होम / विचार मंच / कांग्रेस की मुसीबत की जड़ राहुल गांधी, पीएम मोदी नहीं: रजत शर्मा
कांग्रेस की मुसीबत की जड़ राहुल गांधी, पीएम मोदी नहीं: रजत शर्मा
राहुल गांधी ने कांग्रेस का घोषणापत्र जारी होने के बाद कहा था कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो पूरे देश में प्रॉपर्टी का सर्वे कराया जाएगा, ये पता लगाया जाएगा कि देश का धन किसके हाथ में है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
रजत शर्मा, इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर कांग्रेस की नीयत और नीति पर सवाल उठाया है। मोदी ने कहा है, कांग्रेस की नज़र आम लोगों की मेहनत की कमाई पर है, प्रॉपर्टी पर है, महिलाओं के मंगलसूत्र पर है। मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने इरादा जाहिर कर दिया है कि अगर वह सत्ता में आई तो लोगों के घरों, जायदाद, और गहनों का सर्वे कराएगी, फिर लोगों की कमाई कांग्रेस के पंजे में होगी।
मोदी के इस बयान से चुनावी कैंपेन की दशा और दिशा दोनों बदल गई। कांग्रेस के नेता मोदी की शिकायत लेकर सोमवार को चुनाव आयोग के पास पहुंच गए। कांग्रेस के नेता परेशान हैं। मोदी को चुनौती दे रहे हैं कि वो दिखाएं कि कांग्रेस के घोषणापत्र में कहां लिखा है कि लोगों की संपत्ति छीनकर घुसपैठियों को बांट दी जाएगी। कांग्रेस ने पूछा कि मोदी बताएं कि कांग्रेस के किस नेता ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनी तो संपत्ति का सर्वे कराया जाएगा और संपत्ति मुसलमानों में बांट दी जाएगी।
मोदी ने कहा कि कांग्रेस की नज़र देश की महिलाओं के गहनों पर है, माताओं-बहनों के मंगलसूत्र पर है, वो उसे छीन लेना चाहती है। मोदी ने कहा कि कांग्रेस के घोषणापत्र में उसके इरादे साफ-साफ लिखे है, कांग्रेस जानना चाहती है कि किसके पास कितनी जायदाद है, कितनी ज़मीन है, कितने मकान है, कितनी सैलरी है और बैंक में कितना फिक्स्ड डिपॉज़िट है। अगर कांग्रेस की सरकार आई तो लोगों के बैंक खातों में झांकेगी, लॉकर खंगालेगी, ज़मीन-जायदाद का पता लगाएगी और फिर सबकुछ छीनकर, उस पर कब्जा करके उसे पब्लिक के बीच बांट देगी।
मोदी ने जिस तरह से कांग्रेस को घेरा और जिस मुद्दे पर घेरा, उसकी कल्पना कांग्रेस के नेताओं को नहीं थी, इसलिए परेशानी तो दिख रही है, लेकिन जवाब नहीं मिल रहा। कांग्रेस के नेता बस इतना कह रहे हैं कि मोदी कांग्रेस के घोषणापत्र को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं, इसलिए अब कांग्रेस के कार्यकर्ता प्रधानमंत्री को कांग्रेस के घोषणापत्र की कॉपी डाक के जरिए भेजेंगे।
अब सवाल ये है कि आखिर मोदी ने जो बात कही, उसका आधार क्या है? तो मैं आपको बता दूं कि मोदी को ये मौका राहुल गांधी ने दिया है। कांग्रेस की मुसीबत की जड़ राहुल गांधी हैं। राहुल गांधी ने कांग्रेस का घोषणापत्र जारी होने के बाद हैदराबाद में एक रैली में कहा था कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो पूरे देश में प्रॉपर्टी का सर्वे कराया जाएगा, ये पता लगाया जाएगा कि देश का धन किसके हाथ में है और मजे की बात ये है कि राहुल गांधी के इस बयान का वीडियो खुद कांग्रेस की तरफ से जारी किया गया था।
राहुल ने जो कहा वो उनके ऊपर वामपंथी विचारधारा का असर है। ये कम्यूनिस्टों की सोच है। एक जमाने में कम्यूनिस्ट देशों में ये होता था, जहां प्रॉपर्टी का सर्वे होता था और जायदाद छीन ली जाती थी। और मोदी ने जो कहा वो बीजेपी की विचारधारा है। वो मानते हैं कि कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति करती है, वोट के लिए मुसलमानों को खुश करना चाहती है।
कांग्रेस अबतक ये कह रही थी कि मोदी लोकतंत्र को खत्म कर देंगे, संविधान को समाप्त कर देंगे और मोदी को इन आरोपों की सफाई देनी पड़ रही थी। अब मामला बिलकुल उलट गया। अब मोदी आक्रामक मुद्रा में हैं, और कांग्रेस पूरी तरह बचाव की मुद्रा में है। उसे बार-बार सफाई देनी पड़ रही है कि घोषणापत्र में ऐसा कुछ नहीं है लेकिन कांग्रेस की समस्या ये है कि राहुल गांधी ने ये बातें सार्वजनिक रूप से कहीं हैं।
एक बार नहीं, कई-कई बार कही हैं। कांग्रेस ने राहुल गांधी के इस बयान को रिकॉर्ड से मिटाने की कोशिश की थी लेकिन डिजिटल इंडिया के जमाने में ये संभव नहीं हो पाया। कांग्रेस के लिए राहत की बात सिर्फ इतनी हो सकती है कि मोदी के इस बयान को मुद्दा बनाने में मोदी विरोधी मोर्चे के सारे नेता एकजुट हो गए। जो कांग्रेस के साथ नहीं हैं वो भी मैदान में उतर गए।
(यह लेखक के निजी विचार हैं )
टैग्स रजत शर्मा ब्लॉग रजत शर्मा ब्लॉग राहुल गांधी रजत शर्मा ब्लॉग नरेंद्र मोदी