अभिव्यक्ति पर राजद्रोह का अंकुश अनुचित, पर स्वीकारनी होगी लक्ष्मण रेखा: आलोक मेहता

सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से देशभर के पत्रकारों को बड़ी राहत महसूस हुई है, लेकिन राज्य सरकारों, उनकी पुलिस को भी अपनी सीमाओं को समझकर मनमानी की प्रवृत्ति को बदलना होगा।

आलोक मेहता by
Published - Monday, 07 June, 2021
Last Modified:
Monday, 07 June, 2021
Alok Mehta


आलोक मेहता, वरिष्ठ पत्रकार।। सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा की और राजद्रोह का कठोरतम कानून  सरकार की...
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