भारतीय लोकतंत्र और युगपुरुष नेहरू का स्वप्निल संबंध: राजेश बादल

जो कौम अपने पुरखों को याद नहीं रखती, उसको संसार भी याद नहीं रखता। इसलिए लोकतंत्र का यह अध्याय अपने संस्कारों की नींव में महसूस करते रहना जरूरी है।

राजेश बादल by
Published - Friday, 17 November, 2023
Last Modified:
Friday, 17 November, 2023
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राजेश बादल, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और इतिहासकार।   पाँच प्रदेशों में चुनाव प्रक्रिया अब क़रीब क़रीब अंतिम चरण में है। इसके संपन्न होते ही लोकसभा च...
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