जातिगत जनगणना मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डालने जैसा : समीर चौगांवकर

देश का दुर्भाग्य है कि पूरा देश जातिगत समीकरणों की विचित्र प्रयोगशाला बना हुआ है। लेकिन जात को देखने वाली भारतीय राजनीति में नरेन्द्र मोदी को एक अपवाद के रूप में देखा जा रहा था।

Last Modified:
Thursday, 01 May, 2025
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समीर चौगांवकर, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक। आजाद भारत के इतिहास में पहली बार केंद्र सरकार जनगणना में जाति पूछेगी। जाति है कि जो भारतीय राजनीति से जाती नहीं।...
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