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‘रवीश कुमार सर, जहां रहेंगे चमक बिखेरते रहेंगे’

कल रात इस्तीफे के बाद से रवीश कुमार सर के बारे में इतनी बातें दिमाग के फ्लैशबैक में चल रही हैं कि सबकुछ कई बार गड्डमड्ड् हो जा रहा है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago

कल रात इस्तीफे के बाद से रवीश कुमार सर के बारे में इतनी बातें दिमाग के फ्लैशबैक में चल रही हैं कि सबकुछ कई बार गड्डमड्ड् हो जा रहा है। अब तक जो कुछ भी मीडिया करियर में किया या करने की कोशिश कर रहा हूं, उसमें उनका बहुत बड़ा योगदान रहा है।

एक बॉस से बढ़कर वो मेरे लिए एक मार्गदर्शक हैं। कई बार उनसे डांट खाई, बहुत से मौके पर सराहना भी। हर बार जब कंधे पर हाथ रखते तो अपने आप को बहुत जिम्मेदार होने का अहसास बस ऐसे ही हो जाता था।

रवीश कुमार के विचारों से आप सहमत या असहमत हो सकते हैं। उनको प्यार करने वालों की भी बहुत बड़ी तादात है और नफरत करने वालों की भी। लेकिन लोकप्रियता के शिखर पर होने के बावजूद उनकी ईमानदारी, उनकी लेखनशैली, बोलने का अंदाज, उनकी समझदारी और उनके साफ चरित्र पर किसी को रंच मात्र भी शक नहीं होना चाहिए। ये बात 20 साल से जान-पहचान के आधार पर पूरी जिम्मेदारी से लिख रहा हूं।

खैर, कभी सोचा नहीं था कि NDTV और रवीश कुमार अलग होंगे। कभी सोचा नहीं था कि उनके इस्तीफे पर लिखना पड़ेगा, कभी सोचा नहीं था कि हमारी पीढ़ी इस पल का भी गवाह बनेगी। लेकिन जिंदगी यही है...। रवीश कुमार सर, जहां रहेंगे चमक बिखेरते रहेंगे। गांव गिंराव और अभावों में पले गरीब युवाओं को प्रभावित करते रहेंगे। फिर मिलेंगे संघर्ष के तूफानों में...

(एनडीटीवी में सीनियर स्पेशल करेसपॉन्डेंट रवीश शुक्ला की फेसबुक पोस्ट से साभार)


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