नई नहीं है मीडिया को निशाना बनाने की ये 'परंपरा'

मुख्यमंत्री इतनी सी बात नहीं समझ सकते कि बाहर से आने वाले पत्रकार कम से कम पूर्वाग्रही हो सकते हैं। स्थानीय पत्रकार तो स्वयं बाढ़ या अन्य कारणों से सरकार से निजी नाराजगी रख सकता है

आलोक मेहता by
Published - Saturday, 05 October, 2019
Last Modified:
Saturday, 05 October, 2019
Alok Mehta


आलोक मेहता, वरिष्ठ पत्रकार।। सिंहासन  वही होता है। सत्ताधारी बदलते रहते हैं। पीछे लगे झंडे या सिर पर लगी टोपी का रंग बदल सकता है। अहंकार और आक...
Read More
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए