TV देखने वालों में इन दो प्रदेशों के निवासी हैं सबसे आगे

बार्क इंडिया के COO रोमिल के अनुसार, ओवर द टॉप प्लेटफॉर्म बढ़ेगा, लेकिन इसका टीवी से कोई लेना-देना नहीं है

Last Modified:
Monday, 07 October, 2019
TV Channel

देश भर में कितने लोग टीवी देख रहे हैं और उस पर क्या कंटेंट देखा जा रहा है, इस बारे में दैनिक भास्कर ने एक रिपोर्ट तैयार की है। वरिष्ठ पत्रकार मनीषा भल्ला की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि 79 फीसदी स्मार्टफोन यूजर्स (टेकएआरसी की रिपोर्ट) मोबाइल फोन पर नेटफ्लिक्स और अमेजॉन प्राइम जैसे ‘ओवर द टॉप’ (ओटीटी) प्लेटफॉर्म देखते हैं। इसके बावजूद पिछले चार सालों में रोजाना टीवी देखने के औसत समय में करीब 16 मिनट की बढ़ोतरी हुई है। देश में 61 करोड़ से ज्यादा लोग रोजाना टीवी देख रहे हैं। खास बात यह है कि टीवी दर्शकों में महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब टीवी दर्शकों में महिलाओं और पुरुषों की हिस्सेदारी बराबर हो गई है।

इस रिपोर्ट में ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) इंडिया के सीओओ रोमिल के हवाले से बताया गया है कि नोटबंदी यानी नवंबर 2016 के बाद महिलाओं ने टीवी ज्यादा देखना शुरू किया है। उनकी टीवी देखने की संख्या 44 फीसदी तक बढ़ी है। उसकी एक बड़ी वजह उन्होंने बताई है कि महिलाओं ने हिंदी न्यूज बुलेटिन देखना शुरू किया है। न्यूज देखने वाली महिलाओं की तादाद 33 फीसदी बढ़ी है। न्यूज के अलावा टीवी पर आने वाले धार्मिक और क्राइम शो ने टीवी पर महिलाओं का प्रतिशत बढ़ाया है। उनका कहना है कि ‘सावधान इंडिया’ और ‘क्राइम पेट्रोल’ जैसे शो की व्युअरशिप केवल महिलाओं पर चल रही है। रोमिल का कहना है कि ओटीटी तो बढ़ेगा ही, लेकिन इसका टीवी से कोई लेना-देना नहीं है।

रिपोर्ट के अनुसार, परवरिश, जस्सी जैसी कोई नहीं जैसे सीरियल्स के लेखक सत्यम त्रिपाठी का कहना है कि टीवी अब सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है। त्रिपाठी का कहना है कि धार्मिक सीरियल में महिलाएं खासी रुचि लेती हैं। राधा कृष्ण, मेरे साईं और शनि जैसे सीरियल महिलाएं श्रद्धा से देखती हैं।

भारत में टीवी देखने का प्रतिव्यक्ति औसत समय इस रिपोर्ट में 3 घंटा 40 मिनट बताया गया है जबकि अमेरिका में यह 4 घंटा 30 मिनट है। यानी अमेरिका के मुकाबले भारत में यह समय 50 मिनट कम है। रिपोर्ट यह भी कहती है कि भारत में अभी 10 करोड़ घरों में टीवी नहीं है। अगर अमेरिका में ओटीटी प्लेटफॉर्म के बावजूद टीवी खत्म नहीं हुआ तो भारत में भी नहीं होगा। डिजिटलाइजेशन के बाद टीवी भी तरक्की के नए आयाम छुएगा।

इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि देश में 2005 में करीब 130 टीवी चैनल थे। यह आंकड़ा काफी तेजी से बढ़ा और 2010 में चैनलों की संख्या 265 से होती हुई 2013 तक 550 को पार कर गई। वर्ष 2018 में देश में 800 से ज्यादा टीवी चैनल चल रहे थे। टीवी देखने में पूरे देश में सबसे आगे आंध्रप्रदेश और तेलंगाना के लोग हैं। यहां रोजाना औसतन 4 घंटे 12 मिनट और 56 सेकंड टीवी देखा जाता है।

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फिर इस मीडिया हाउस से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार अरुण पांडेय

करीब तीस साल के अपने पत्रकारिता करियर में कई मीडिया संस्थानों में निभा चुके हैं अहम भूमिका

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 23 January, 2020
Last Modified:
Thursday, 23 January, 2020
Arun Pandey

वरिष्ठ पत्रकार अरुण पांडेय ने एक बार फिर ‘सहारा समूह’ में वापसी की है। खबर है कि वह हिंदी में 'सहारा रिसर्च फाउंडेशन' के हेड के रूप में काम करेंगे। उत्तर प्रदेश में बलिया जिले के मूल निवासी अरुण पांडेय को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का करीब 30 साल का अनुभव है। इस दौरान वह कई मीडिया संस्थानों में अहम जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से लॉ ग्रेजुएट अरुण पांडेय ने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत वर्ष 1991 में ‘सहारा मीडिया’ के अखबार ‘हस्तक्षेप’ से की थी। यहां उन्होंने लंबी पारी खेली। वर्ष 2003 में उन्होंने सहारा के टीवी चैनल का रुख कर लिया और करीब चार साल यहां रहे।

वर्ष 2007 में अरुण पांडेय ने ‘सहारा’ को अलविदा कह दिया और ‘न्यूज 24’ के साथ अपनी नई पारी की शुरुआत कर दी। यहां एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर और असाइमेंट हेड के तौर पर लंबे समय तक अपनी जिम्मेदारी निभाने के बाद वर्ष 2015 में बतौर एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर (असाइनमेंट) वह ‘इंडिया टीवी’ के साथ जुड़ गए। अब उन्होंने एक बार फिर ‘सहारा’ में बड़ी जिम्मेदारी के साथ वापसी की है।

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ZEE समूह में पुनीत गोयनका की भूमिका को लेकर लिया गया ये फैसला

तीसरी तिमाही में कमजोर वित्तीय नतीजे आने के बाद कंपनी प्रबंधन को लेकर निवेशकों की चिंताओं के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 23 January, 2020
Last Modified:
Thursday, 23 January, 2020
Punit Goenka

'जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (ZEEL) के एमडी और सीईओ पुनीत गोयनका अपने पद पर बने रहेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 31 दिसंबर को खत्म हुई वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही में कमजोर नतीजे आने के बाद कंपनी प्रबंधन को लेकर निवेशकों की चिंताओं के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है। इस तिमाही में कंपनी के प्रमोटर्स का स्वामित्व घटकर पांच प्रतिशत पर आने के बाद बोर्ड गोयनका के पारिश्रमिक की समीक्षा कर रहा है।

वहीं, 'जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ के फाउंडर और पूर्व चेयरमैन सुभाष चंद्रा कंपनी बोर्ड में गैर कार्यकारी निदेशक (नॉन एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर) बने रहेंगे। बता दें कि सुभाष चंद्रा ने पिछले साल नवंबर में जी एंटरटेनमेंट बोर्ड के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।

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TRAI के खिलाफ TV ब्रॉडकास्टर्स की याचिका पर HC से मिली अब ये तारीख

‘टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ के नए टैरिफ ऑर्डर-2.0 के खिलाफ ‘इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन’ ने मुंबई हाई कोर्ट में दायर की है याचिका

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 22 January, 2020
Last Modified:
Wednesday, 22 January, 2020
TRAI IBF

‘टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (ट्राई) के नए टैरिफ ऑर्डर-2.0 (NTO 2.0) के खिलाफ ‘इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन’ (Indian Broadcasting Foundation) द्वारा दायर याचिका पर बॉम्बे हाई कोर्ट अब 30 जनवरी को सुनवाई करेगा।

