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'अविनाश पांडेय: आपकी ये विशेषता कई लोगों का मार्गदर्शन करती रहेगी'
मैं पहली बार 1999 में अविनाश से मिला था, जब वह 'आजतक' में सीनियर एग्जिक्यूटिव के रूप में कार्यरत थे। तब भी, ज्ञान के प्रति उनकी निरंतर खोज उन्हें दूसरों से अलग बनाती थी।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
'डाबर इंडिया' के मीडिया हेड राजीव दुबे लिखते हैं कि अविनाश पांडेय जैसे-जैसे नए कामों में आगे बढ़ रहे हैं, एबीपी न्यूज और व्यापक इंडस्ट्री में उनकी विरासत अमिट बनी हुई है। उनका ऑर्गनाइजेशन से अलग हो जाना एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत है और निस्संदेह उनका प्रभाव यहां महसूस किया जाता रहेगा। राजीव दुबे का पूरा लेख आप यहां पढ़ सकते हैं-
'एबीपी न्यूज' (ABP News) के सम्मानित सीईओ अविनाश पांडेय ने हाल ही में लगभग 20 साल के शानदार कार्यकाल के बाद ऑर्गनाइजेशन को अलविदा कह दिया। उनके ऑर्गनाइजेशन छोड़ देने से मानों उत्कृष्टता, नवाचार और ज्ञान के प्रति गहन प्रतिबद्धता की निरंतर खोज की विशेषता वाले एक युग का अंत हो गया हो। उनकी विरासत न केवल उनकी प्रोफेशनल उपलब्धियों से परिभाषित होती है, बल्कि सहकर्मियों, साथियों और बड़े पैमाने पर इंडस्ट्री से उन्हें मिले विशेष सम्मान और प्रशंसा से भी परिभाषित होती है।
मैं पहली बार 1999 में अविनाश से मिला था, जब वह 'आजतक' में सीनियर एग्जिक्यूटिव के रूप में कार्यरत थे। तब भी, ज्ञान के प्रति उनकी निरंतर खोज उन्हें दूसरों से अलग बनाती थी। मेरी उनसे पहली मुलाकात तब हुई, जब वह जैक वेल्च की किताब "स्ट्रेट फ्रॉम द गट" पढ़ रहे थे, जिसे वेल्च ने अपने रिटायरमेंट के कुछ दिनों बाद प्रकाशित की थी और यह ऐड सेल्स की बेहतरीन किताबों में से एक है। यह अविनाश के निरंतर आत्म-सुधार के प्रति समर्पण का प्रमाण था। यह एक ऐसा गुण है, जो उनके करियर को परिभाषित करता है।
गिफ्ट के तौर पर उनके द्वारा दी गई आखिरी किताब "नॉइज: ए फ्लॉ इन ह्यूमन जजमेंट" मुझे बहुत पसंद है और मैनें उसे अभी तक संजोकर रखी हुई है। यह किताब डेनियल काह्नमैन, ओलिवियर सिबोनी और कैस सनस्टीन द्वारा लिखी गई है, जोकि ज्ञान और समझ के प्रति उनके जुनून को और भी बेहतर तरीके से दर्शाती है। अविनाश का सफर उल्लेखनीय है। अपने शुरुआती दिनों में वह 'इंडियन एक्सप्रेस' के साथ थे और इसके बाद वह 'आजतक' चले गए, जहां उनकी कार्यशैली और दूरदर्शिता ने चमकना शुरू कर दिया। 'स्टार न्यूज' का परिवर्तनकाल, जब वह 'एबीपी न्यूज' बना, तो यह उनके करियर में एक नए बदलाव की शुरुआत थी।
एबीपी में, उन्होंने शुरुआत में रेवेन्यू हेड के तौर पर काम किया, जिसमें उन्होंने विकास को गति देने और वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा देने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। उनकी लीडरशिप क्वॉलिटी को तब और पहचान मिली, जब उन्हें चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के तौर पर प्रमोट किया गया। इस भूमिका में, अविनाश की रणनीतिक अंतर्दृष्टि और परिचालन विशेषज्ञता ने नेटवर्क की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका कार्यकाल सीईओ के रूप में उनकी नियुक्ति के साथ समाप्त हुआ, जिस पद पर वह पांच वर्षों तक रहे। सीईओ के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, अविनाश ने महत्वपूर्ण ग्रोथ और इनोवेशन की अवधि के दौरान एबीपी न्यूज का नेतृत्व किया।
हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के पूर्व छात्र अविनाश की शैक्षणिक पृष्ठभूमि उत्कृष्टता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को और भी रेखांकित करती है। अपनी शैक्षणिक योग्यता को व्यावहारिक अनुभव के साथ मिश्रित करने की क्षमता, उनके लिए सफलता का मुख्य कारण रही है।
इसके अलावा, अविनाश न्यूज ब्रॉडकास्ट एसोसिएशन और इंटरनेशनल ऐडवरटाइजिंग एसोसिएशन सहित कई प्रतिष्ठित निकायों के प्रमुख हैं, जो इंडस्ट्री में उनके प्रभाव और नेतृत्व को उजागर करते हैं। इन ऑर्गनाइजेशंस में उनकी भूमिका ने न केवल ABP न्यूज के भीतर बल्कि पूरे न्यूज व ऐडवर्टाइजिंग इकोसिस्टम में एक मार्गदर्शक शक्ति के तौर पर उनकी प्रतिष्ठा को और अधिक मजबूत बनाया।
अविनाश की नेतृत्वशैली प्रेरणादायक और सुलभ दोनों है। वह अपनी विनम्रता और जमीनी स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। यही क्वॉलिटी उन्हें उनके सहकर्मियों और साथियों के बीच प्रिय बनाती है। अपने मिलनसार व्यवहार और एक मार्गदर्शक के तौर पर वह इंडस्ट्री जगत के एक प्रिय व्यक्ति बन गए। अकसर सहकर्मी उनकी प्रेरित करने और मार्गदर्शन करने वाली क्षमता को लेकर बात करते हैं, जो प्रोफेशनल ज्ञान और व्यक्तिगत समर्थन दोनों प्रदान करते हैं।
उनके नेतृत्व की विशेषता इंडस्ट्री की गतिशीलता की गहरी समझ और एक दूरदर्शी दृष्टिकोण है, जिसने एबीपी न्यूज को लगातार नवाचार और उत्कृष्टता के मामले में सबसे आगे रखा है। अपनी अनेक उपलब्धियों के बावजूद, अविनाश एक विनम्र और जमीन से जुड़े व्यक्ति हैं। 'इंडियन एक्सप्रेस' से 'एबीपी न्यूज' तक का उनका प्रेरक सफर निरंतर कौशल विकास, रणनीतिक दृष्टि और अटूट समर्पण का प्रमाण है। एबीपी न्यूज से अविनाश पांडेय के जाने से लीडरशिप, सीखते रहने की कला और उत्कृष्टता की निरंतर खोज की विरासत पीछ छूट गई है।
अपनी प्रोफेशनल उपलब्धियों से परे, अविनाश एक समर्पित पारिवारिक व्यक्ति भी हैं। उन्होंने हमेशा अपने व्यस्त करियर को अपने निजी जीवन के साथ संतुलित किया है, अपने प्रियजनों के लिए समय निकाला है और उनके जीवन में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं। अपने परिवार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता जितनी अटूट है ,उतनी ही अपने काम के प्रति उनकी प्रतिबद्धता अटूट है और उनके सबसे करीबी लोग उनसे बहुत प्यार करते हैं और उनका सम्मान करते हैं।
अविनाश जैसे-जैसे नए कामों में आगे बढ़ रहे हैं, एबीपी न्यूज और व्यापक इंडस्ट्री में उनकी विरासत अमिट बनी हुई है। उनका ऑर्गनाइजेशन से अलग हो जाना एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत है और निस्संदेह उनका प्रभाव यहां महसूस किया जाता रहेगा। उनकी जर्नी महत्वाकांक्षी प्रोफेशनल्स के लिए एक प्रकाश स्तंभ के रूप में कार्य करती रहेगी, जो निरंतर सीखते रहने, विनम्रता और समर्पण के महत्व को दर्शाती है।
हम अविनाश पांडेय को उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हैं। नेतृत्व, ज्ञान और प्रेरणा की उनकी विरासत आने वाले वर्षों में कई लोगों का मार्गदर्शन करती रहेगी। उनका भविष्य 'एबीपी न्यूज' में उनके शानदार करियर की तरह ही उज्ज्वल और प्रभावशाली हो।
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