Network18 से तीन दिग्गज पत्रकारों की विदाई, ग्रुप एडिटर राहुल जोशी ने यूं किया याद

वरिष्ठ पत्रकार और सीएनएन न्यूज18 (CNN News18 ) के एग्जिक्यूटिव एडिटर भूपेंद्र चौबे की चैनल से विदाई के बाद अब खबर है कि सुदीप मुखिया और प्रवीण थांपी (Praveen Thampi) ने भी चैनल छोड़ दिया है। 

Last Modified:
Saturday, 04 April, 2020
rahul

वरिष्ठ पत्रकार और सीएनएन न्यूज18 (CNN News18 ) के एग्जिक्यूटिव एडिटर भूपेंद्र चौबे की चैनल से विदाई के बाद अब खबर है कि सुदीप मुखिया और प्रवीण थांपी (Praveen Thampi) ने भी चैनल छोड़ दिया है। सुदीप मुखिया ‘सीएनएन-न्यूज18’ (CNN-News18) में एग्जिक्यूटिव एडिटर और प्रवीण थांपी ‘News18.com’ के एग्जिक्यूटिव एडिटर पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। 

इस बारे में ‘नेटवर्क18’ के ग्रुप एडिटर राहुल जोशी ने एक पत्र भी लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि यह काफी मुश्किल है, जब दिग्गज पत्रकारों की चैनल से विदाई हो रही है, जो इस संस्थान की रीढ़ रह चुके हैं।

राहुल जोशी द्वारा लिखे गए लेटर को आप हूबहू यहां पढ़ सकते हैं-

Dear All,

In covering one of the biggest stories of our times, the realisation dawns that it’s really tough to say virtual goodbyes. It becomes tougher when it comes to bidding farewell to veteran journalists, stalwarts who’ve been the backbone of this institution.

With a very heavy heart---and on behalf of all of us at Network18---I wish Sudeep Mukhia, Bhupendra Chaubey and Praveen Thampi all the best in their future endeavours. I also thank them from the bottom of my heart for their tremendous contribution to and remarkable leadership of CNN-News18, both TV and digital.

Sudeep Mukhia joined us four years ago and revamped the channel, first along with the widely-admired Managing Editor Radha, before stepping into his shoes admirably. He led from the front and provided the much-needed stability and leadership at a time the channel was going through one of its most challenging phases. Sudeep’s passion fired the newsroom’s imagination as the channel enhanced its reputation in reporting and prime-time programming. I will personally miss Sudeep and his firebrand ways.

Executive Editor Bhupendra Chaubey has also decided to hang up his boom. I fondly remember our election trips together, especially to UP where we can both trace our roots to. The Benarasi babu has been a chronicler of the great Indian political story for two decades. As a senior journalist and anchor, he’s a keen student of politics and a great observer of social trends. Bhupen was also the lead prime-time face of this channel for almost a decade. It’s difficult to imagine CNN-News18 without the face that launched a thousand quips!

The strong, silent, talented, backroom boy of CNN-News18, Praveen Thampi, also decided to call it quits in favour of  an academic sabbatical. Praveen and I have worked together for over two decades and I remain grateful for his contribution in making News18 digital the powerful force it has become. Just over three years old, news18.com is breaking all records and I have Praveen to thank for it. He’s a gifted writer, and a leader par excellence who’s put together a great team that is taking our digital journalism to newer heights.

It’s always a jolt to any organisation if its big guns coincidentally leave within a few weeks of each other. But if they leave behind a legacy so strong and a second line that’s raring to go, the competition is the one that will face the bigger jolt.

Please join me in wishing Sudeep, Bhupendra and Praveen all the very best.

Cheers

Rahul

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न्यूज चैनल में कोरोना पॉजिटिव की संख्या बढ़ने पर प्रशासन ने उठाया ये कदम

प्रशासन का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किए जाने के बाद ही बिल्डिंग को दोबारा से खोला जाएगा

Last Modified:
Tuesday, 26 May, 2020
Corona Reporting

कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। उत्तर प्रदेश के नोएडा में सोमवार को कोरोनावायरस (कोविड-19) के जिन 14 मामलों की जानकारी दी गई थी, उनमें नौ फिल्म सिटी स्थित एक न्यूज चैनल के थे। अब तक इस चैनल के 47 लोगों का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आ चुका है, जिनमें से 31 नोएडा से हैं।

‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट्स के अनुसार, चैनल में कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए पूरी बिल्डिंग के पांचों फ्लोर को सील कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किए जाने के बाद ही इसे दोबारा से खोला जाएगा। सभी एंप्लाईज की सघन जांच की गई है।

बताया जाता है कि प्रशासन की ओर पहले सिर्फ चौथे फ्लोर को सील किया गया था, क्योंकि सभी मामले उसी फ्लोर के एंप्लाईज के थे, लेकिन रविवार को अन्य फ्लोर के कुछ कर्मचारियों के भी कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद अब पूरी बिल्डिंग को सील कर दिया गया है।

इस रिपोर्ट के अनुसार, नए मामले मिलने के बाद जिले में 24 कंटेंनमेंट जोन (containment zones) और शामिल किए गए हैं, जिसके बाद इनकी संख्या बढ़कर 87 हो गई है।

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iTV Network में पहुंचा कोरोना, कंपनी ने तुरंत उठाए ये एहतियाती कदम

हाल ही में कुछ मीडिया हाउस ने भी कोरोना पॉजिटिव मामलों की सूचना दी है और अब इस कड़ी में iTV नेटवर्क भी शामिल हो गया है, जहां उसके एक एम्प्लॉयी का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है

Last Modified:
Friday, 22 May, 2020
itv-network

देश-दुनिया में कोरोना से संक्रमित मरीजों के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। कोविड-19 के खिलाफ ‘जंग’ में अग्रिम मोर्चे पर तैनात मीडियाकर्मी भी इसकी चपेट में आ चुके हैं। हाल ही में कुछ मीडिया हाउस ने भी कोरोना पॉजिटिव मामलों की सूचना दी है और अब इस कड़ी में iTV नेटवर्क भी शामिल हो गया है, जहां उसके एक एम्प्लॉयी का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है।

iTV नेटवर्क के प्रवक्ता ने एक मीडिया बयान में कहा कि हमारे एक मीडियाकर्मी में कोरोना टेस्ट पॉजिटिव मिलने के बाद परिसर को खाली कर दिया गया है और पूरा स्टॉफ दूसरी जगह से काम कर रहा है।

ये रहा पूरा स्टेटमेंट:

इंडिया न्यूज की आउटपुट टीम की एक सहकर्मी का कोरोना टेस्ट कल शाम पॉजिटिव आया। हमने दिल्ली के एक बड़े अस्पताल में उनका दाखिला कराने में मदद की। यही नहीं, चैनल ने अपनी सहकर्मी का दिल्ली के दो बड़े डॉक्टरों से वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए एक सेशन भी करवाया। इन डॉक्टर्स में एक आईएमए के पूर्व अध्यक्ष थे। यह बड़ी राहत की बात है कि अस्पताल के डॉक्टर्स ने हमारी सहकर्मी के मामूली लक्षण के आधार पर लिखित रूप में घर पर सेल्फ क्वरंटाइन रहने की सलाह दी है।

हमने तय मानकों का पालन करते हुए फौरन सभी जरूरी कदम उठाने शुरू कर दिए। अपनी सहकर्मी की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के दो घंटे के अंदर, 21 मई, शाम 5 बजे तक ओखला स्थित ‘मीडिया हाउस’ परिसर, को खाली कर दिया, ताकि सैनिटाइजेशन का काम शुरू हो सके। हमने अपने उन साथियों की लिस्ट बनानी शुरू कर दी, जो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से संपर्क में हो सकते हैं। ऐसे कुल 40 लोग हैं और उन सबका कोविड-19 टेस्ट हो रहा है। इन सभी को सेल्फ क्वरंटाइन में जाने को कह दिया गया है। वैसे सहकर्मी, जो घर पर खुद को क्वरंटाइन करना नहीं चाहते, उनके लिए एक फाइव स्टार होटल में 20 कमरों का इंतजाम किया गया है।

