पूंजीपतियों से रिश्तों का राजनीतिक हिसाब-किताब बहुत महंगा: आलोक मेहता

कांग्रेस के शीर्ष नेताओं, मुख्यमंत्रियों के रहे संबंधों, उनकी सरकारों के दौरान बड़े पूंजीपतियों को मिले प्रश्रय अथवा लाइसेंस, परमिट, अनुबंध, ठेकों का हिसाब-किताब उनके लिए ही बहुत महंगा साबित होगा।

Last Modified:
Monday, 03 November, 2025
rahulgandhi


आलोक मेहता, पद्मश्री, लेखक, वरिष्ठ पत्रकार। बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध प्रचार क...
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