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क्या कांग्रेस मुसलमानों को संसाधनों पर पहला हक देना चाहती है: रजत शर्मा
ये सही है कि मोदी ने अपनी चुनावी सभा में खुलकर मुसलमानों का जिक्र किया पर वास्तव में मुसलमान शब्द का इस्तेमाल मोदी ने सिर्फ राजस्थान की रैली में किया था।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
रजत शर्मा, चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ, इंडिया टीवी।।
मुसलमानों को देश के संसाधनों में पहली प्राथमिकता देने के सवाल पर शुक्रवार को सोशल मीडिया पर बीजेपी ने 2009 का एक पुराना वीडियो जारी किया। इस वीडियो में उस समय के प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह मुबई की एक प्रेस कान्फ्रेन्स में ये कहते हुए दिखाये गये हैं कि अल्पसंख्यकों, खास कर गरीब मुसलमानों, का देश के संसाधनों पर पहला हक़ है।
अप्रैल 2009 में ये प्रेस कॉन्फ्रेंस उसी साल होने जा रहे लोकसभा चुनाव से पहले कराई गई थी। डॉक्टर मनमोहन सिंह प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट कह रहे हैं कि वह अभी भी ये राय रखते हैं कि देश के संसाधनों पर गरीब मुसलमानों का पहला हक है।
ये विवाद ऐसे समय पैदा हुआ है जब शुक्रवार को करोड़ों वोटरों ने दूसरे चरण में 88 चुनाव क्षेत्रों में मतदान किया। मोदी ने उत्तर प्रदेश की रैलियों में कहा कि दो शहजादों की जो जोड़ी आजकल घूम रही है, वो पिछड़ों का हक मारने के लिए निकली है, ये लोग पिछड़ों का आरक्षण छीन कर अपने खास वोट बैंक को देना चाहते हैं, लेकिन उनके इरादों के सामने मोदी दीवार बनकर खड़ा है, इसीलिए अब उन्हें गालियां दी जा रही हैं। मोदी ने कहा कि ये दोनों पिछड़ों के हक का आरक्षण छीनकर उसे अपने चहेतों को देना चाहते हैं, यहां अपने चहेतों का मतलब मुसलमानों से था।
ये सही है कि मोदी ने अपनी चुनावी सभा में खुलकर मुसलमानों का जिक्र किया पर वास्तव में मुसलमान शब्द का इस्तेमाल मोदी ने सिर्फ राजस्थान की रैली में किया था। इसके बाद मोदी बार-बार ये कह रहे हैं कि कांग्रेस पिछड़ों का आरक्षण छीन कर अपने चहेतों को देना चाहती है और वो कर्नाटक का उदाहरण दे रहे हैं।
कांग्रेस के नेता इस बात से तो इंकार नहीं कर सकते कि कर्नाटक में मुसलमानों को आरक्षण मिल रहा है लेकिन कांग्रेस सफाई में ये कह रही है कि कर्नाटक में मुसलमानों को आरक्षण तीस साल से मिल रहा है, वो मजहब के आधार पर नहीं हैं, गरीबी के आधार पर है।
लेकिन सवाल ये है कि क्या सारी मुस्लिम जातियां सामाजिक और आर्थिक तौर पर पिछड़ी हैं, सामाजिक पिछड़ेपन के आधार पर सभी मुस्लिम जातियों को आरक्षण के दायरे में लाया गया, सभी मुसलमानों को आरक्षण मिल रहा है, ये मजहब के आधार पर नहीं हुआ तो और क्या है?
तीसरी बात, अगर कांग्रेस मोदी की बात को गलत साबित करना चाहती है तो कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ये एलान क्यों नहीं करती कि वो मुसलमानों का आरक्षण खत्म करेगी और कांग्रेस की सरकार किसी भी राज्य में मुसलमानों को आरक्षण नहीं देगी? चूंकि कांग्रेस ऐसा करेगी नहीं, इसीलिए नरेंद्र मोदी के हमले जारी रहेंगे और कांग्रेस के नेता गुस्से में मोदी को गालियां देंगे, लेकिन मोदी ने कांग्रेस की इस गलती को भी अपने पक्ष में मुद्दा बना लिया।
(यह लेखक के निजी विचार हैं)
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