'सुरक्षा तंत्र की जासूसी को मीडिया की आजादी से जोड़ना अपराध'

मीडिया की आजादी और उसकी आत्म अनुशासन-आचार संहिता, संवैधानिक संरक्षण पर निरंतर जागरूकता निश्चित रूप से आवश्यक है। लेकिन भारत के सुरक्षा तंत्र की जासूसी पर नजर तथा कठोर कानून भी बहुत जरूरी हैं।

आलोक मेहता by
Published - Monday, 12 June, 2023
Last Modified:
Monday, 12 June, 2023
Alok Mehta


आलोक मेहता, वरिष्ठ पत्रकार।। बचपन से हम सब सुनते रहे हैं- 'जाने किस भेष में मिल जाएं भगवान' या 'पता नहीं किस भेष में आ जाए दानव रावण...
Read More
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए