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जानी-मानीं ज्योतिषी नंदिता पांडेय ने ‘श्रीमां’ की इन बातों को किया याद, यूं दी श्रद्धांजलि
टाइम्स समूह’ (The Times Group) की चेयरपर्सन और देश की जानी-मानी मीडिया शख्सियत इंदु जैन का निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
‘टाइम्स समूह’ (The Times Group) की चेयरपर्सन और देश की जानी-मानी मीडिया शख्सियत इंदु जैन के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है। बता दें कि कोरोना के संक्रमण की चपेट में आकर गुरुवार की देर शाम इंदु जैन का निधन हो गया था। 84 वर्षीय इंदु जैन कुछ दिनों से अस्पताल में भर्ती थीं। इंदु जैन के निधन पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जानी-मानी सेलेब्रिटी एस्ट्रोलॉजर, लाइफ कोच, वास्तु/अंकशास्त्री, एनर्जी हीलर और टैरो कार्ड रीडर नंदिता पांडेय ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनसे जुड़ी यादों को हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘एक्सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) के साथ साझा किया है।
नंदिता पांडेय का कहना है कि हम दोनों में उम्र का अंतर होने के बावजूद काफी अच्छी बॉन्डिंग थी। वह प्यार से मुझे ‘मेरी सहेली’ (Meri Saheli) कहती थीं। पहली बार मैं जब इंदु जैन जी से मिली, जिन्हें प्यार से सब 'श्रीमां' कहते थे, तो उनके चारों ओर के आभामंडल को देखकर मैं चकित रह गई थी। यह आभामंडल ऐसा लगा था कि जैसे लेडी बुद्ध ने अपने चारों ओर प्रकाश के साथ कमरे में प्रवेश किया हो।
एक बार आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर जी लंच के लिए उनके निवास स्थान पर पधारे थे, तब उन्होंने मुझे कॉल कर कहा था कि तुम भी क्यों नहीं आकर हमारे साथ लंच कर लेती हो।
यह एक ऐसा आमंत्रण था, जिसे शायद ही कोई अस्वीकार करना चाहेगा, लेकिन मुझे मजबूरन इनकार करना पड़ा, क्योंकि मैं अपने एक मित्र के साथ बैठी थी, जिसे मैंने अपने घर लंच पर बुलाया था। इसके बाद मेरे कुछ अपॉइंटमेंट यूके के कुछ क्लाइंट्स के साथ थे, जो सिर्फ मुझसे मिलने के लिए यहां आए थे। मुझे नहीं पता कि मैंने गलत किया या सही, लेकिन इसके बाद हमारे संबंध और मजबूत हो गए। जब मैं अगली बार उनसे मिली तो उन्होंने मुस्कुराते हुए मुझसे बात की और कहा कि जो व्यक्ति अपने कर्मों के लिए प्रतिबद्ध है, वह सबसे ज्यादा प्रबुद्ध (enlightened) है। मैं उनकी उदारता से काफी प्रभावित थी।
एक बार वह परिवार के किसी सदस्य के लिए घर की तलाश कर रही थीं और मैं घर का वास्तु देख रही थी। उनकी लीगल टीम मेरे साथ काम करने से असहज हो गई, क्योंकि मैंने उनके द्वारा सलेक्ट की गईं अधिकांश संपत्तियों को रिजेक्ट कर दिया। आखिरकार उन्होंने एक नया वास्तु सलाहकार तलाश लिया, लेकिन इंदु जी ने एक नहीं सुनी और स्पष्ट कह दिया कि पहले मैं अपनी सहेली से पूछूंगी और उसके बाद फैसला लूंगा। मुझ पर उनका इतना ज्यादा भरोसा था।
एक शाम की बात है, जब हम दोनों की मुलाकात हुई तो उन्होंने मुझे एक कॉफी टेबल बुक दी। यहा ‘स्पीकिंग ट्री विजडम’ (Speaking Tree wisdom) का संग्रह थी। जैसे ही मैंने इसे हाथ में लिया, वह क्षण रुक सा गया। यह गोधूलि की बेला यानी शाम का समय था और अचानक पूरे घर में शंखनाद गूंजने लगा, जो करीब पांच मिनट तक चला। यह भगवान का आशीर्वाद था। एक तो आध्यात्मिक रूप से समृद्ध विचारों का सुंदर संग्रह मुझे स्वयं एक पुण्य आत्मा द्वारा दिया जा रहा था और पृष्ठभूमि में शंख की ध्वनि (शंखनाद) गूंज रही थी, इससे ज्यादा और मुझे क्या चाहिए था।
श्रीमां एक पवित्र आत्मा थीं, जो कभी नहीं चाहती थीं कि कोई उनके निधन पर शोक करे। उन्होंने हमेशा मृत्यु को उत्सव का क्षण माना। श्रीमां, मैंने अपने तरीके से परमात्मा में आपके विलय का जश्न मनाया है। मैंने ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पेटिंग तैयार की है, जो मुझे आपकी याद दिलाती है। आपके लिए यह मेरी श्रद्धांजलि है। टाइम्स ग्रुप के साथ मेरी बॉन्डिंग उस तरह कभी नहीं होगी, जैसी आपके साथ थी। हमेशा आपकी याद आएगी। ओउम शांति।
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