आलोक मेहता बोले, यह निरंकुशता क्या राजनीतिक सत्ता व्यवस्था के लिए शर्मनाक नहीं कही जाएगी?

समय का पहिया आगे बढ़ने के साथ सरकार और समाज द्वारा बुरी बातें ही नहीं, कई बार अच्छी सलाह भी भुला दी जाती हैं

आलोक मेहता by
Published - Thursday, 20 June, 2019
Last Modified:
Thursday, 20 June, 2019
Alok Mehta


आलोक मेहता, वरिष्ठ पत्रकार।। भारत के लोकतांत्रिक चुनाव एवं प्रगति की रफ्तार से जहां संपूर्ण विश्व में भारत की सराहना तथा एक तरह की ईर्ष्यानुमा प्रत...
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