वरिष्ठ टीवी पत्रकार चित्रा त्रिपाठी ने ‘आजतक’ से दिया इस्तीफा

चित्रा त्रिपाठी इंडस्ट्री में अपनी पॉलिटिकल एंकरिंग/रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं। चुनाव के दौरान फील्ड में उतरना उनकी यूएसपी (USP) मानी जाती है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 20 September, 2022
Last Modified:
Tuesday, 20 September, 2022
Chitra Tripathi

हिंदी न्यूज चैनल ‘आजतक’ में एडिटर और जानी-मानी न्यूज एंकर चित्रा त्रिपाठी के बारे में खबर है कि उन्होंने चैनल प्रबंधन को अपना इस्तीफा दे दिया है। अंदरखाने के विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार, प्रबंधन द्वारा उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। 

चित्रा त्रिपाठी इस चैनल के साथ करीब साढ़े तीन साल से जुड़ी हुई थीं। वह इंडस्ट्री में अपनी पॉलिटिकल एंकरिंग/रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं। चुनाव के दौरान उनका फील्ड में उतरना उनकी यूएसपी (USP) मानी जाती है। कई-कई घंटों तक नॉनस्टॉप काम करके चित्रा ने अपनी अलग पहचान बनाई है। वर्ष 2019 में पाकिस्तान से विंग कमांडर अभिनंनदन की घर वापसी पर उन्होंने सुबह नौ बजे से रात के बारह बजे तक लगातार एंकरिंग/रिपोर्टिंग की थी। उस समय  चित्रा को आजतक जॉइन किए हुए सिर्फ 20 दिन हुए थे।

यूपी चुनाव 2022 में बुलेट रिपोर्टर के तौर पर 100 दिन की कवरेज करने वाली मीडिया इंडस्ट्री की पहली पत्रकार हैं, जिन्होंने 22000 किलोमीटर की यात्रा तय करके अपनी रिपोर्टिंग का लोहा मनवाया।  इसी महीने जब नोएडा में ट्विन टॉवर को गिराया जा रहा था तो चित्रा त्रिपाठी ने दिन में 11:30 बजे से एंकरिंग शुरु की थी और उस समय सोशल मीडिया पर लाखों लोग ‘आजतक’ देख रहे थे। कोरोना काल के दौरान चित्रा त्रिपाठी की ओर से की गई रिपोर्टिंग के कारण ‘आजतक’ प्रबंधन ने उन्हें अपने नौ रत्नों के अवॉर्ड में शामिल किया था।

चित्रा त्रिपाठी द्वारा हफ्ते भर की गई हाथरस की रिपोर्टिंग ने भी उस समय काफी सुर्खियां बटोरी थीं, जब उन्होंने एक अधिकारी को काफी फटकार लगाई थी। लोगों ने धाकड़ पत्रकार की जमकर तारीफ की थी। उत्तर प्रदेश में गोरखपुर से रहने वाली चित्रा त्रिपाठी उन चुनिंदा एंकर्स में हैं, जो डेडिकेशन के साथ लगातार काम में जुटी रहती हैं। चित्रा त्रिपाठी को कश्मीर में आई बाढ़ पर रिपोर्टिंग के लिए प्रतिष्ठित ‘रामनाथ गोयनका’ अवॉर्ड भी मिल चुका है।
बता दें कि ‘आजतक’ से पहले चित्रा त्रिपाठी करीब ढाई साल से ‘एबीपी न्यूज’ से जुड़ी हुई थीं। ‘एबीपी न्यूज’ में ‘2019 कौन जीतेगा’ शो करती थीं, साथ ही उनके पास 'प्रेस कॉन्फ्रेंस' जैसा बड़ा वीकली प्रोग्राम भी था। ‘एबीपी’ में उन्हें सियाचिन में की गई रिपोर्टिंग के लिए बेस्ट रिपोर्टर का अवॉर्ड भी मिल चुका है, जबकि #कौनबनेगामुख्यमंत्री, #मोदीकेचारसाल और #बिहारकानेता कैसा हो, जैसे फ्लैगशिप शो जो लोगों के बीच जाकर किए गए, के जरिये उन्हें बड़ी पहचान मिली और एबीपी प्रबंधन ने उन्हें सम्मानित किया। सोशल मीडिया पर भी उनके फॉलोवर की अच्छी खासी संख्या है।

यूपी के एक गांव में आधी रात को की गई उनकी एक बड़ी स्टोरी, जिसमें बीजेपी विधायक के घर बिजली और पूरे गांव में अंधेरे पर रिपोर्टिंग थी, जिसके बाद यूपी सरकार के बिजली मंत्री ने तीन दिन के अंदर गांव में खंभे लगवाए और आजादी के बाद वहां पहली बार लोगों के घरों में बिजली आई। सपा सरकार के बिजली मंत्री के गांव में भी उन्होंने बिजली पर रात के अंधेरे में रिपोर्टिंग की तो पता चला मंत्रीजी ने अपने धर्म के लोगों के घरों में बिजली पहुंचाई और दूसरे घरों में अंधेरा-कार्यक्रम का नाम था हिंदुओं के घर में अंधेरा। जहां बाद में बिजली पहुंची। फेसबुक के माध्यम से अयोध्या की एक बूढ़ी अम्मा के साथ भोजपुरी में की गई राम मंदिर पर उनकी बातचीत को तीन करोड़ से ज्यादा लोगों ने देखा था।

एबीपी न्यूज के पहले चित्रा ‘इंडिया न्‍यूज’ चैनल में एसोसिएट एडिटर/प्राइम टाइम न्‍यूज एंकर थीं। करीब डेढ़ दशक से पत्रकारिता में सक्रिय चित्रा ने खास उपलब्धि हासिल करने वाली भारतीय युवा महिलाओं पर आधारित शो ‘बेटियां’ का भी सफलतापूर्वक संचालन किया था। उनका ये शो चैनल के फ्लैगशिप शो में गिना जाता था, जिसके 65 एपिसोड्स प्रसारित हुये थे और उनके द्वारा फेसबुक के माध्यम से भानुमति नाम की यूपी के एक गांव की महिला को राष्ट्रपति पुरस्कार के लिये नॉमिनेट किया था, जिसे तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दिल्ली में सम्मानित किया था।

इसके अलावा चित्रा को उनकी स्‍टोरी ‘हिन्‍दुस्‍तान का मिशन जय हिन्‍द’ के लिए भारतीय सेना की ओर से प्रशंसा पत्र भी मिल चुका है। ‘इंडिया न्‍यूज’ से पहले ‘सहारा समय’ (Sahara Samay) में न्‍यूज एंकर/प्रड्यूसर के पद पर कार्यरत थीं। चित्रा त्रिपाठी ने अपना करियर गोरखपुर दूरदर्शन से शुरू किया था। इसके बाद वह विभिन्‍न चैनल जैसे ‘ETV’ उत्‍तर प्रदेश एवं उत्‍तराखंड और ‘न्यूज 24’ में भी काम कर चुकी हैं। चित्रा ने गोरखपुर विश्‍वविद्यालय से ‘डिफेंस स्‍टडीज’ में स्नातकोत्तर किया है और इसमें उन्हें गोल्ड मेडल भी मिला था। एनसीसी सी सर्टिफिकेट प्राप्‍त चित्रा को वर्ष 2001 में रिपब्लिक डे गॉर्ड ऑफ ऑनर में कमांड करने के लिये गोल्ड मेडल मिल चुका है और उन्हें इसी उपलब्धि के कारण तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से भी उनके आवास जाकर मिलने का मौका मिला था।

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इस न्यूज चैनल से जुड़े युवा पत्रकार मुनीष कुमार

इससे पहले मुनीष कुमार करीब छह साल से ऑनलाइन न्यूज पोर्टल ’BoxDop Entertainment’ में एंटरटेनमेंट सेक्शन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 28 September, 2022
Last Modified:
Wednesday, 28 September, 2022
Munish Kumar

युवा पत्रकार मुनीष कुमार ने ‘नेटवर्क18’ (Network18) के साथ मीडिया में अपने नए सफर की शुरुआत की है। उन्होंने ‘न्यूज18’ (हिंदी) में बतौर सीनियर सब एडिटर जॉइन किया है। यहां वह एंटरटेनमेंट सेक्शन में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।  

‘नेटवर्क18’ में नियुक्ति से पहले वह करीब छह साल से ऑनलाइन न्यूज पोर्टल ’BoxDop Entertainment’ में एंटरटेनमेंट सेक्शन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। मुनीष ने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने सफर की शुरुआत दैनिक ‘हरिभूमि’ से की थी।

पूर्व में वह ‘A2z’ न्यूज चैनल  और ‘wefornews’ के साथ भी काम कर चुके हैं। इसके अलावा वह बतौर फ्रीलॉन्सर वह दैनिक ‘हिन्दुस्तान’ और ‘नवोदय टाइम्स’ के साथ भी जुड़े रहे हैं।

मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले मुनीष कुमार को मीडिया में काम करने का करीब नौ साल का अनुभव है। मुनीष ने ‘दिल्ली यूनिवर्सिटी‘ से ग्रेजुएशन किया है। इसके अलावा उन्होंने ‘जामिया मिलिया इस्लामिया‘ से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।  

समाचार4मीडिया की ओर से मुनीष कुमार को उनकी नई पारी के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।

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‘आजतक’ से जुड़े वरिष्ठ टीवी पत्रकार पीयूष पांडे, निभाएंगे ये भूमिका

वरिष्ठ टीवी पत्रकार पीयूष पांडे ने ‘आजतक’ में अपनी नई पारी का आगाज कर दिया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 28 September, 2022
Last Modified:
Wednesday, 28 September, 2022
Piyush Pandey

वरिष्ठ टीवी पत्रकार पीयूष पांडे ने ‘आजतक’ में अपनी नई पारी का आगाज कर दिया है। वे यहां एग्जिक्यूटिव एडिटर (आउटपुट) का पदभार संभालेंगे। ‘आजतक’ के साथ ये इनकी तीसरी पारी है।

बता दें कि उन्होंने ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ में कुछ समय पहले ही इस्तीफा दे दिया था। करीब डेढ़ साल पहले शुरू हुए ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ की लॉन्चिंग टीम का वे अहम सदस्य थे और बतौर सीनियर एडिटर प्राइम टाइम शो ‘ओपिनियन इंडिया का’ के अलावा हाल तक डिजिटल का प्रभार देख रहे थे।

पीयूष पांडे ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ से पहले ‘सूर्या टीवी’ के साथ थे, जहां वे एग्जिक्यूटिव एडिटर (आउटपुट) के पद पर कार्यरत थे और इसके पहले वे ‘एबीपी न्यूज’ और उससे पहले ‘आजतक’ में थे। ‘आजतक’ में वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी के चर्चित शो ‘दस्तक’  के प्रड्यूसर थे।

पत्रकारिता में करीब ढाई दशक का अनुभव रखने वाले पीयूष देश के उन चुनिंदा पत्रकारों में हैं, जिन्हें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, वेब मीडिया के साथ फिल्मी दुनिया में काम करने का खासा अनुभव है और उनकी पहचान उनका वर्सेटाइल होना ही है। इतना ही नहीं, पीयूष की एक पहचान व्यंग्यकार की भी है। उनके तीन व्यंग्य संग्रह 'छिछोरेबाजी का रिजोल्यूशन' 2012 में राजकमल प्रकाशन से और 'धंधे मातरम' 2017 में और फिर कबीरा बैठा डिबेट में 2020 में प्रभात प्रकाशन से प्रकाशित हो चुका है। फेसबुक पर उनके वन लाइनर खासे चर्चित हैं। इसके बाद, इस साल उनकी चौथी किताब ‘कुछ पाने की जिद- मनोज वाजपेयी’ ने मार्केट में दस्तक दी, जो मनोज बाजपेयी की बायोग्राफी है।

पीयूष ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1998 में ‘अमर उजाला’ अखबार से की थी। 2001 में ‘नवभारत टाइम्स’ ऑनलाइन की लॉन्चिंग टीम में रहे और फिर करीब तीन साल उसे संभाला भी। ‘आजतक’ में टीवी पत्रकारिता का लंबा अनुभव लेने के बाद उन्होंने 2007 में ‘सहारा समय’ में आउटपुट हेड की जिम्मेदारी संभाली। ‘जी न्यूज’ में बतौर एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर काम किया, तो आईबीएन-7 (न्यूज18 इंडिया) में उन्होंने बतौर सोशल मीडिया एडिटर काम किया। हालांकि, आईबीएन-7 की उनकी पारी खासी छोटी रही। इसके बाद ‘आजतक’, ‘एबीपी न्यूज’, ‘सूर्या टीवी’ होते हुए वे ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ में आए थे।

पीयूष की एक पहचान सोशल मीडिया एक्सपर्ट की भी है। ‘दैनिक भास्कर’, ‘दैनिक जागरण’, ‘प्रभात खबर’, ‘कादम्बिनी’ समेत कई पत्र पत्रिकाओं में इंटरनेट और सोशल मीडिया पर उनके कॉलम प्रकाशित होते रहे हैं। ‘जी न्यूज’ में सोशल मीडिया से जुड़ा देश का पहला दैनिक शो ‘ट्रेंडिंग न्यूज’ शुरू कराने का श्रेय इन्हीं को जाता है। पीयूष ने 'ब्लू माउंटेंस' फिल्म में बतौर एसोसिएट डायरेक्टर काम किया और स्टार प्लस पर प्रसारित सीरियल ‘महाराज की जय हो’ के संवाद उन्होंने लिखे। उनकी फिल्मों की जानकारी व दिलचस्पी अकसर फेसबुक पोस्ट में दिखायी देती रहती है। फेसबुक के जरिए ही पता चलता है कि हाल में उन्होंने एक शॉर्ट फिल्म ‘पार्ट टाइम जॉब’ निर्देशित की है, जिसमें बॉलीवुड अभिनेत्री श्रेया नारायण मुख्य भूमिका में हैं।

मूल रूप से आगरा के रहने वाले पीयूष पांडे ने पत्रकारिता और सूचना तकनीक में मास्टर्स डिग्री ली है। आगरा यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता के कोर्स के दौरान गोल्ड मेडलिस्ट रहे पीयूष पांडे को सीएसडीएस समेत कई अहम संस्थानों की फेलोशिप भी मिल चुकी है।

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‘टाइम्स नाउ नवभारत’ की टीम को और मजबूत बनाने के लिए मैनेजमेंट ने लिया ये फैसला

‘टाइम्स नाउ नवभारत’ में टीम और मैनेजमेंट के बीच समन्वय स्थापित करने और चैनल को और अधिक मजबूती प्रदान करने के इरादे से एक बड़ा कदम उठाया गया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 28 September, 2022
Last Modified:
Wednesday, 28 September, 2022
Times Now Navbharat

‘टाइम्स नेटवर्क’ (Times Network) के हिंदी न्यूज चैनल ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ (Times Now Navbharat) में टीम और मैनेजमेंट के बीच समन्वय स्थापित करने और चैनल को और अधिक मजबूती प्रदान करने के इरादे से एक बड़ा कदम उठाया गया है। दरअसल, ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ की एडिटर-इन-चीफ नाविका कुमार की ओर से एक इंटरनल मेल जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि यहां इनपुट डेस्क, आउटपुट डेस्क, रिपोर्टर्स, एंकर्स, न्यूज रिसर्च टीम, सोशल मीडिया टीम व गेस्ट टीम के हेड (प्रफुल्ल) अब सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर व वरिष्ठ टीवी पत्रकार रंजीत कुमार को रिपोर्ट करेंगे। इसके अतिरिक्त अब एम्प्लॉयीज को छुट्टी के लिए भी इन्हीं से मंजूरी लेनी होगी।   

वहीं चीफ एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर के पद पर काम कर रहे अनुपम श्रीवास्तव रंजीत कुमार के साथ मिलकर काम करेंगे, जो बड़े इवेंट्स को देखेंगे, प्रॉडक्शन स्टाफ व आउटपुट के वीकेंड स्टाफ की जरूरतों को समझेंगे और रंजीत कुमार को रिपोर्ट करेंगे।

इस इंटरनल मेल के अनुसार, ये बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।

बता दें कि वरिष्ठ टीवी पत्रकार रंजीत कुमार को इस महीने की शुरुआत में ही सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर के पद पर नियुक्त किया गया है। अपनी इस भूमिका में वह चैनल की एडिटोरियल लीडरशिप टीम के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और आउटपुट डेस्क, असाइनमेंट, न्यूज रिसर्च, गेस्ट को-ऑर्डिनेशन, सोशल मीडिया व प्रॉडक्शन सहित समग्र परिचालनों का नेतृत्व कर रहे हैं।

रंजीत कुमार चैनल के नोएडा ऑफिस से अपना कामकाज संभाल रहे हैं और उनकी रिपोर्ट ‘टाइम्स नेटवर्क’ की ग्रुप एडिटर व ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ की एडिटर-इन-चीफ नाविका कुमार को है।

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ZEE BUSINESS को अलविदा कह एंकर प्रशान्त पाण्डेय ने इस चैनल से शुरू की नई पारी

‘जी बिजनेस’ (Zee Business) के सीनियर एंकर प्रशान्त पाण्डेय ने यहां से अलविदा कह दिया है। प्रशान्त इस संस्थान से साढ़े तीन वर्ष से ज्यादा समय से जुड़े थे।

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Published - Wednesday, 28 September, 2022
Last Modified:
Wednesday, 28 September, 2022
Prashant-Pandey

‘जी बिजनेस’ (Zee Business) के सीनियर एंकर प्रशान्त पाण्डेय ने यहां से अलविदा कह दिया है। प्रशान्त इस संस्थान से साढ़े तीन वर्ष से ज्यादा समय से जुड़े थे। उन्होंने ‘जी मीडिया‘ में वर्ष 2019 में अपनी पारी की शुरुआत की थी।

प्रशान्त ने अपनी नई पारी ‘टाइम्स ग्रुप‘ के बिजनेस चैनल ‘ET NOW स्वदेश‘ से शुरू की है। यहां वह डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।

प्रशान्त को ब्रॉडकास्ट मीडिया में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। इस दौरान वह ‘ईटीवी भारत‘,‘नेटवर्क18‘ और ‘स्टार स्पोर्ट्स‘ जैसे तमाम प्रतिष्ठित संस्थानों में अहम भूमिका निभा चुके हैं। प्रशान्त की बॉलीवुड में काफी अच्छी पकड़ है। मीडिया की दुनिया में उन्हें सौम्य, सुलझा हुआ और एक्सपेरिमेंट करने वाला पत्रकार माना जाता है।

मूलरूप से गोरखपुर( यूपी) के रहने वाले प्रशान्त ने वर्ष 2008 में ‘ईटीवी‘ से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह ‘स्टार स्पोर्ट्स‘ और फिर ‘न्यूज18‘ से जुड़े।

समाचार4मीडिया की ओर से प्रशान्त पाण्डेय को उनकी नई पारी के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।

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हैप्पी बर्थडे हेमंत शर्मा: हिंदी पत्रकारिता का पर्याय हैं आप

‘टीवी9 भारतवर्ष’ के न्यूज डायरेक्टर व वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा का आज जन्मदिन है। हेमंत शर्मा का जन्म बनारस में हुआ है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 27 September, 2022
Last Modified:
Tuesday, 27 September, 2022
Hemantsharma45212

‘टीवी9 भारतवर्ष’ के न्यूज डायरेक्टर व वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा का आज जन्मदिन है। आज वे अपना 61वां जन्मदिन मना रहे हैं। हेमंत शर्मा का जन्म बनारस में हुआ है।

पिछले 35 वर्षों से भी अधिक समय से हिंदी पत्रकारिता में सक्रिय हेमंत शर्मा ने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित एक्सप्रेस ग्रुप के ‘जनसत्ता’ अखबार से की थी। उन्हें पत्रकारिता और साहित्य विरासत में मिली है। पंद्रह साल तक ‘जनसत्ता’ के राज्य संवाददाता रहने के बाद, दो साल ‘हिन्दुस्तान’, लखनऊ में संपादकी की। इसके बाद से वे लंबे अर्से से टीवी पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं।

उन्होंने 1983 में बहुत कम उम्र में पत्रकारिता शुरू कर दी थी। स्नातक से डॉक्टरेट तक की उनकी शैक्षिक यात्रा वाराणसी के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से हुई। औपचारिक शिक्षा के साथ ही यहीं से उन्होंने समाज, प्रकृति, उत्सव, संस्कृति के ज्ञान का अध्ययन करने के अपने प्रयासों को भी जारी रखा और उनके शब्द, तात्पर्य और धारणाओं की समझ भी यहीं बनी। उन्होंने यहां से पीएचडी की।

बनारस हिंदू विश्‍वविद्यालय से शोध करने वाले वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा के करियर का सफर देश के प्रमुख मीडिया घरानों जैसे- ‘एक्सप्रेस ग्रुप’, ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’, ‘इंडिया टीवी’ से होता हुआ, अब प्रतिष्ठित ‘टीवी9 ग्रुप’ तक जा पहुंचा, जिसके साथ वह अब वर्तमान में जुड़े हुए हैं और यहां वे साल 2019 की शुरुआत से हैं।

हेमंत शर्मा अपने राजनीतिक व्यंग्य और अपने उग्र लेखन के लिए जाने जाते हैं। उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 'यश भारती' से सम्मानित किया जा चुका है।

बनारस हिंदू विश्‍वविद्यालय से शोध करने वाले हेमंत शर्मा की चार पुस्‍तकों के अलावा ‘अयोध्‍या का चश्‍मदीद’ और ‘युद्ध में अयोध्‍या’ खासी चर्चित किताबें रही हैं। व्यापक रूप से प्रशंसित 'युद्ध में अयोध्या' आंदोलन की सभी अनकही कहानियों का एक जीवंत लेखन है, जिसने भारतीय राजनीति की कहानी को हमेशा के लिए बदल दिया।

प्रिंट मीडिया के पत्रकार रह चुके हेमंत शर्मा ने कैलास मानसरोवार पर भी एक किताब 'द्वितीयोनास्ति' लिखी है, जिसमें कैलास मानसरोवर की आश्चर्यजनक सुंदरता को वर्णित किया गया है और यह भी काफी चर्चित किताब रही। उनकी अन्य रचनाओं में शामिल ‘तमाशा मेरे आगे’ जीवन और समाज पर लेखों का एक संग्रह है। इसके अलावा उन्होंने ‘एकदा भारतवर्षे’ किताब भी लिखी है।

हेमंत शर्मा को चैनल के उन अधिकारियों में गिना जाता है, जो चैनल के संचालन की कमान को बेहतरीन ढंग से संभालते हैं।

हेमंत शर्मा ने अयोध्या आंदोलन को काफी करीब से देखा है। ताला खुलने से लेकर ध्वंस तक की हर घटना की रिपोर्टिंग के लिए अयोध्या में मौजूद वे इकलौते पत्रकार हैं। बाबरी ध्वंस के वक्त विवादित इमारत से वे कोई सौ गज की दूरी पर थे और वे कारसेवा, शिलान्यास, विवादित ढांचा खुलने के भी चश्मदीद रहे हैं।

उनका राजनीति, समाज, परंपरा को समझने और पढ़ने का क्रम अब भी अनवरत जारी है।

हेमंत शर्मा ‘इंडिया टीवी’ के चेयरमैन रजत शर्मा के पुराने सहयोगी हैं और वे गृह मंत्री अमित शाह के भी काफी करीब माने जाते हैं। हेमंत शर्मा को हिंदी पत्रकारिता का पर्यायवाची कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी।

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सुप्रीम कोर्ट ने नाविका कुमार को दी ये बड़ी राहत

टीवी डिबेट के दौरान पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी किए जाने के मामले में एंकर नाविका कुमार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 23 September, 2022
Last Modified:
Friday, 23 September, 2022
Navika Kumar

टीवी डिबेट के दौरान पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी किए जाने के मामले में एंकर नाविका कुमार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। शीर्ष अदालत ने नाविका कुमार के खिलाफ 8 सप्ताह तक किसी ऐक्शन पर रोक लगा दी है। इसके अलावा उनके खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में दर्ज केसों को भी दिल्ली ट्रांसफर करने का आदेश दिया है। अब नाविका कुमार पर दर्ज सभी मामलों की जांच अब दिल्ली पुलिस की ‘इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस' (आईएफएसओ) इकाई ही करेगी। 

इसके पहले आठ अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने नाविका कुमार के खिलाफ देश के तमाम हिस्सों में दर्ज एफआईआर को लेकर उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रूप से रोक लगा दी थी। साथ ही जस्टिस कृष्णा मुरारी और हेमा कोहली की बेंच ने नाविका कुमार की उस याचिका पर केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस भी जारी किया था, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज मामलों को रद्द करने की मांग की है।

गौरतलब है कि भाजपा प्रवक्ता (अब निलंबित) नुपुर शर्मा द्वारा कुछ माह पूर्व पैगंबर मोहम्मद पर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में देश-विदेश में आग भड़क उठी थी। भारत और विदेशों में मुस्लिम समुदाय में भारी आक्रोश को देखते हुए बीजेपी ने नूपुर शर्मा को पार्टी से निलंबित कर दिया था। इस आग की चिंगारी नाविका कुमार तक भी पहुंच गई थी और उनके खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में एफआईआर कराई गई थीं। इन एफआईआर में नाविका कुमार पर जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया था।

इन एफआईआर में आरोप लगाया गया कि 25 मई की रात नौ बजे जब नाविका कुमार अपने प्राइम टाइम शो ‘द न्यूज ऑवर’ को होस्ट कर रही थीं, तब नुपुर शर्मा ने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ अपशब्द कहे थे, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। हालांकि, ‘टाइम्स नाउ’ ने नुपुर की टिप्पणी से खुद को दूर करने की कोशिश करते हुए दावा किया था कि यह उनका समर्थन नहीं करता है।

चैनल द्वारा एक बयान में कहा गया था, ‘हम अपनी बहस के प्रतिभागियों से संयम बनाए रखने और साथी पैनलिस्टों के खिलाफ असंसदीय भाषा में शामिल नहीं होने का आग्रह करते हैं।’

 

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सीनियर न्यूज एंकर निधि वासंदानी ने Republic Bharat को कहा अलविदा

वह इस चैनल की शुरुआत से ही इसके साथ जुड़ी हुई थीं और इन दिनों बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर/सीनियर एंकर अपनी जिम्मेदारी संभाल रही थीं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 23 September, 2022
Last Modified:
Friday, 23 September, 2022
Nidhi Vasandani

टीवी जर्नलिस्ट और सीनियर न्यूज एंकर निधि वासंदानी ने हिंदी न्यूज चैनल ‘रिपब्लिक भारत’ (Republic Bharat) में अपनी करीब साढ़े तीन साल पुरानी पारी को विराम दे दिया है। वह इस चैनल की शुरुआत से ही इसके साथ जुड़ी हुई थीं और इन दिनों बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर/सीनियर एंकर अपनी जिम्मेदारी संभाल रही थीं।  

समाचार4मीडिया से बातचीत में निधि वासंदानी ने बताया कि 24 सितंबर इस संस्थान में उनका आखिरी कार्यदिवस होगा। निधि ने बताया कि वह जल्द ही अपनी नई पारी शुरू करेंगी। ‘रिपब्लिक भारत’ को जॉइन करने से पहले निधि वासंदानी ‘इंडिया न्यूज’ में बतौर एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर और न्यूज एंकर की जिम्मेदारी निभा रही थीं। हालांकि, यहां उनका सफर महज आठ महीने ही रहा था।

निधि वासंदानी को मीडिया में काम करने का करीब डेढ़ दशक का अनुभव है। ‘इंडिया न्यूज’ से पहले वह ’एबीपी न्यूज’ का चिर-परिचित चेहरा रही हैं। उन्होंने इस न्यूज चैनल के साथ करीब चार साल की पारी खेली। निधि वर्ष 2014 में ’एबीपी न्यूज’ के साथ जुड़ी थीं। वह 2014 के फीफा वर्ल्ड कप से लेकर ’एबीपी न्यूज’ के लोकप्रिय शो ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री’ तक कवर कर चुकी हैं। इसके साथ ही वह महाराष्ट्र और आस पास के राज्यों की खबरों वाला शो ‘मुंबई लाइव’ कवर कर चुकी हैं। निधि ये शो खुद ही बनाती थीं और इसकी एंकरिंग भी खुद ही करती थीं। नोटबंदी के दौरान निधि के काम को कई बार सराहा गया, क्योंकि उन्होंने कई ऐसे रिपोर्ट्स तैयार की थीं, जिसमें कैशलैस इंडिया की तस्वीर को उजागर किया गया था।

’एबीपी न्यूज’ से पहले निधि ’जी बिजनेस’ में कार्यरत थीं। यहां अप्रैल 2009 से मार्च  2014 तक अपनी पारी के दौरान उन्होंने प्रड्यूसर के साथ-साथ एंकरिंग की भी जिम्मेदारी संभाली। वह ‘जी मीडिया’ के अन्य न्यूज चैनलों में भी दे अपना योगदान दे चुकी हैं, जिनमें ‘जी’ यूपी/उत्तराखंड व ‘जी संगम’ शामिल है। इसके पहले वह मई 2007 से अप्रैल  2009 तक ‘सहारा समय’ में रही हैं। उन्होंने कुछ समय तक भोपाल में ‘राज न्यूज‘ और ‘भास्कर टीवी‘ के साथ भी काम किया है।  

निधि ने इकनॉमिक्स (ऑनर्स) में ग्रेजुएशन किया है और वह डबल पोस्ट ग्रेजुएट  (मास कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल साइंस) हैं। निधि एक ट्रेंड क्लासिकल डांसर भी हैं, जिन्होंने कथक में ग्रेजुएशन किया है। वह कई स्टेज शो भी कर चुकी हैं। वह बच्चों को डांस भी सिखाती हैं। चूंकि उनका नाता भोपाल से हैं, लिहाजा वह भोपाल के दूरदर्शन में कई बार परफॉर्मेंस भी दे चुकी हैं। भोपाल की सर्वश्रेष्ठ क्लासिकल डांसर के तौर पर निधि को शिवराज सिंह चौहान सम्मानित भी कर चुके हैं।इसके अलावा निधि को वर्ष 2004 में सिंधि प्रतिभा के लिए नेशनल अवॉर्ड समेत कई पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है।

समाचार4मीडिया की ओर से निधि वासंदानी को उनके नए सफर के लिए अग्रिम शुभकामनाएं।

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संकेत उपाध्याय ने बताया, कौन हैं मीडिया में नफरत के 'असली कारोबारी' और कैसे लगेगी लगाम

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस केएम जोसेफ ने कहा कि 'हेट स्पीच पूरी तरह से जहर बोने का काम करती है। इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 22 September, 2022
Last Modified:
Thursday, 22 September, 2022
Sanket Upadhyay

सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया और टीवी एंकरों को लेकर केंद्र सरकार पर बड़े सवाल खड़े किए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सीधे शब्दों में इसकी निंदा करते हुए कहा है कि हेट स्पीच यानी कि अभद्र भाषा का जब टीवी डिबेट्स में इस्तेमाल होता है तो सरकार 'मूकदर्शक' क्यों बनी हुई है ?

