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टैरिफ से अमेरिका पर मंदी का खतरा? पढ़ें इस सप्ताह का 'हिसाब किताब'
ट्रंप ने टैरिफ लगाने का फैसला अचानक नहीं लिया है। पहली टर्म में भी उन्होंने इसका इस्तेमाल किया था और दूसरे टर्म के प्रचार के दौरान बार बार कहा कि 20 जनवरी को राष्ट्रपति बनते ही टैरिफ लगा दूंगा।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 11 months ago
मिलिंद खांडेकर, वरिष्ठ पत्रकार।
डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका का राष्ट्रपति बनकर अभी 50 दिन ही हुए हैं, लेकिन इतने कम समय में उन्होंने चीजें उलट पुलट कर दी है। उनके फैसलों के केंद्र में है टैरिफ। यह एक ऐसा टैक्स है जो सरकार अपने देश में आने वाले सामान पर लगाती है। ट्रंप अमेरिका में सामान बेचने वाले हर देश पर टैरिफ लगाना चाहते हैं ताकि व्यापार घाटा कम किया जा सकें। टैरिफ टैरिफ उन्होंने इतना खेल लिया है कि अब अमेरिका में मंदी की आशंका जताई जा रही है। इसी कारण शेयर बाजार में भी गिरावट आयी है।
ट्रंप ने टैरिफ लगाने का फैसला अचानक नहीं लिया है। पहली टर्म में भी उन्होंने इसका इस्तेमाल किया था और दूसरे टर्म के प्रचार के दौरान बार बार कहा कि 20 जनवरी को राष्ट्रपति बनते ही टैरिफ लगा दूंगा। अब तक चीन, कनाडा और मैक्सिको पर टैक्स लगा चुके हैं। सभी देशों से आने वाले स्टील , एलुमिनियम पर टैरिफ लगा दिया है। अगले महीने से सभी देशों पर Reciprocal टैरिफ लगाने जा रहे हैं यानी जो देश अमेरिका के सामान पर जितना टैरिफ लगाता है अमेरिका भी उस पर उतना ही टैरिफ लगा देगा। भारत भी इसकी चपेट में आ सकता है।
टैरिफ लगाने के पीछे ट्रंप की तर्क है MAGA यानी Make America Great Again, वो चाहते हैं कि दूसरे देशों की कंपनियां अमेरिका में ही सामान बनाएं। इससे अमेरिका की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। लोगों को रोजगार मिलेगा। टैरिफ लगाकर वो सरकार की आमदनी बढ़ाना चाहते हैं। इस बढ़ी हुई आमदनी से वो लोगों को इनकम टैक्स में छूट देना चाहते हैं। हालाँकि गणित इसके पक्ष में नहीं है। अमेरिका सरकार की $100 कमाई में से $1.20 ही टैरिफ से आते हैं। जानकारों को संदेह है कि टैरिफ बढ़ाने से इतनी कमाई हो जाएगी कि इनकम टैक्स में कटौती की जा सकें।
टैरिफ का खेल उल्टा पड़ने लग गया है। अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट आई है। S&P 500 में 4% और NASDAQ में 8% की गिरावट आ चुकी है। बाजार को चिंता है कि कहीं मंदी नहीं आ जाएं। HSBC, Citi, Goldman Sachs ने अमेरिका में मंदी की आशंका को बढ़ा दिया हैं। बाजार की चिंता महंगाई को लेकर भी है। टैरिफ लगाने से दाम बढ़ेंगे, महंगाई बढ़ेगी तो फेड रिजर्व ब्याज दरों में कटौती की रफ्तार धीमी कर सकता है। इसका असर आगे चलकर ग्रोथ पर पड़ सकता है। हालाँकि ताजा आँकड़ों में अमेरिका में महंगाई की दर कम हुई है।
ट्रंप को शेयर बाजार के ऊपर नीचे जाने की चिंता रहती है। उन्हें लोकप्रियता का प्रमाण लगता रहा है, लेकिन अब वो कह रहे हैं कि संक्रमण काल है। चीन एक सदी के बारे में सोचता है हम क्वार्टर (तिमाही) के बारे में। यही सपना बेचकर ट्रंप अपनी नीतियों को फिलहाल लागू कर रहे हैं, लेकिन यह उलटी पड़ी तो खामियाजा सबको झेलना पड़ेगा।
( यह लेखक के निजी विचार हैं )
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