जब एसपी की शैली को पीत पत्रकारिता की श्रेणी में लाने की कोशिश की गई

पटना में डाक बंगला चौराहे के एक होटल में प्रसिद्ध साहित्यकार और ‘दिनमान’ के संपादक रहे अज्ञेय जी और ‘रविवार’ के संपादक सुरेंद्र प्रताप सिंह के बीच लंबी संवादनुमा बहस हुई

संतोष भारतीय by
Published - Thursday, 04 July, 2019
Last Modified:
Thursday, 04 July, 2019
santosh


संतोष भारतीय, वरिष्ठ पत्रकार।। पत्रकारिता के इतिहास में 1977 को एक ऐसे वर्ष के रूप में जाना जाएगा, जहां से रास्ता बदलता है। सच्चिदानंद हीरानंद वात्...
Read More
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए