझे से दिल्ली में दो मासूम बच्चों की जान चली गई। मजबूती के नाम पर अब घर-आंगन में तैयारी करने के बजाय बाजार में खतरनाक पटाखों की तरह जानले

Last Modified:
Friday, 19 August, 2016
alokji and arvind kejriwal


आलोक मेहता प्रधान संपादक, आउटलुक (हिंदी) सरकारी लापरवाही और लालफीताशाही लगातार समाज को घाव देती रहती है। मेला-त्योहार नहीं गली-मोहल्ले में पतंगब...
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