गणतंत्र की जयकार के साथ संविधान की चिंता भी जरुरी : आलोक मेहता

पिछले वर्षों के दौरान भारतीय गणतंत्र फला फूला है। बड़े बड़े राजनीतिक तूफान झेलने के बावजूद इसकी जड़ें कमजोर नहीं हुई है। अब हम 77 वां गणतंत्र दिवस गौरव के साथ मना रहे हैं।

Last Modified:
Monday, 26 January, 2026
aalokmehta


आलोक मेहता, पद्मश्री, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक। भारतीय सन्दर्भ में गणतंत्र का उल्लेख रामराज्य के रूप में होता है। आदर्श गणतंत्र जहाँ सबको आगे बढ़ने और स्व...
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