दीपावली लंबे समय तक मुझे उदास करती थी। अमावस की यह रात घिरने से पहले से मुझे वे विंब और मुखड़े याद आने लगते, जो घोर दरिद्रता की चलती-फिरती मुनादी हुआ करते थे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो