Zee मीडिया की प्रत्यूषा अग्रवाल ने बताई फ्रेश कंटेंट को लेकर नेटवर्क की स्ट्रैटेजी

'जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (ZEEL) ने प्रमुख कंज्यूमर पैकेज्ड गुड (CPG) ब्रैंड्स के साथ इनोवेटिव पार्टनरशिप के द्वारा अपने कंटेंट की वापसी को घोषणा की है।

Last Modified:
Tuesday, 14 July, 2020
Prathyusha Agarwal

देश की प्रमुख मीडिया और एंटरटेनमेंट कंपनी 'जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (ZEEL) ने प्रमुख कंज्यूमर पैकेज्ड गुड (CPG) ब्रैंड्स के साथ इनोवेटिव पार्टनरशिप के द्वारा अपने कंटेंट की वापसी की घोषणा की है। इसके लिए नेटवर्क ने नेस्ले मैगी, अमूल लस्सी, पेप्सिको, रेड लेबल, कैडबरी डेरी मिल्क और आईटीसी डार्क फैंटेसी जैसे ब्रैंड्स के साथ हाथ मिलाया है। इसके साथ ही नेटवर्क ने 13 जुलाई से ‘जी टीवी’ के साथ ही चार अन्य चैनल्स &TV, Zee Marathi, Zee Yuva और Zee Punjabi पर डेली कंटेंट की वापसी की घोषणा की है।

नेटवर्क की ओर से चलाए जाने वाले कैंपेन और चैनल्स के लिए कंटेंट स्ट्रैटेजी के बारे में ZEEL की चीफ कंज्यूमर ऑफिसर प्रत्यूषा अग्रवाल का कहना है कि कोविड-19 के दौरान टीवी की काफी अहम भूमिका रही है। तमाम न्यूज अपडेट्स लेने और सोशल डिस्टैंसिंग के दौर में बाहरी दुनिया से जुड़े रहने के लिए लोगों ने टीवी का रुख किया है।

उन्होंने कहा, ‘जब हमने यह काम शुरू किया था, तब हम देश का मूड समझने के लिए अपनी कंज्यूमर रिसर्च कर रहे थे और यह जानना चाह रहे थे कि हमारे ब्रैंड पार्टनर्स और कस्टमर्स इस दौरान किस तरह का अनुभव कर रहे हैं? वे आखिर में क्या चाहते हैं? हम अप्रैल से यह देख रहे थे और उस समय यह भावना थी कि हमें अपने आप को बचाने की जरूरत है। जैसे ही हम मई की ओर बढ़े, हमने देखा कि उस समय प्रमुख भावना यह थी कि कैसे इससे बाहर निकलना है और जीवन को सामान्य बनाना है? यह सब हमने अपनी पार्टनर एजेंसी के साथ शेयर किया और एक मजबूत पार्टनरशिप के साथ वापस आए।’  

वर्चुअल राउंड टेबल के दौरान प्रत्यूषा अग्रवाल ने बताया, ‘इस कैंपेन के द्वारा जी देश के कुछ लोकप्रिय ब्रैंड्स को एक साथ लेकर आया है। #BanegiBaatSaathSaath के दावे के साथ पूरी टीवी इंडस्ट्री अपने व्युअर्स को एंटरटेन करने के लिए एक साथ आगे आ रही है। हमारा मानना है कि वर्ष 2020 के शुरुआती छह महीने में हमने जितनी चुनौतियों का सामना किया है, वह इंटरवल से पहले कहानी में आने वाले मोड़ की तरह हैं और जब हम सब साथ मिलकर चलेंगे तो बाकी के छह महीनों में हम मुश्किल चीजें भी हासिल कर सकते हैं और इसे काफी बेहतर छमाही बना सकते हैं।’

अग्रवाल का यह भी कहना था, ‘टीजर को मुंबई व दिल्ली में लॉन्च किया गया था और हमारे सभी शोज व प्रत्येक चैनल की वापसी 21 शहरों में हुई थी। इसके पीछे हमारी दोहरी स्ट्रैटेजी थी। हम मुंबई और दिल्ली में टीजर लॉन्च करना चाहते थे और इसे डिजिटल माध्यम तक ले जाना चाहते थे जहां पूरे देश में इसकी पहुंच हो जाएगी और इसके बाद अन्य मीडिया पर इसे ले जाया जाएगा।’

तीन महीने के लंबे इंतजार के बाद नए एपिसोड के साथ दर्शक अपनी स्टोरीज और कैरेक्टर्स की पर्दे पर वापसी को लेकर उत्सकु थे। जहां Zee Bangla, Zee Kannada, Zee Sarthak, Zee Keralam, Zee Telugu ने पहले ही अपने व्युअर्स को एंटरटेन करना शुरू कर दिया है और रीजनल मार्केट में हर हफ्ते 100 घंटे से ज्यादा का कंटेंट डिलीवर कर रहे हैं, हिंदी भाषी मार्केट के चार चैनल्स Zee TV, &TV, Zee Marathi और Zee Punjabi भी 13 जुलाई से लाइव हो गए हैं।

कंटेंट स्ट्रैटेजी के बारे में अग्रवाल ने कहा कि यह जानना जरूरी था कि दर्शक क्या मिस कर रहे थे और क्या महसूस कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘इस महामारी के बाद लोगों का दृष्टिकोण बदल गया है। उनका व्यवहार बदल गया है। इस दौरान टीवी का इस्तेमाल 35 प्रतिशत तक बढ़ गया था। हमने नील्सन (Nielsen) के साथ अनुमानित विश्लेषण किया। इसमें घरों पर रहने वाले और काम के लिए घर से बाहर जाने वाले लोगों का तुलनात्मक अध्ययन किया गया, जिससे हमें उपलब्ध ऑडियंस के बारे में जानकारी मिली, जब हम अनलॉक दो की दिशा में जा रहे हैं। कोविड के दौरान लोगों के व्यवहार में एक बड़ा बदलाव यह आया है कि वे घर पर एक-दूसरे के साथ ज्यादा समय गुजार रहे हैं। कोविड के दौरान परिवार एक साथ आए और यह देखते हुए कि पारिवारिक कंटेंट का इस्तेमाल बढ़ रहा है, हमने इन एलीमेंट्स पर ज्यादा जोर दिया।’

अग्रवाल के अनुसार, ‘इस बात को लेकर भी काफी फिक्र है कि कैसे हम इस स्थिति से बाहर आएंगे और क्या करेंगे? हम दिखा रहे हैं कि हम सब साथ मिलकर इस मुश्किल समय से बाहर निकलेंगे और यह हमारे ट्रैक में भी दिखाई देगा। इसके अलावा, इस तरह की स्थिति से निजात दिलाने में कॉमेडी जॉनर भी अहम भूमिका निभाता है। हमने इस दिशा में काफी काम किया है कि हम अपने पात्रों को पटरी पर लाने और नई कहानियों में कैसे जान डालते हैं।’

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विज्ञापनों को लेकर नेपाल ने विदेशी टीवी चैनल्स के लिए दिए ये आदेश

नेपाल सरकार की ओर से इस तरह का नियम न मानने वालों को कानूनी कार्यवाही की चेतावनी दी गई है।

Last Modified:
Friday, 23 October, 2020
TV Channels

नेपाल सरकार ने विदेशी टीवी चैनल्स (foreign television channels) के डिस्ट्रीब्यूटर्स को 23 अक्टूबर से राज्य में विज्ञापन के बिना चैनल्स ब्रॉडकास्ट करने के आदेश दिए हैं। ऐसा करने में विफल रहने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की चेतावनी दी गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बारे में जारी एक बयान में संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने विदेशी टीवी चैनल्स के डिस्ट्रीब्यूटर्स से कहा है कि एडवर्टाइजिंग (रेगुलेशन) एक्ट 2019 के तहत 23 अक्टूबर से विदेशी टीवी चैनल्स को राज्य में विज्ञापन के बिना चैनल प्रसारित करने का प्रावधान किया गया है और इस संबंध में आवश्यक तैयारियां करने के लिए कानून की ओर से पहले ही एक साल का समय दिया जा चुका है। मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘संबंधित एजेंसियों से अनुरोध किया जाता है कि वे कानून की भावना के अनुसार विज्ञापनों के बिना विदेशी टेलीविजन कंटेंट को प्रसारित कराएं।’

बता दें कि केबल टीवी ऑपरेटर्स नेपाली टेलिवजन सेट्स पर पे चैनल्स (pay channels) और फ्री टू एयर (free-to-air) चैनल्स दिखाते हैं। हालांकि फ्री टू एयर चैनल्स भले ही विज्ञापन चलाते हैं, वे व्युअर्स को बिना किसी शुल्क के दिखाए जाते हैं। विदेशी पे चैनल्स विभिन्न मल्टीनेशनल ब्रैंड्स के विज्ञापन चलाते हैं। हालांकि, व्युअर्स पर कुछ शुल्क लगाने के बाद पे चैनलों को भी विज्ञापनों के बिना प्रसारित किया जा सकता है।

इस तरह के प्रावधान को सरकार द्वारा क्लीन फीड (विज्ञापन मुक्त) के रूप में स्वीकार किया जाता है। कानून के अनुसार, क्लीन फीड नीति का उल्लंघन करने वालों को जुर्माने के रूप में 500,000 रुपये तक का भुगतान करना होता है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, मंत्रालय ने यह भी कहा है कि इंडियन ब्रॉडकास्टर्स फोरम, डिस्कवरी नेटवर्क्स और बीबीसी न्यूज ने सरकार से इस नीति को लागू करने की तारीख स्थगित करने का अनुरोध किया था। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कानून की ओर से इसके लिए पर्याप्त समय दिया जा चुका है।

वहीं, विज्ञापन एजेंसियों ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे नेपाल के एडवर्टाइजिंग मार्केट को बढ़ाने के साथ ही नेपाली कलाकारों, खिलाड़ियों और अन्य सार्वजनिक हस्तियों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने में मदद मिलेगी।

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हंसा रिसर्च ने रिपब्लिक टीवी के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा, बताई ये वजह

हंसा रिसर्च की ओर से कहा गया है कि मामला अब न्यायालय के अधीन है और नवंबर में इस पर सुनवाई होगी

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 22 October, 2020
Last Modified:
Thursday, 22 October, 2020
Hansa Research

‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) द्वारा देश में टीवी दर्शकों की संख्या मापने के लिए घरेलू पैनल के प्रबंधन का जिम्मा संभालने वाली एजेंसी ‘हंसा रिसर्च’ (Hansa Research) ने 'रिपब्लिक टीवी' के खिलाफ मुंबई की सिटी सिविल कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया है। 

इस संबंध में हंसा की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘10 अक्टूबर से रिपब्लिक टीवी ने अपने चैनल पर एक दस्तावेज को ‘हंसा रिपोर्ट’ बताते हुए कहा था कि इस रिपोर्ट में रिपब्लिक टीवी का उल्लेख कहीं नहीं है। रिपब्लिक टीवी ने इस दस्तावेज की सत्यता के बारे में हंसा रिसर्च के साथ जांच नहीं की और न ही उसने हंसा से उसके किसी भी दस्तावेज के सार्वजनिक प्रसारण के इस्तेमाल की अनुमति ली।‘

हंसा के नाम और इसकी कथित रिपोर्ट को बिना अनुमति के सार्वजनिक रूप से बार-बार इस्तेमाल किए जाने की बात कहते हुए हंसा ने 16 अक्टूबर को मुंबई के सिटी सिविल कोर्ट में एक मुकदमा दर्ज कराया। इस मुकदमे में हंसा ने रिपब्लिक टीवी द्वारा उसके नाम का इस्तेमाल किए जाने पर रोक लगाने की मांग की। हंसा टीवी की याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने इस मामले में औपचारिक सुनवाई के लिए 25 नवंबर 2020 की तारीख तय कर दी।  

इस बारे में हंसा रिसर्च के सीईओ प्रवीण निझारा का कहना है, ‘हमने औपचारिक रूप से 12 अक्टूबर 2020 को रिपब्लिक टीवी को एक नोटिस भेजा था, जिसमें उनसे अनुरोध किया गया था कि वे हमारे नाम का उपयोग न करें। इसके बावजूद रिपब्लिक टीवी ने टीवी पर हंसा के नाम का इस्तेमाल करना जारी रखा। ऐसे में हमारे पास कोई विकल्प न रहने पर हमने सिटी सिविल कोर्ट में वाद दायर कर रिपब्लिक टीवी द्वारा हंसा के नाम का इस्तेमाल किए जाने पर रोक लगाने की मांग की थी। यह मामला अब न्यायालय के अधीन है और इस पर नवंबर में सुनवाई होगी।’

हंसा की ओर से जारी विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है, ‘टीवी रेटिंग के डाटा को तैयार करने और उसका प्रसार करने का प्रबंधन ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) द्वारा किया जाता है। इसमें हंसा की भूमिका बार्क की ओर से कुछ निश्चित पैनल घरों में सेटअप और प्रबंधन तक सीमित है। इन पैनल होम से हंसा न तो व्युअरशिप इंफॉर्मेशन प्राप्त करती है और न ही उनकी समीक्षा करती है। व्युअरशिप के डाटा सीधे बार्क के पास जाते हैं।’

हंसा की ओर से छह अक्टूबर को एक एफआईआर दर्ज कराई गई थी। बार्क की विजिलेंस टीम की सहायता से दर्ज कराई गई इस एफआईआर में हंसा के पूर्व एम्प्लॉयी के खिलाफ गलत व्यवहार करने और लोगों के घरों में लगे मीटरों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया था। इस बारे में हंसा का कहना है, 'इस एफआईआर की जांच मुंबई पुलिस द्वारा की जा रही है, जिसने इसे टीआरपी घोटाला करार दिया है। मुंबई पुलिस ने आठ अक्टूबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि रिपब्लिक टीवी इसमें शामिल चैनल्स में से एक था।'  

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बिहार की राजनैतिक स्थिति के व्यंग्यात्मक पहलुओं पर नजर डालेगा ABP न्यूज का ये शो  

बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान यहां की राजनीति के बारे में हर दिलचस्प जानकारी अपने दर्शकों तक पहुंचाने के लिए एबीपी न्यूज ने एक बार फिर अपना व्यंग्यात्मक शो शुरू किया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 21 October, 2020
Last Modified:
Wednesday, 21 October, 2020
ABP News

बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियां अपने पूरे जोरों-शोरों पर है। ऐसे में राजनीति के बारे में हर दिलचस्प जानकारी अपने दर्शकों तक पहुंचाने के लिए एबीपी न्यूज ने एक बार फिर अपना व्यंग्यात्मक शो ‘पोल खोल’ शुरू किया है, जो कि देश के राजनैतिक मामलों की मौजूदा स्थिति पर व्यंग्य करता है। 

नए सीजन में शेखर सुमन अपने तरीके से कथित ‘गंभीर राजनैतिक स्थिति’ के व्यंग्यात्मक पहलुओं पर रोशनी डालेंगे। बिहार से उनके जुड़ाव को देखते हुए एबीपी न्यूज ने इस जाने-माने भारतीय फिल्म अभिनेता को शो में मुख्य भूमिका दी है, ताकि अपनी बुद्धिमता और हास्य-रस के साथ इस नए सीजन को और भी रोचक बना सकें। शेखर सुमन, जोकि 2004 में शो की शुरुआत से ही इसकी मेजबानी कर रहे हैं, इस साल बिहार राज्य के प्रमुख मुद्दों पर रोशनी डालेंगे। 

‘पोल खोल’ एबीपी न्यूज की व्यापक चुनाव प्रोग्रामिंग का एक और महत्वपूर्ण संस्करण है जो न केवल दर्शकों को चुनाव से जुड़े हर पहलू की जानकारी देता है, बल्कि अनूठे कंटेंट के साथ बेजोड़ अनुभव भी प्रदान करता है।

बता दें कि यह शो 19 अक्टूबर से शुरू हो चुका है, जोकि सोमवार से शुक्रवार रात 10:30 से 11 बजे से प्रसारित किया जा रहा है।

इस मौके पर एबीपी नेटवर्क के सीईओ अविनाश पाण्डेय ने कहा, ‘एबीपी न्यूज हमेशा से स्वदेशी दृष्टिकोण के साथ व्यापक कंटेंट पेश करता रहा है। बिहार का राजनैतिक संघर्ष नजदीक आ रहा है, ऐसे में हम दर्शकों को उत्कृष्ट अनुभव प्रदान करना चाहते हैं। हमें विश्वास है कि इस साल भी पोल खोल, दर्शकों को टीवी स्क्रीन से जोड़े रखने में कामयाब होगा।’    

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महिला सांसद ने चैनल पर लगाए गंभीर आरोप, लोकसभा स्पीकर तक पहुंचा मामला

क्योंझर (ओडिशा) से बीजू जनता दल की सांसद चंद्राणी मुर्मू ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक पत्र लिखकर स्थानीय टीवी चैनल ‘ओटीवी’ (OTV) के खिलाफ शिकायत की है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 20 October, 2020
Last Modified:
Tuesday, 20 October, 2020
Channel

क्योंझर (ओडिशा) से बीजू जनता दल की सांसद चंद्राणी मुर्मू ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक पत्र लिखकर स्थानीय टीवी चैनल ‘ओटीवी’ (OTV) के खिलाफ शिकायत की है। इस पत्र में देश की सबसे युवा सांसद ने चैनल के रिपोर्टर्स पर उनके आपत्तिजनक व मॉर्फ्ड (छेड़छाड़ कर तैयार) वीडियो वायरल करने का आरोप लगाया है।

मुर्मू ने लोकसभा स्पीकर से ‘ओटीवी’ (OTV) के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही की मांग की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ओटीवी मामले के आरोपितों को बचाने का प्रयास कर रहा है और 15 अक्टूबर से कई फेक न्यूज कार्यक्रमों का प्रसारण कर रहा है।

गौरतलब है कि इस मामले में 15 अक्टूबर को पुलिस ने चैनल के पत्रकार रमेश रथ को हिरासत में लिया था। हालांकि बाद में पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया था और उनसे 21 अक्टूबर को पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया था।

यह भी पढ़ें: पुलिस ने रीजनल चैनल के पत्रकार को हिरासत में लिया, बताई ये वजह

इस मामले में पुलिस का कहना था कि रमेश रथ को वर्ष 2019 में लोकसभा चुनावों के दौरान सामने आई एक अश्लील क्लिप के कारण पकड़ा गया। पुलिस का कहना था कि पड़ताल में रथ का नाम सामने आया था। रथ पर आरोप है कि उन्होंने ही वीडियो की डिटेल्स मुहैया करवाई।

इस मामले में चैनल का कहना था कि ओडिशा की बीजेडी सरकार को बेनकाब करने के लिए पत्रकार के काम की वजह से उन्हें निशाना बनाने के लिए साजिश रची गई है। चैनल का कहना है कि उसे राज्य की नवीन पटनायक सरकार के कुप्रबंधन और बाढ़ के हालात की खबरें दिखाए जाने को लेकर निशाना साधा जा रहा है।

वहीं, पुलिस द्वारा 16 अक्टूबर को चैनल परिसर की तलाशी लेने के लिए पहुंचने की खबर भी सामने आई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस एक महिला सांसद के अश्लील वीडियो क्लिप के मामले में चैनल के कार्यालय की तलाशी लेना चाहती थी, जो 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान प्रसारित किया गया था।

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TRP घोटाला: मुंबई हाई कोर्ट ने सीलबंद लिफाफे में मांगा जांच का ब्योरा

रिपब्लिक टीवी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने हाई कोर्ट में कहा कि मुंबई पुलिस की एफआईआर में रिपब्लिक टीवी का आरोपित के रूप में उल्लेख नहीं किया गया है।

Last Modified:
Monday, 19 October, 2020
Mumbai High Court

टीआरपी घोटाले में मुंबई पुलिस की एफआईआर के खिलाफ ‘रिपब्लिक टीवी’ (Republic TV) की ओर से दायर याचिका पर मुंबई हाई कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान चैनल की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने अदालत से कहा कि मुंबई पुलिस की एफआईआर में अभी तक रिपब्लिक टीवी का आरोपित के रूप में उल्लेख नहीं किया गया है।

इसके साथ ही साल्वे ने यह भी कहा कि यदि समन जारी किया जाता है तो ‘रिपब्लिक टीवी’ के एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी अधिकारियों के सामने पेश होंगे और जांच में सहयोग करेंगे।

अदालत ने कहा कि वह इस मामले में पांच नवंबर को अपराह्न तीन बजे सुनवाई करेगी। इस मामले में संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह में की गई अपनी जांच का ब्योरा सीलबंद लिफाफे में चार नवंबर को जमा कराने के लिए कहा गया है।

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15 दिसंबर के बाद दिखाई नही देंगे ये दो मूवी चैनल्स

भारत में युवाओं के बीच लोकप्रिय लीनियर मूवी चैनल्स HBO और WB अब आने वाले समय में नहीं दिखाई देंगे

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 17 October, 2020
Last Modified:
Saturday, 17 October, 2020
Channels

भारत में युवाओं के बीच लोकप्रिय लीनियर मूवी चैनल्स HBO और WB अब आने वाले समय में नहीं दिखाई देंगे। वार्नर मीडिया ने घोषणा की है कि वह भारत और पाकिस्तान में HBO SD और HBO HD चैनल को बंद कर देगा। इस फैसले की घोषणा वार्नर मीडिया ने गुरुवार को की। वहीं इसके अलावा वॉर्नर मीडिया WB चैनल को भारत, पाकिस्तान, मालदीव और बांग्लादेश में 15 दिसंबर से बंद कर रहा है।

फिलहाल, किड्स चैनल ‘कार्टून नेटवर्क’ (Cartoon Network) और ‘पोगो’ (Pogo) को बंद नहीं किया जाएगा, बल्कि इस क्षेत्र में स्थानीय एनीमेशन उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

वॉर्नर मीडिया के लिए साउथ एशिया में एंटरटेनमेंट नेटवर्क के सीनियर वाइस प्रेजिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर सिद्धार्थ जैन ने कहा कि साउथ एशिया में HBO लीनियर मूवी चैनल के लिए 20 साल और WB लीनियर मूवी चैनल के लिए 10 साल सफल रहने के बाद अब इसे आगे चला पाना कठिन है। पे-टीवी इंडस्ट्री की पृष्ठभूमि और मार्केट की गतिशीलता में नाटकीय बदलाव आएं है। साथ ही कोविड-19 महामारी ने तेजी से बदलाव की जरूरतों पर बल दिया है।

उन्होंने कहा कि हम अपने सभी पार्टनर्स और फैन्स का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हम अपने उन सभी एम्प्लॉयीज का भी आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने इस चहेते ब्रैंड्स के लिए इतनी लगन से काम किया है।

बता दें कि वॉर्नरमीडिया के पास अपने किड्स चैनल्स के संचालन के लिए, उसके सेल्स व मार्केटिंग को मैनेज करने के लिए साथ ही सीएनएन इंटरनेशनल के डिस्ट्रीब्यूशन के लिए मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरू में कर्मचारी हैं।

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BARC India के फैसले के खिलाफ न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन, बताई ये वजह

‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन’ ने न्यूज चैनल्स की व्युअरशिप रेटिंग 12 सप्ताह तक न जारी करने के ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) इंडिया के फैसले का विरोध किया है।

Last Modified:
Friday, 16 October, 2020
NBF

‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन’ (News Broadcasters Federation) ने न्यूज चैनल्स की व्युअरशिप रेटिंग 12 सप्ताह तक न जारी करने के ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) इंडिया के फैसले का विरोध किया है। ‘एनबीएफ’ का कहना है कि इस तरह का बड़ा फैसले लेने से पूर्व ‘एनबीएफ’ से सलाह नहीं ली गई।

इसके अलावा ‘एनबीएफ’ का यह भी कहना है कि बार्क के मीटर अपने ऑडियंस मीजरमेंट सिस्टम में अकेले न्यूज जॉनर को नहीं दिखाते हैं। यदि बार्क ईमानदारी से अपनी प्रणाली की समीक्षा करना और उसमें कुछ बदलाव करना चाहता है तो उसे जनरल एंटरटेनमेंट चैनल्स (GEC), स्पोर्ट्स, इन्फोटेनमेंट, मूवीज, म्यूजिक, किड्स, यूथ और लाइफस्टाइल सहित सभी जॉनर के लिए रेटिंग रोकनी चाहिए।

‘एनबीएफ’ के अनुसार, ‘हाल ही में एक ऐसे चैनल के बारे में जानकारी सामने आई है, जिसे टीआरपी में हेरफेर का दोषी पाया गया है और बार्क की अनुशासनात्मक समिति द्वारा उस पर जुर्माना लगाया गया है। एनबीएफ हैरान है कि उसी चैनल के एक सदस्य को बार्क के बोर्ड में शामिल किया गया है। अब यह मामला जनता के सामने है। बार्क के बोर्ड को स्वेच्छा से कम से कम एक वर्ष के लिए इस व्यक्ति को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में एग्जिक्यूटिव के पद से हटा देना चाहिए।’

