इस पुस्तक की प्रस्तावना लिखते हुए श्री एम.जी.वैद्य ने कहा है- ‘वर्तमान पीढ़ी इस ‘यशस्वी भारत’ को पढ़े। उसमें व्यक्त किए गए विचारों पर विचार करे। संघ समझने का अर्थ संघ की अनुभूति है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो