सवाल उठता है कि क्या विदेशी ताकतें और जासूसी एजेंसियां अपने स्वार्थों के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों या उनसे जुड़े संगठनों को समय समय पर समर्थन कर रही हैं?
by
आलोक मेहता