‘एनबीएफ’ के जनरल सेक्रेट्री आर. जय कृष्णा का कहना है, ‘बार्क का यह फैसला एकतरफा, अलोकतांत्रिक है जो पूरे ब्रॉडकास्टिंग परिदृश्य में सिर्फ एक ही जॉनर को लक्षित और प्रभावित कर रहा है।’कृष्णा का कहना है, ‘इस फैसले से न्यूज ब्रॉडकास्टर्स पर काफी गंभीर प्रभाव पड़ेगा, जिन्होंने कमजोर अर्थव्यवस्था के बावजूद रेटिंग में काफी उछाल देखा है। कोविड-19 का संक्रमण रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन के कारण भी उनका रेवेन्यू काफी प्रभावित हुआ है।’  

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न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन ने BARC के इस कदम का किया स्वागत

निजी टेलिविजन न्यूज चैनल्स का प्रतिनिधित्व करने वाले समूह ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ ने इस बारे में एक स्टेटमेंट भी जारी किया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 15 October, 2020
Last Modified:
Thursday, 15 October, 2020
NBA

निजी टेलिविजन न्यूज चैनल्स का प्रतिनिधित्व करने वाले समूह ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ (NBA) ने न्यूज चैनल्स की व्युअरशिप रेटिंग 12 सप्ताह तक न जारी करने के ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) इंडिया के फैसले का स्वागत किया है।

‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ का मानना है कि यह बार्क द्वारा सही दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। ‘एनबीए’ का यह भी कहना है कि बार्क को विश्वसनीयत बनाए रखने के लिए इन 12 हफ्तों का इस्तेमाल अपने सिस्टम को पूरी तरह से दुरुस्त (completely overhaul) करने में करना चाहिए।

इस बारे में ‘एनबीए’ के प्रेजिडेंट और ‘इंडिया टीवी’ के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा का कहना है, ‘हाल ही में हुए टीआरपी से छेड़छाड़ के खुलासे के बाद मीजरमेंट एजेंसी और ब्रॉडकास्ट न्यूज मीडिया की किरकिरी हुई है। विषाक्तता, अभद्र और फेक न्यूज का माहौल अब ज्यादा समय तक चलने वाला नहीं है। एनबीए का मानना है कि न्यूज चैनल्स की रेटिंग को 12 हफ्तों तक जारी न करने का फैसला कंटेंट को सुधारने में मददगार साबित होगा।’

रजत शर्मा का यह भी कहना है कि कई वर्षों से ‘एनबीए’ टीवी व्युअरशिप डाटा की सत्यता को लेकर अपनी चिंताओं को उजागर करता रहा है, जिसमें काफी तर्कहीन उतार-चढ़ाव होते हैं। पिछले दिनों हुए घटनाक्रमों से पता चला है कि सिर्फ न्यूज चैनल्स की लोकप्रियता को मापने से अधिक और भी बहुत कुछ दांव पर लगा हुआ है। वास्तव में भारतीय लोकतंत्र के लिए एक स्वस्थ और जोशपूर्ण टीवी न्यूज इंडस्ट्री काफी महत्वपूर्ण है।

‘एनबीए’ की ओर से जारी स्टेटमेंट में यह भी कहा गया है, ‘हमें उम्मीद है कि 12 हफ्ते तक व्युअरशिप डाटा को निलंबित रखे जाने के समय का उपयोग बार्क में महत्वपूर्ण सुधारों को लागू करने में किया जाएगा। व्युअरशिप डाटा की सुरक्षा और अखंडता के लिए डाटा के कलेक्शन और प्रोसेसिंग में मानव हस्तक्षेप को पूरी तरह समाप्त कर देना चाहिए। यदि कोई शिकायत है तो उसे पारदर्शी तरीके से निपटाया जाना चाहिए। हम इस विषय पर सार्थक चर्चा और तेजी से निर्णय लेने के लिए तत्पर हैं, जो व्युअर्स, इंडस्ट्री और लोगों के हित में हैं।’

