मीडिया की आजादी और उसकी आत्म अनुशासन-आचार संहिता, संवैधानिक संरक्षण पर निरंतर जागरूकता निश्चित रूप से आवश्यक है। लेकिन भारत के सुरक्षा तंत्र की जासूसी पर नजर तथा कठोर कानून भी बहुत जरूरी हैं।
by
आलोक मेहता