'BHU के ये तीन पड़ाव मेरे लिए खुद के अंदर झांकने का जरिया हैं'

बीएचयू  मेरे लिए जो थी, वही है-कालातीत और भावातीत। हालांकि, आपकी भावनाएं दुनिया नहीं चलातीं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 18 December, 2019
Last Modified:
Wednesday, 18 December, 2019
Shashi Shekhar


बीएचयू के ‘सिंह द्वार’ से घुसते ही एक पुरानी कविता की पंक्तियां दिमाग पर हथौड़े की तरह बजने लगीं-‘कौन होगा इस शहर में अब हमें पहचानन...
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