सुसाइड करने वाले सौमित को प्रियदर्शन की श्रद्धांजलि

‘यह बहुत अमानवीय व्यवस्था है जिसमें कोई भी संवेदनशील शख्स अपने-आप को मिसफिट पाता है। वह अपने लिए नए रास्ते खोजता है। सौमित भी ऐसा ही संवेदनशील शख्स था। वह नौकरियों के इस तंत्र में खप नहीं सका। उसने अपने लिए स्वायत्त व्यवस्था बनानी चाही। उसमें भी कामयाब नहीं रहा। इसके बाद जैसे वह एक अंधी गली में भटक गया। यह अंधी गली भ

Last Modified:
Friday, 08 July, 2016
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‘यह बहुत अमानवीय व्यवस्था है जिसमें कोई भी संवेदनशील शख्स अपने-आप को मिसफिट पाता है। वह अपने लिए नए रास्ते खोजता है। सौमित भी ऐसा ही संवेदनशील शख्स था...
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