रिपोर्ट आने के तुरंत बाद कंपनी की तरफ से डीएम तथा स्थानीय एसएचओ को पूरे मामले की जानकारी दे दी गई। ‘मीडिया हाउस’ दफ्तर को सील किया गया और एमसीडी को सूचित किया गया। निगम ने एक दौर का सैनिटाइजेशन कर दिया है और दूसरे राउंड के लिए एक निजी कंपनी को जिम्मा सौंपा गया है। इस दौरान चैनल रिकॉर्डेड मोड पर रहा और पहले से जो वैकल्पिक इंतजाम किया गया था, उसी के तहत नजदीक की एक बिल्डिंग में एकदम सीमित स्टाफ के साथ ‘इंडिया न्यूज’ और ‘न्यूजX’ का ऑपरेशन शुरू किया गया। दोनों चैनल और नेटवर्क के सभी प्रादेशिक चैनल आज दोपहर 12 बजे से ऑपरेशनल हो गए।

साथ ही स्टेटमेंट में यह भी कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से लॉकडाउन की घोषणा के पहले से ही आईटीवी नेटवर्क ने अपने कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था कर दी थी और दफ्तर में कम स्टाफ के साथ काम करना शुरू कर दिया था। जिस इमारत से सभी चैनल चलते हैं, ‘मीडिया हाउस’ वहां सैनिटाइजेश की पुख्ता व्यवस्था की गई, कर्मचारियों के मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने और टेम्परेचर स्क्रीनिंग को नियमित रुप से अनिवार्य किया गया। इसका वीडियो हर घंटे प्रबंधन को भेजा जाता रहा। कंपनी अपने कर्मचारियों और उनके परिवार के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर काफी गंभीर है।

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इस वजह से जाकिर नाईक के टीवी नेटवर्क पर लगा करोड़ों का जुर्माना

इस्लामी धर्म प्रचारक जाकिर नाईक के पीस टीवी नेटवर्क पर 3,00,000 पाउंड (2.77 करोड़ रुपए) का जुर्माना लगाया गया है

Last Modified:
Monday, 18 May, 2020
zakir

इस्लामी धर्म प्रचारक जाकिर नाईक के पीस टीवी नेटवर्क पर 3,00,000 पाउंड (2.77 करोड़ रुपए) का जुर्माना लगाया गया है। उस पर यह जुर्माना अपने टीवी नेटवर्क के जरिए लोगों में नफरत फैलाने और भड़काऊ चीजों का प्रसारण करने के लिए लगाया है।

दरअसल लंदन स्थित सूचना प्रसारण सेवा नियामक ने नियमों को ताक पर रखकर उसका उल्लंघन करने के लिए लाइसेंसधारी ‘पीस टीवी उर्दू’ पर 2,00,000 पाउंड और ‘पीस टीवी’ पर 1,00,000 पाउंड का जुर्माना लगाया है।

नियामक ने कहा है कि उसे जांच में पता चला कि पीस टीवी उर्दू और पीस टीवी पर नफरत फैलाने वाली और आपत्तिजनक सामग्रियों का प्रसारण किया गया। इतना ही नहीं जिस तरह से इस पर प्रसारण किया जा रहा है, उससे कई बार लोगों के हिंसा फैलने का भी माहौल बना रहता है।

बता दें कि पीस टीवी गैरलाभकारी सेटेलाइट टीवी नेटवर्क ‘फ्री टू एयर’ है और इसका प्रसारण दुबई से अंग्रेजी, बांग्ला और उर्दू में किया जाता है। पीस टीवी का स्वामित्व लॉर्ड प्रॉडक्शन के पास है, जबकि क्लब टीवी के पास पीस टीवी उर्दू का लाइसेंस है। इन दोनों चैनलों का ऑनरशिप 54 साल का खुद जाकिर नाईक के पास है।  

गौरतलब है कि जाकिर नईक विवादित धर्म प्रचारक मनी लॉन्ड्रिंग के मसले में भारत का वांछित अपराधी है। अक्सर नाईक के दिए गए भाषण चरमपंथी विचारधाराओं को बढ़ावा देने के लिए होता है। साल 2016 में ही वो भारत छुपकर मलेशिया रहने चला गया था। इसके बाद से वो कभी भारत वापस नहीं आया। मलेशिया में उसने स्थाई नागरिकता ले ली। पिछले हफ्ते ही भारत ने मलेशिया की सरकार से गुहार लगाई थी कि वो जाकिर नाईक को भारत प्रत्यर्पित कर दे। बता दें कि नाईक के ब्रिटेन में प्रवेश पर भी 2010 से रोक लगाई गई है।

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इस वजह से केंद्र सरकार खोलेगी 12 नए चैनल

कोरोना महामारी संकट ने शिक्षा के क्षेत्र को भी प्रभावित किया है। लिहाजा इसे देखते हुए अब सरकार ऑनलाइन शिक्षा में एक बड़ी छलांग लगाने की तैयारी में है।

Last Modified:
Monday, 18 May, 2020
FM568

कोरोना महामारी संकट ने शिक्षा के क्षेत्र को भी प्रभावित किया है। लिहाजा इसे देखते हुए अब सरकार ऑनलाइन शिक्षा में एक बड़ी छलांग लगाने की तैयारी में है। केंद्र सरकार अब ऑनलाइन तथा डिजिटल शिक्षा को बढ़ाने के लिए ‘पीएम ई विद्या’ की योजना बनाई है और इसके लिए देश के सौ विश्वविद्यालययों को शामिल किया है। साथ ही हर क्लास के लिये एक चैनल खोलने का फैसला किया है।  

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बच्चों की शिक्षा के लिए ‘वन क्लास वन चैनल’ योजना के तहत 12 नए चैनल शुरू करने का ऐलान किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि ‘स्वयंप्रभा’ डीटीएच के माध्यम से बच्चों को पहले से ही शिक्षा दी जा रही है और इसके तहत 12 नए चैनल लाए जाएंगे और पहली कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा के लिए एक-एक चैनल होगा, जिसका फायदा गांवों तक के बच्चे उठा पाएंगे। इनका प्रसारण टाटा स्काई, एयरटेल के जरिए किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जल्द ही प्रधानमंत्री ई-विद्या कार्यक्रम आरंभ किया जाएगा। शिक्षा के लिए नया मंच दीक्षा का ऐलान करते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में ऑनलाइन शिक्षा के प्रचार प्रसार के लिए कई नए कदम उठाए गए हैं, जिनमें डीटीएच चैनलों के अलावा रेडियो, सामुदायिक रेडियो और पॉडकास्ट का इस्तेमाल किया जाएगा। स्वयं प्रभा प्लेटफॉर्म, दीक्षा प्लेटफार्म और ई-पाठशाला का इस्तेमाल कर छात्रों को पढ़ने का काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा स्काइप के सहारे छात्रो के साथ लाइव संवाद भी होंगे।

साथ ही वित्तमंत्री ने देश के 100 शीर्ष स्तर के विश्वविद्यालयों को ऑनलाइन पाठयक्रम आरंभ करने की मंजूरी देने की भी घोषणा की।

वित्तमंत्री ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ की योजना का खुलासा करते हुए यह जानकारी दी। कोरोना महामारी से मिल रही आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज की घोषणा की थी।

 

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टीवी के फ्री कमर्शियल टाइम में आई गिरावट

कोविड-19 के दौरान टीवी और स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर BARC इंडिया और नील्सन की संयुक्त रिपोर्ट के आठवें संस्करण के मुताबिक टीवी पर कुल फ्री कमर्शियल टाइम (FCT) में इस हफ्ते कमी दर्ज की गई है।

Last Modified:
Friday, 15 May, 2020
Channels

कोविड-19 के दौरान टीवी और स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर BARC इंडिया और नील्सन की संयुक्त रिपोर्ट के आठवें संस्करण के मुताबिक टीवी पर कुल फ्री कमर्शियल टाइम (FCT) में इस हफ्ते कमी दर्ज की गई है। वहीं स्मार्टफोन का इस्तेमाल 17वें हफ्ते की तुलना में 9% कम हो गया है।

18वें हफ्ते टीवी पर कुल फ्री कमर्शियल टाइम 187 लाख सेकंड था, जबकि 17वें हफ्ते में यह 205 लाख सेकंड था। वहीं, कोविड-19 से पहले दूसरे से चौथे हफ्ते के दौरान एफसीटी 281 लाख सेकेंड्स था। इसलिए टीवी पर कुल एफसीटी 18वें हफ्ते में 33.4% कम हो गया है।

वहीं अलग-अलग जॉनर के आधार पर यदि ऐड वॉल्यूम की बात की जाए तो जनरल एंटरटेनमेंट चैनल इसमें पिछले कुछ हफ्तों से लगातार सबसे आगे बना हुआ है, जबकि 17वें हफ्ते की तुलना में न्यूज और मूवीज के चैनलों पर 7-8%  की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, भाषाओं के आधार पर ऐड वॉल्यूम देखें तो, हिंदी न्यूज चैनलों पर एफसीटी वॉल्यूम में गिरावट देखी गई है, जबकि अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं के चैनलों पर ये स्थिर बनी हुई है।

रिपोर्ट के अनुसार, रिपोर्ट के अनुसार, प्रमुख 10 एडवर्टाइजर्स का एफसीटी पहले की तरह स्थिर बना हुआ है, जबकि अन्य 40 के वीकली एफसीटी में कमी देखने को मिली है। हिंदुस्तान यूनिलीवर, रेकिट बेंकिज़र और भारत सरकार इस सप्ताह के टॉप-10 ऐडवर्टाइजर्स में शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सप्ताह की तुलना में इस सप्ताह भी ऐडवर्टाइजर्स की संख्या में 7% की कमी देखी गई। 18वें हफ्ते में ऐडवर्टाइजर्स की कुल संख्या 1331 रही थी, जबकि 17वें हफ्ते में 1430 थी।

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फ्रीडिश ने TV ब्रॉडकास्टर्स को दी ‘राहत’, अब उठा ये सवाल

इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि फीस के भुगतान में देरी की वजह से उन्हें बैंक व प्रसार भारती दोनों को ब्याज देनी होगी, इससे दोहरी मार पड़ेगी

Last Modified:
Thursday, 14 May, 2020
Television

प्रसार भारती के ‘डायरेक्ट टू होम’ (DTH) प्लेटफॉर्म ‘डीडी फ्रीडिश’ (DD Free Dish) ने ब्रॉडकास्टर्स की एक मांग को मानते हुए उन्हें देरी से कैरिज फीस का भुगतान करने की छूट तो दे दी है, लेकिन इसके साथ ही यह सवाल भी खड़ा हो गया है कि क्या इस कदम से इंडस्ट्री को मदद मिल पाएगी, जो काफी आर्थिक संकट का सामना कर रही है।  

दरअसल, न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन (NBF) ने महामारी कोरोना के मद्देनजर आर्थिक संकट का हवाला देते हुए पिछले दिनों केंद्र सरकार से कैरिज फीस में छूट देने की मांग की थी लेकिन सरकार ने इसके बजाय कैरिज फीस जमा करने की डेडलाइन बढ़ा दी है, जिसमें अब अतिरिक्त शुल्क भी शामिल हो गया है।

‘एफटीए’ चैनल्स सरकार से पहली तिमाही की कैरिज फीस को माफ करने और दूसरी तिमाही की कैरिज फीस में 50 प्रतिशत की छूट देने की मांग कर रहे थे। लेकिन यदि नए प्लान को देखें तो वास्तव में उन्हें राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही है। मार्च-अप्रैल और मई की कैरिज फीस अब 27 जून 2020 तक जमा की जा सकती है। विलंब शुल्क पर कैरिज फीस का भुगतान करने वाले ब्रॉडकास्टर्स को टैक्स समेत 5.7 प्रतिशत सालाना की दर से एक महीने का ब्याज और ब्याज की राशि पर जीएसटी समेत मासिक किस्त का भुगतान करना होगा। देरी से भुगतान की इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए ब्रॉडकास्टर्स को ‘परफॉर्मेंस बैंक गारंटी’ (PBG) के रूप में एक मौद्रिक गारंटी (monetary guarantee) भी देनी होगी।

इस बारे में एक न्यूज ब्रॉडकास्टर का कहना है, ‘अब यदि हम देरी से भुगतान करते हैं तो हमें ब्याज की दोहरी मार झेलनी पड़ेगी। एक तो परफॉर्मेंस बैंक गारंटी के रूप में और दूसरा विलंब शुल्क के रूप में। इस समय हम पहले ही आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं, ऐसे में राहत के नाम पर यह दोहरी मार है।’  

बता दें कि मार्केट की स्थिति इन दिनों अच्छी नहीं है। इसका असर प्रत्येक ब्रॉडकास्टर पर पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें मिलने वाले विज्ञापन राजस्व में काफी कमी आई है। डीडी फ्रीडिश पर मौजूद ब्रॉडकास्टर्स का कहना है कि वे प्रसार भारती को कैरिज फीस के रूप में मासिक किस्त का भुगतान करने में सक्षम नहीं हैं। कुछ ब्रॉडकास्टर्स का यह भी मानना है कि प्रसार भारती को इस लोड को आपस में साझा करना चाहिए।

उनके अनुसार, फ्री टू एयर प्लेटफॉर्म पर होने का मतलब ज्यादा से ज्यादा एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू हासिल करना है और यदि वह उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा है तो फिर स्लॉट के लिए इतना भुगतान क्यों करना चाहिए। एक अन्य ब्रॉडकास्टर का कहना है, ‘हम ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच बनाने के लिए और उसके अनुसार प्लेटफॉर्म के मुद्रीकरण (monetize) के तहत स्लॉट के लिए करोंड़ों में भुगतान कर रहे हैं, ऐसे में डीडी को इस नुकसान के बोझ को आपस में बांटना चाहिए। यदि विमुद्रीकरण (monetization) नहीं हो रहा है तो दूरदर्शन को इतनी भारी भरकर कैरिज फीस देने का कोई उद्देश्य नहीं है।’

प्रसार भारती द्वारा 44वीं ई-नीलामी में फ्रीडिश पर ‘MPEG-2’ स्लॉट्स आवंटित किए गए थे। इसके तहत चैनल्स द्वारा प्रसार भारती को कैरिज फीस का भुगतान किया जाता है। इस कैरिज फीस को 12 मासिक किस्तों में बांटा गया है। जो ब्रॉडकास्टर्स किस्तों का भुगतान समय से करने अथवा देर से करने की स्थिति में नहीं हैं, उनका कहना है कि इस प्लेटफॉर्म से हटना ही उन्हें एकमात्र विकल्प दिखाई दे रहा है।   

प्रादेशिक भाषा के एक ब्रॉडकास्टर का कहना है, ‘एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू घटकर करीब 20 प्रतिशत रह गया है। हमारा बिजनेस इससे काफी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। हम दूरदर्शन को कैरिज फीस का भुगतान करने की स्थिति में नहीं हैं, क्योंकि यह करोड़ों में बैठती है। ऐसे में हमारे जैसे छोटे ब्रॉडकास्टर्स फ्रीडिश प्लेटफॉर्म से अपने कदम पीछे खींचने के लिए मजबूर हैं।’ सूत्रों का कहना है कि आर्थिक संकट को देखते हुए चार-पांच चैनल्स ने इस प्लेटफॉर्म से अपने कदम वापस खींच लिए हैं।

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इस प्लेटफॉर्म से अपने चैनल नहीं हटाएगा B4U नेटवर्क

प्रसार भारती के ‘डायरेक्ट टू होम’ (DTH) प्लेटफॉर्म ‘डीडी फ्रीडिश’ से कुछ नेटवर्क्स ने हटा लिए हैं अपने चैनल

Last Modified:
Thursday, 14 May, 2020
B4U Network

टेलिविजन नेटवर्क ‘बी4यू’ (B4U) ने स्पष्ट किया है कि प्रसार भारती के ‘डायरेक्ट टू होम’ (DTH) प्लेटफॉर्म ‘डीडी फ्रीडिश’ (DD Free Dish) से अपने चैनल हटाने की उसकी कोई योजना नहीं है।

फ्रीडिश पर अब देखने को नहीं मिलेंगे ये लोकप्रिय चैनल

बता दें कि 12 मई को ‘समाचार4मीडिया’ ने एक रिपोर्ट में अनजाने में यह उल्लेख कर दिया था कि यह नेटवर्क भी डीडी फ्रीडिश से अपने चैनल हटा सकता है। इस स्टोरी को अब सही सूचना के साथ अपडेट कर दिया गया है। इस असुविधा के लिए हमें खेद है।   

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इस मामले में वरिष्ठ पत्रकार अरनब गोस्वामी को बॉम्बे हाई कोर्ट से मिली बड़ी राहत

वरिष्ठ पत्रकार और ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ के एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी को बॉम्बे हाई कोर्ट ने बड़ी राहत प्रदान की है

Last Modified:
Wednesday, 13 May, 2020
Arnab Goswami

वरिष्ठ पत्रकार और ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ (Republic Media Network) के एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी से जुड़े मामले में कांग्रेस को एक और झटका लगा है। दरअसल, बॉम्बे हाई कोर्ट ने अरनब गोस्वामी को बड़ी राहत देते हुए कांग्रेस कार्यकर्ता और विधान परिषद सदस्य भाई जगताप (Bhai Jagtap) और महाराष्ट्र यूथ कांग्रेस के वाइस प्रेजिडेंट सूरज ठाकुर द्वारा ‘रिपब्लिक टीवी’ पर रोक लगाए जाने की मांग को लेकर दायर की गई याचिका खारिज कर दी है। इस मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने कांग्रेस को कोई भी अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है।

इन कांग्रेसी नेताओं की ओर से दायर की गई याचिका में अरनब गोस्वामी पर पिछले महीने की पालघर लिंचिंग की घटना पर एक टीवी बहस के दौरान कथित तौर पर सांप्रदायिक सद्भाव को बाधित करने का प्रयास करने और पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को बदनाम का आरोप लगाया गया था।  

बॉम्बे हाई कोर्ट में कांग्रेस नेताओं की ओर से दायर याचिका में मांग की गई थी अरनब गोस्वामी पर किसी भी टीवी चैनल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बोलने पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए, साथ ही उनके चैनल ‘रिपब्लिक टीवी’ को किसी भी प्रोग्राम को प्रसारित करने से रोक देना चाहिए अथवा बंद कर देना चाहिए। कांग्रेस नेताओं द्वारा अरनब गोस्वामी और उनके चैनल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग भी की गई थी। लेकिन न्यायमूर्ति पीसी चव्हाण ने यह कहते हुए कि अरनब गोस्वामी के खिलाफ पहले ही एक एफआइआर दर्ज की जा चुकी है और जांच चल रही है, याचिका खारिज कर दी।

कोर्ट को यह भी बताया गया कि महाराष्ट्र पुलिस ने चैनल प्रबंधन के कुछ बड़े अधिकारियों से पूछताछ की थी। इसके अलावा हाई कोर्ट ने यह भी पाया कि याचिकाकर्ता सूरज ठाकुर सुप्रीम कोर्ट में पहले ही याचिका में पक्षकार हैं, इसलिए हाई कोर्ट ने कहा कि वह इस मांग को वहां रख सकते हैं। हाई कोर्ट का कहना था कि अरनब गोस्वामी ने उनके खिलाफ विभिन्न राज्यों में दर्ज एफआईआर को चुनौती देते हुए याचिका दायर की हुई है। ऐसे में इस स्टेज पर कोई भी आदेश पारित करना सही नहीं होगा।

गौरतलब है कि अरनब गोस्वामी के खिलाफ छत्तीसगढ़, राजस्थान, पंजाब, तेलंगाना, महाराष्ट्र और जम्मू एवं कश्मीर में कई मामले दर्ज कराए गए हैं, जिनके खिलाफ अरनब ने पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने अरनब गोस्वामी को अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल करने के लिए 3 सप्ताह का समय देते हुए तीन सप्ताह तक उनकी गिरफ्तारी या किसी अन्य तरह की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक भी लगा दी थी। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने अरनब गोस्वामी के खिलाफ एक एफआईआर को छोड़कर सभी एफआईआर पर रोक लगा दी थी। यह एक एफआईआर नागपुर में दर्ज की गई थी, जिसे अब मुंबई स्थानांतरित कर दिया गया है।

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फ्रीडिश पर अब देखने को नहीं मिलेंगे ये लोकप्रिय चैनल

सूचना-प्रसारण मंत्रालय की ओर से छूट न मिलने के कारण कुछ ‘फ्री टू एयर’ ब्रॉडकास्टर्स ने अपने चैनल्स को प्रसार भारती के डीटीएच प्लेटफॉर्म ‘डीडी फ्रीडिश’ से हटा लिया है।

Last Modified:
Tuesday, 12 May, 2020
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सूचना-प्रसारण मंत्रालय की ओर से छूट न मिलने के कारण कुछ ‘फ्री टू एयर’ (Free-To-Air) ब्रॉडकास्टर्स ने अपने चैनल्स को प्रसार भारती के डीटीएच प्लेटफॉर्म ‘डीडी फ्रीडिश’ (DD Free Dish) से हटा लिया है।

