सत्ता के खेल में भारत की आबरू बदनाम न करो: आलोक मेहता

हम जैसे पत्रकार या कोई भी नागरिक अपराध बढ़ने की बात से चिंतित होते हैं, लिखते बोलते भी हैं, लेकिन यदि सही ढंग से सोचे विचारें तो सुधार की बात पर जोर देना चाहते हैं।

Last Modified:
Monday, 14 July, 2025
alokmehta


आलोक मेहता, पद्मश्री, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक। आपने कभी यह गाना सुना होगा, 'दीवानों ऐसा काम न करो राम का नाम बदनाम न करो', इसलिए मुझे सत्ता के खिलाडियों...
Read More
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए