होम / विचार मंच / डिजिटल युग में हिंदी मीडिया के समक्ष अवसर और चुनौतियां: प्रो. (डॉ.) के जी सुरेश

डिजिटल युग में हिंदी मीडिया के समक्ष अवसर और चुनौतियां: प्रो. (डॉ.) के जी सुरेश

डिजिटल युग में हिंदी मीडिया अपनी  महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। आज विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर डिजिटल युग में हिंदी मीडिया के समक्ष अवसर और चुनौतियां की समीक्षा करना उचित होगा।

विकास सक्सेना 1 year ago

प्रो. (डॉ.) के जी सुरेश ।।

डिजिटल युग में हिंदी मीडिया अपनी  महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। आज विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर डिजिटल युग में हिंदी मीडिया के समक्ष अवसर और चुनौतियां की समीक्षा करना उचित होगा। वर्तमान में हिंदी में प्रमुख समाचार पत्रों समेत कई ऑनलाइन समाचार पोर्टल हैं तो दूसरी और हिंदी मीडिया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी सक्रिय है, जैसे कि फेसबुक, ट्विटर, और यूट्यूब। कई हिंदी समाचार पत्र और चैनल अपने मोबाइल ऐप्स भी सफलतापूर्वक चला रहे हैं, जिससे पाठकों को ताज़ा खबरें और अपडेट्स मिलते हैं।

हिंदी के पाठकों, श्रोताओं और दर्शकों के बदलते प्रौद्योगिकी की दिशा में सकारात्मक रुझान इसी बात से स्पष्ट होता है कि हिंदी में पॉडकास्ट की लोकप्रियता बढ़ रही है, जिसमें विभिन्न विषयों पर चर्चा और विश्लेषण किया जाता है। यही नहीं, हिंदी मीडिया वीडियो कंटेंट पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिसमें समाचार, विश्लेषण, और मनोरंजन संबंधी वीडियो शामिल हैं। मगर हिंदी मीडिया की यह प्रगतिशील यात्रा निष्कंटक भी नहीं है। इसके समक्ष एक बड़ी चुनौती डिजिटल साक्षरता की कमी है, जिससे पाठकों को ऑनलाइन सामग्री तक पहुंचने में परेशानी होती है। साथ ही सोशल मीडिया पर झूठी खबरों और अफवाहों का फैलना एक बड़ी चुनौती है, जिससे हिंदी मीडिया की विश्वसनीयता पर असर पड़ रहा है। असामाजिक और राष्ट्र विरोधी तत्व छद्म समाचार और आख्यान के माध्यम से समाज में भ्रम और नफरत पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं । मीडिया साक्षरता के अभाव में यह निश्चित ही चिंता का विषय है।

प्रौद्योगिकी के लोकतांत्रिकरण और पाठकों, विशेष कर युवा पीढ़ी के बढ़ते हिंदी प्रेम के चलते, ऑनलाइन मीडिया में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, जिसके चलते हिंदी मीडिया को अपनी सामग्री और प्रस्तुति में सुधार करना पड़ रहा है। यह निश्चित ही पाठकों के दृष्टि से सकारात्मक है किंतु ऑनलाइन मीडिया के लिए वित्तीय संसाधन जुटाना एक बड़ी चुनौती बनकर उभर रही है, जिससे हिंदी मीडिया, विशेष कर लघु और मध्यम प्लेटफॉर्म्स को अपनी सामग्री और सेवाओं को बनाए रखने में परेशानी हो रही है। 

निश्चित ही वर्तमान परिस्थितियों बहुत सकारात्मक नहीं है लेकिन यह भी सत्य है की ऑनलाइन मीडिया में विज्ञापन राजस्व की संभावनाएं अधिक हैं, जिससे हिंदी मीडिया को अपनी आय बढ़ाने का अवसर मिलेगा। यही नहीं, हिंदी मीडिया को प्रायोजित सामग्री के माध्यम से आयb अर्जित करने का विकल्प तलाशने होंगे। पेड सामग्री की संभावनाएं भी अधिक हैं, जिससे हिंदी मीडिया अपनी आय बढ़ा सकती है। भारत में सब्सक्रिप्शन मॉडल बहुत ज्यादा सफल नहीं साबित हुआ है परंतु एमेजॉन, फ्लिपकार्ट जैसे ऐप्स की सफलता से यह साबित होता है कि हिंदी मीडिया ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के साथ एकीकरण करके आय अर्जित कर सकती है।

आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस और अन्य नवाचारों के माध्यम से ऑनलाइन मीडिया में डेटा विश्लेषण की संभावनाएं अधिक हैं, जिससे हिंदी मीडिया कम खर्चे में अपनी सामग्री और सेवाओं को बेहतर बना सकती हैं। प्रौद्योगिकी और सामग्री में विविधता की दृष्टि से निश्चित ही हिंदी डिजिटल मीडिया का भविष्य उज्जवल है लेकिन साथ ही अपने विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए उसे विशेष प्रयास करने होंगे। तभी हम अपने लोकतांत्रिक भूमिका सही अर्थों में निभा पायेंगे।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार और मीडिया गुरु हैं)


टैग्स प्रो. केजी सुरेश विश्व हिंदी दिवस
सम्बंधित खबरें

भविष्य को आकार देने की कोशिश कर रहा है भारत: राहुल कंवल

यदि कुछ समय के लिए राजनीति को अलग रख दें, तो एक बात स्पष्ट है। भारत की एआई रणनीति (AI strategy) की सफलता में हमारे सामूहिक भविष्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा निहित है।

9 hours ago

मधुसूदन आनंद हमेशा यादों में बने रहेंगे : अनिल जैन

आनंद जी ने जर्मनी में 'डायचे वेले' (द वाॅयस ऑफ जर्मनी) में कुछ सालों तक काम किया और वे 'वाॅयस ऑफ अमेरिका' के नई दिल्ली स्थित संवाददाता भी रहे।

1 day ago

प्रवक्ता, अहंकार और संवाद की संवेदनहीनता का सबक: नीरज बधवार

चूंकि समाज के अवचेतन में अंग्रेज़ी को लेकर एक हीन भावना मौजूद है, इसलिए जो व्यक्ति अंग्रेज़ी में प्रभावशाली ढंग से बोल लेता है, वह अक्सर खुद को विद्वान भी मान बैठता है।

1 day ago

समस्य़ाओं को हल करने के लिए हो एआई का इस्तेमाल: रजत शर्मा

मेरा यह मानना है कि सबसे ज़रूरी है, AI का इस्तेमाल रोज़मर्रा की जिंदगी में आने वाली समस्य़ाओं को हल करने के लिए हो। भारी भरकम शब्दों से इसे परिभाषित करके उससे डराया न जाए।

2 days ago

मैट शूमर के लेख का मतलब क्या है? पढ़िए इस सप्ताह का 'हिसाब किताब'

मैट ने सबको सलाह दी है कि हर रोज AI का इस्तेमाल गंभीरता से शुरू करें। ChatGPT , Gemini जैसे टूल को गूगल सर्च की तरह इस्तेमाल नहीं करें। उससे अपने रोजमर्रा के काम करवाए।

4 days ago


बड़ी खबरें

सिर्फ सत्ता नहीं, बदलाव की कहानी है ‘Revolutionary Raj’: आलोक मेहता

वरिष्ठ संपादक (पद्मश्री) और जाने-माने लेखक आलोक मेहता ने अपनी कॉफी टेबल बुक “Revolutionary Raj: Narendra Modi’s 25 Years” से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर समाचार4मीडिया से खास बातचीत की है।

23 hours ago

ENIL के प्रमोटर ढांचे में जल्द होगा बड़ा बदलाव, NCLT के बाद अब CCI की भी मंजूरी

एफएम चैनल ‘रेडियो मिर्ची’ का संचालन करने वाली कंपनी एंटरटेनमेंट नेटवर्क (इंडिया) लिमिटेड (ENIL) के कॉर्पोरेट ढांचे में बड़ा बदलाव अब लगभग अंतिम चरण में पहुंच गया है।

7 hours ago

Decode ने पूरे किए 200 एपिसोड: यूट्यूब व्यूज़ और सब्सक्राइबर में बना नंबर 1

डीडी न्यूज के प्राइम टाइम शो डिकोड विद सुधीर चौधरी ने 200 एपिसोड पूरे कर लिए हैं। यूट्यूब पर मिले कुल व्यूज़ में इसका योगदान 74 प्रतिशत और नए सब्सक्राइबर में 75 प्रतिशत रहा।

4 hours ago

AI में 10 लाख करोड़ का निवेश करेगी रिलायंस: मुकेश अंबानी

मुकेश अंबानी ने AI क्षेत्र में 10 लाख करोड़ रुपये निवेश का ऐलान किया। जियो सस्ता और सुलभ इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर बनाएगा, जिससे भारत को इंटेलिजेंस के नए युग से जोड़ने की तैयारी है।

9 hours ago

विशाखापट्टनम बनेगा गूगल का बड़ा AI हब, सुंदर पिचाई ने जताया भरोसा

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि विशाखापट्टनम एक दिन ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब बन जाएगा।

5 hours ago