फ्री टू एयर (Free To Air) चैनल के कंसोर्टियम (संघ) ने केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिखकर वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल, मई और जून) के लिए कैरिज फीस में 100 प्रतिशत और दूसरी तिमाही (जुलाई, अगस्त और सितंबर) में 50 प्रतिशत की छूट देने की मांग की थी। यह छूट उन चैनल्स के लिए मांगी गई थी, जिन्होंने हाल ही में हुई 44वीं ई-नीलामी में फ्रीडिश पर ‘MPEG-2’ स्लॉट्स हासिल किए थे।  

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ‘नाइनएक्स मीडिया’ (9X Media) के म्यूजिक चैनल ‘9XJalwa’, ‘इन10’ (IN10 Media) मीडिया के ‘Showbox’  और ‘Filamchi’ आदि चैनल इस प्लेटफॉर्म से हट गए हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि आने वाले हफ्तों में कुछ अन्य चैनल्स भी इसी तरह का कदम उठा सकते हैं।

इस बारे में एक ‘फ्री टू एयर’ ब्रॉडकास्टर का कहना है, ‘हमने डीडी और सरकार को कैरिज फीस में छूट देने के लिए एक पत्र लिखा था, लेकिन इस तरह की हमें कोई छूट नहीं दी गई है। इसलिए, हमने यह निर्णय लिया है और पूरी तरह ग्रामीण क्षेत्रों पर फोकस करने के बजाय आधा पैसा शहरी मार्केट पर निवेश करने का फैसला किया है।’   

बता दें कि पिछले महीने ‘फ्री टू एयर’ ब्रॉडकास्टर्स ने सरकार से सपोर्ट मांगा था और सूचना-प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखकर कैरिज फीस में छूट देने की मांग की थी। इस पत्र में कहा गया था कि महामारी कोरोनावायरस (कोविड-19) ने देश की अर्थव्यवस्था पर काफी विपरीत असर डाला है। कोरोनावायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देश में किए गए लॉकडाउन के कारण तमाम सेक्टर्स आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। इनमें मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर भी शामिल है। इस सेक्टर को मिलने वाले एडवर्टाइजिंग में 70-80 प्रतिशत तक की कमी आई है, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जाता है कि सरकार की ओर से छूट न मिलने के कारण तमाम ‘फ्री टू एयर’ ब्रॉडकास्टर्स ने यह फैसला किया है।    

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फिल्म KGF Chapter-1 के मेकर्स एक TV चैनल से नाराज, करेंगे कानूनी कार्रवाई

सुपरहिट कन्नड़ फिल्म ‘केजीएफ चैप्टर 1’ (KGF Chapter 1) के मेकर्स ने एक स्थानीय तेलुगू टीवी चैनल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया

Last Modified:
Monday, 11 May, 2020
KGF

सुपरहिट कन्नड़ फिल्म ‘केजीएफ चैप्टर 1’ (KGF Chapter 1) के मेकर्स ने एक स्थानीय तेलुगू टीवी चैनल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया है। दरअसल चैनल पर गैरकानूनी तरीके से प्रशांत नील के निर्देशन में बनी और यश स्टारर फिल्म केजीएफ KGF: Chapter 1 के तेलुगू संस्करण का प्रसारण करने का आरोप है।

फिल्म के क्रिएटिव एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर ने मूवी की एक पिक्चर शेयर करते हुए ट्वीट किया कि #Every^ नाम के एक तेलुगू स्थानीय चैनल ने KGF फिल्म का अवैध रूप से प्रसारण किया है। हम उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और मुकदमा करेंगे। हमारे पास पर्याप्त सबूत हैं। उनके मुताबिक KGF के तेलुगू संस्करण का अभी तक टीवी प्रीमियर नहीं हुआ है क्योंकि निर्माताओं ने अभी तक डिजिटल अधिकार नहीं बेचे हैं।

गौरतलब है कि यश अभिनीत और प्रशांत नील द्वारा निर्देशित यह फिल्म, कन्नड़, तेलुगू, तमिल, हिंदी और मलयालम जैसी कई भाषाओं में रिलीज हुई थी। इस फिल्म ने कई राज्यों में अपार लोकप्रियता हासिल की और सुपरहिट साबित हुई थी। बेशक ये फिल्म रिलीज के साथ ही लीक हो गई थी लेकिन बावजूद इसके फिल्म से रिकॉर्डतोड़ कमाई की थी।  

 

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