कोर्ट ने कहा कि टीवी एंकर की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। जैसे ही कोई गलत या विवादित बयान देता है तो यह काम एंकर का होता है कि उन्हें तुरंत टोका जाए या आगे बोलने से रोका जाए।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस केएम जोसेफ ने कहा कि 'हेट स्पीच पूरी तरह से जहर बोने का काम करती है। इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती है। हमारे पास जब तक एक उचित कानूनी ढांचा नहीं होगा तब तक लोग ऐसा करना जारी रखेंगे। '

इस पूरे वाकये पर एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार संकेत उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट का समर्थन किया है। संकेत उपाध्याय ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'सुप्रीम कोर्ट ने नफ़रती TV एंकरों पर अच्छी टिप्पणी की। लेकिन पीछे बैठे आकाओं को भी नहीं बख्शना चाहिए। मीडिया में नफ़रत के असली कारोबारी तो पर्दे के पीछे बैठे लोग हैं। वहाँ से टूँटी बंद होगी तो अपने आप स्क्रीन पर नफ़रत का प्रवाह बंद हो जाएगा।'

 

 

इस मामले को लेकर एंकर संकेत उपाध्याय ने अपने शो में  देश के पहले टीवी न्यूज़ एंकर शम्मी नारंग से भी बात की है। इस मसले पर बोलते हुए शम्मी नारंग ने कहा कि गाज सिर्फ एंकर पर ही क्यों गिरनी चाहिए ? वर्तमान में चैनलों की आपसी होड़ ने भी नफरत को बढ़ावा देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि दर्शकों को नकारात्मकता परोसी जा रही है लेकिन ये दौर मंथन का भी है, एक समय ऐसा भी आएगा जब ज़हर और अमृत दोनों अलग अलग हो जाएंगे।

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वक्फ की जमीन को लेकर अमिश देवगन ने उठाए सवाल, किया ये बड़ा खुलासा

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश में चल रहे गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के सर्वे के ऐलान के बाद अब वक्फ संपत्तियों के सर्वे का फैसला लिया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 22 September, 2022
Last Modified:
Thursday, 22 September, 2022
Amish Devgan

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश में चल रहे गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के सर्वे के ऐलान के बाद अब वक्फ संपत्तियों के सर्वे का फैसला लिया है। दरअसल, योगी सरकार ने प्रदेश में बंजर, ऊसर आदि सार्वजनिक संपत्तियों को वक्फ के तौर पर दर्ज करने के 1989 के शासनादेश को रद्द कर दिया है। सरकार ने इसी के साथ प्रदेश में वक्फ की संपत्तियों का सर्वे शुरू कर दिया है।

सरकार के इन फैसलों पर सियासत तेज हो गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इन फैसलों का विरोध किया है। अखिलेश यादव का साफ कहना है कि हम सर्वे के खिलाफ हैं, सर्वे नहीं होना चाहिए। एआईएमआईएम ने भी वक्फ की संपत्तियों के सर्वे पर योगी सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने योगी सरकार पर हमला बोलते हुए पूछा कि वह केवल वक्फ संपत्तियों का सर्वेक्षण क्यों कर रहे हैं? उन्हें हिंदू बंदोबस्ती बोर्ड की संपत्तियों की भी जांच करनी चाहिए। उन्होंने मदरसों के सर्वे कराने को सरकार की साजिश करार देते हुए यूपी सरकार पर अनुच्छेद 300 (संपत्ति का अधिकार) के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

इस बीच ‘न्यूज18 इंडिया’ (हिंदी) के मैनेजिंग एडिटर और सीनियर एंकर अमिश देवगन ने अपने शो ‘आर-पार’ में इस पूरे मुद्दे को जनता के सामने रखा है। उन्होंने कहा है कि देश में रेलवे और सेना के बाद वक्फ बोर्ड के पास सबसे ज्यादा आठ लाख एकड़ जमीन है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर वक्फ बोर्ड के पास ये लाखों एकड़ की जमीन कैसे आई।    

इसके साथ ही अमिश देवगन ने इस शो में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की ‘कारगुजारियों’ को लेकर काफी बड़ा खुलासा भी किया है। अपने शो में अमिश देवगन ने बताया है कि वर्ष 2014 में जब लोकसभा चुनाव को लेकर देश में आचार संहिता लगी थी, उससे कुछ ही घंटों पहले तत्कालीन मनमोहन सिंह की सरकार ने काफी बड़ा ‘खेल’ किया था।  

अमिश देवगन ने बताया कि पांच मार्च 2014 को जारी शासनादेश में तत्कालीन मनमोहन सरकार द्वारा दिल्ली में 123 वक्फ संपत्तियों को दिल्ली वक्फ बोर्ड को गिफ्ट में दे दिया गया था।  इनमें लोदी रोड और मिंटो ब्रिज जैसे वीवीआईपी इलाकों में भी जमीन दी गई। इसके बाद कनॉट प्लेस, अशोक रोड और मथुरा रोड पर भी जमीन दी गई।

अमिश देवगन ने सवाल उठाया कि क्या आपने कहीं देखा है कि सरकार में कोई अर्जी लगाएं और एक हफ्ते में उसका रिजल्ट आ जाए, लेकिन वक्फ बोर्ड की अर्जी पर सरकार ने तुरत-फुरत में एक हफ्ते के अंदर यह फैसला ले लिया। अमिश देवगन ने इन संपत्तियों की कीमत 120 करोड़ रुपये से 150 करोड़ रुपये होने का अनुमान लगाया है।   

अमिश देवगन ने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा कभी हुआ है कि आप एक अर्जी लगाएं और मात्र एक हफ्ते में उसका रिजल्ट आ जाए। क्या ये तुष्टिकरण की पराकाष्ठा थी?  इस पर गंभीर सवाल खड़े होंगे। अमिश देवगन ने अपने शो में इस शासनादेश की कॉपी भी दिखाई और कहा कि इसमें पूरा विवरण है कि दिल्ली में कहां-कहां पर और कितनी प्रॉपर्टी दिल्ली वक्फ बोर्ड को दी गई।

यही नहीं, अमिश देवगन ने 1995 में तत्कालीन पीवी नरसिम्हा राव की सरकार का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे इस एक्ट को अमलीजामा पहनाया गया। उन्होंने कहा कि 1995 में इस वक्फ एक्ट को पूरे एक्शन के साथ लाया गया। इस वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 के अनुसार किसी संपप्ति को वक्फ घोषित करने का अधिकार दिया गया। यानी यदि किसी संपत्ति पर वक्फ बोर्ड अपना दावा कर देता है तो दूसरे पक्ष को अपना मालिकाना हक साबित करना होगा। इस एक्ट के सेक्शन 54 के तहत वक्फ बोर्ड डीएम के जरिये संपत्ति से अतिक्रमण हटवा सकता है। यही नहीं, सेक्शन चार और पांच में यह भी कहा गया है कि वक्फ की संपत्ति का सर्वे राज्य सरकार के खर्चे से होगा। अमिश देवगन के अनुसार, उस समय किसी ने भी इस एक्ट को लेकर सवाल खड़े नहीं किए। अब जब सर्वे की बात हो रही है तो इसका विरोध हो रहा है।

‘आर-पार’ के इस एपिसोड को आप यहां देख सकते हैं।

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फिर iTV नेटवर्क से जुड़े युवा पत्रकार चेतन सेठ, निभाएंगे यह भूमिका

युवा पत्रकार चेतन सेठ ने ‘आईटीवी नेटवर्क’ के साथ पत्रकारिता में अपने नए सफर की शुरुआत की है। पूर्व में भी वह यहां अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 22 September, 2022
Last Modified:
Thursday, 22 September, 2022
Chetan Tripathi

युवा पत्रकार चेतन सेठ ने ‘आईटीवी नेटवर्क’ के साथ पत्रकारिता में अपने नए सफर की शुरुआत की है। उन्होंने इस नेटवर्क के चैनल ‘इंडिया न्यूज’ (मध्य प्रदेश/छत्तीसगढ़) में बतौर असाइनमेंट हेड जॉइन किया है। ‘इंडिया न्यूज‘ के साथ चेतन सेठ की यह दूसरी पारी है। पूर्व में भी वह यहां अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

बता दें कि चेतन सेठ ने पिछले दिनों ‘वनइंडिया‘ चैनल से इस्तीफा दे दिया था। वह करीब दस महीने से ग्वालियर-चम्बल में बतौर डिप्टी क्लस्टर हेड के तौर पर अपनी भूमिका निभा रहे थे।

मूल रूप से शिवपुरी (मध्य प्रदेश) के रहने वाले चेतन सेठ को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का पांच साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने दिल्ली, नोएडा और ग्वालियर, भोपाल सहित तमाम जगह काम किया है। वह डिप्टी क्लस्टर हेड होने के साथ इनपुट, आउटपुट, रिपोर्टर रह चुके हैं। पूर्व में वह ‘भारत न्यूज टीवी‘ और ‘सहारा समय‘ में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

चेतन सेठ ने बताया कि उन्होंने ‘सहारा समय‘ में रहते हुए कोविड काल के दौरान हो रहे ‘पीडीएस घोटाले‘ का खुलासा किया। सरकार की ओर से शुरू हुई जनसम्पर्क विभाग की मदद की पोल खोली। मध्य प्रदेश में चल रहे ऑपरेशन लोटस कवरेज में भी उन्होंने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके साथ ही ‘इंडिया न्यूज‘ में रहते हुए नकली प्लाज्मा मामले का भी खुलासा किया, जो देश-दुनिया में काफी चर्चित हुआ और सरकार सहित तमान सामाजिक संस्थाओं ने उनके इस कार्य की सराहना की एवं सम्मान किया था।

समाचार4मीडिया की ओर से चेतन सेठ को उनकी नई पारी के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।

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