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R9TV में इस बड़े पद की जिम्मेदारी संभालने उतरे वरिष्ठ पत्रकार आलोक पांडेय

वरिष्ठ पत्रकार आलोक पांडेय ने हिंदी न्यूज चैनल ‘R9TV’ के साथ नई पारी शुरू की है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 14 October, 2020
Last Modified:
Wednesday, 14 October, 2020
Alok Pandey

वरिष्ठ पत्रकार आलोक पांडेय ने हिंदी न्यूज चैनल ‘R9TV’ के साथ नई पारी शुरू की है। उन्होंने यहां पर बतौर वाइस प्रेजिडेंट जॉइन किया है। इससे पहले आलोक पांडेय करीब आठ साल तक ‘समाचार प्लस’ चैनल से जुड़े हुए थे। समाचार4मीडिया से बातचीत में आलोक पांडेय ने बताया कि उनके नेतृत्व में ही ‘समाचार प्लस’ चैनल लॉन्च हुआ था और वह इसमें स्टेट हेड (यूपी) की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

मूल रूप से उत्तर प्रदेश में सुल्तानपुर के रहने वाले आलोक पांडेय को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का करीब 20 साल का अनुभव है। आलोक पांडेय पूर्व में तमाम मीडिया संस्थानों में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘दूरदर्शन’ में बतौर इंटर्न की थी। फिर उन्होंने ‘ईटीवी’ की प्रोग्रामिंग डिवीजन की कमान संभाली। आलोक पांडे लखनऊ में  न्यूज एजेंसी ‘NNI’ की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इसके बाद ‘समाचार प्लस’ होते हुए उन्होंने अब अपना नया सफर ‘R9TV’ के साथ शुरू किया है।

समाचार4मीडिया की ओर से आलोक पांडेय को नई पारी के लिए ढेरों शुभकामनाएं।

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स्टार स्पोर्ट्स से अब इन तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने दिया इस्तीफा

हाल ही में ‘स्टार स्पोर्ट्स’ के प्रेजिडेंट और सीईओ गौतम ठाकर ने छोड़ दिया था अपना पद

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 13 October, 2020
Last Modified:
Tuesday, 13 October, 2020
Star Sports

‘स्टार स्पोर्ट्स’ (Star Sports) के प्रेजिडेंट और सीईओ गौतम ठाकर के अपने पद से इस्तीफा देने के बाद तीन अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी यहां से अपना इस्तीफा दे दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब जिन अधिकारियों ने यहां से इस्तीफा दिया है, उनमें अशोक नम्बूदरी  (business head–regional sports network),  राजीव मथरानी (marketing head) और रूपाली फर्नांडिस (emerging sports) का नाम शामिल है।

राजीव मथरानी ने वर्ष 2018 में बतौर चीफ मार्केटिंग ऑफिसर ‘स्टार इंडिया’ (Star India) जॉइन किया था। इससे पहले वह चीफ ब्रैंड और ऑनलाइन ऑफिसर के तौर पर ‘एयरटेल’ (Airtel) में अपनी भूमिका निभा रहे थे। इसके अलावा करीब पांच साल तक वह ‘पेप्सिको’ (PepsiCo) के साथ जुड़े हुए थे। उन्होंने वर्ष 2010 में ‘पेप्सिको’को बतौर वाइस प्रेजिडेंट (marketing- Colas) जॉइन किया था। वर्ष 2013 में उन्हें प्रमोट कर डायरेक्टर (Food Innovation- Asia, Middle East और Africa) बना दिया गया था। वर्ष 2014 में उन्हें सीनियर डायरेक्टर (Snacks category head) के रूप में नामित किया गया था।

अशोक नम्बूदरी ने वर्ष 2016 में ‘स्टार स्पोर्ट्स’ (Star Sports) जॉइन किया था। इससे पहले वह ‘JK Helene Curtis’  में बतौर बिजनेस डायरेक्टर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। रूपाली फर्नांडिस वर्ष 1997 से ‘स्टार इंडिया’ (Star India) के साथ वर्ष 1997 से जुड़ी हुई थीं। उन्होंने तब यहां पर बतौर सीनियर एग्जिक्यूटिव (ऐड सेल्स) जॉइन किया था।

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