जब मठाधीशी टूटती है, तो वही होता है जो आज भारतीय टेलिविजन में हो रहा है: रोहित सरदाना

रोहित सरदाना वरिष्ठ पत्रकार ।। किले दरक रहे हैं। तनाव बढ़ रहा है। पहले तनाव टीवी की रिपोर्टों तक सीमित रहता था। फिर एंकरिंग में संपादकीय घोल देने तक आ पहुंचा। जब उतने में भी बात नहीं बनी तो ट्विटर, फेसबुक, ब्लॉ

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 03 August, 2016
Last Modified:
Wednesday, 03 August, 2016
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रोहित सरदाना वरिष्ठ पत्रकार ।। किले दरक रहे हैं। तनाव बढ़ रहा है। पहले तनाव टीवी की रिपोर्टों तक सीमित रहता था। फिर एंकरिंग में संपादकीय घोल देने तक...
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