सीमा के बाद शहरी आतंकी शक्तियों को कुचलने का चुनौतीपूर्ण अभियान: आलोक मेहता

नक्सलियों का खतरा सिर्फ राज्यों के दूरदराज इलाकों तक सीमित नहीं है। नक्सली संगठनों की मौजूदगी शहरी इलाकों में भी हो गई है। नक्सली या तो मुठभेड़ में मारे गए या गिरफ्तार हुए।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 04 November, 2024
Last Modified:
Monday, 04 November, 2024
aalokmehta


आलोक मेहता, पद्मश्री, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक। जम्मू कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों में विदेशी आतंकियों की घुसपैठ नियंत्रित करने के बाद अब प्रधानमंत्री...
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