यह भी पढ़ें: TRAI की नई पॉलिसी के खिलाफ टीवी ब्रॉडकास्टर्स का ‘हल्ला बोल’

बता दें कि ‘इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन’ ने 13 जनवरी को कोर्ट में ट्राई के खिलाफ एक याचिका दायर कर नए टैरिफ ऑर्डर-2.0 के क्रियान्वयन पर रोक लगाने की मांग की थी। हाई कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के लिए 22 जनवरी की तारीख तय की थी और दोनों पक्षों को तलब किया था। वहीं, ब्रॉडकास्टर्स की याचिकाओं के जवाब में कोर्ट में एक एफिडेविट दायर किया था।  

बता दें कि ट्राई ने एक जनवरी को नई टैरिफ पॉलिसी जारी की थी, जिसके तहत ब्रॉडकास्टर्स को 15 जनवरी से चैनल्स के लिए नई मूल्य सूची अपनाने का निर्देश दिया गया था। ट्राई के इस नए टैरिफ ऑर्डर-2.0 (NTO 2.0) का टीवी ब्रॉडकास्टर्स ने विरोध किया था और संयुक्त रूप से इस मुद्दे पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी।

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सुमित अवस्थी के सवाल पर भड़के केंद्रीय मंत्री, कैमरे के सामने कर दी 'गंदी बात'

सोशल मीडिया पर डिबेट शो का यह विडियो तेजी से वायरल हो रहा है, कई पत्रकारों ने मंत्री महोदय पर निशाना साधा है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 21 January, 2020
Last Modified:
Tuesday, 21 January, 2020
Sumit Awasthi

अपने विवादित बयानों के लिए विख्यात केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह नए विवाद में घिर गए हैं। उन पर ऑन-कैमरा पत्रकार को गाली देने का आरोप है। सोशल मीडिया पर मंत्री महोदय का यह विडियो तेजी से वायरल हो रहा है। दरअसल, जनसंख्या नियंत्रण के मुद्दे पर एबीपी न्यूज के पत्रकार सुमित अवस्थी ने गिरिराज सिंह से कुछ सवाल किए थे, जिस पर वह इस कदर उखड़ गए कि कैमरे के सामने ही गाली दे डाली। हालांकि, उन्होंने बेहद धीरे से अपशब्द कहे, ताकि किसी को सुनाई न दें, लेकिन कैमरे ने उनकी इस हरकत को रिकॉर्ड कर लिया। अब सोशल मीडिया पर अपनी इस बदजुबानी के लिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

वरिष्ठ पत्रकार विनोद कापड़ी ने अपने ट्वीट में लिखा है, ‘पहली बार किसी केंद्रीयमंत्री को राष्ट्रीय चैनल पर बहन की गाली देते हुए सुना। ये अच्छी बात नहीं है सुमित अवस्थी, तुमने उन्हें ये धत कर्म करने के लिए मजबूर कर दिया।’

इसी तरह मिलिंद खांडेकर ने लिखा है, ‘राष्ट्रवादी भाजपा कार्यकर्ता, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से पूछा गया कि दक्षिण भारत में जन्म दर यूपी, बिहार के मुकाबले कम है, यहां भाजपा सरकारें क्या कर रही हैं? जवाब में इंटरव्यू छोड़ दिया, माइक निकालते हुए.....गाली भी दे गए।’ कई अन्य पत्रकारों ने भी गिरिराज सिंह पर तंज कसते हुए उन्हें माफी मांगने की सलाह दी है।

गौरतलब है कि जनसंख्या नियंत्रण के मुद्दे पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कड़ा कानून बनाने की वकालत की थी। इसी पर बात को आगे बढ़ाते हुए सुमित अवस्थी ने गिरिराज सिंह का इंटरव्यू किया, जिसमें उन्होंने सवाल किया कि जब उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार है और बिहार में वह सरकार का हिस्सा है तो वहां इस तरह का कानून क्यों नहीं बनाया गया, जबकि इन दोनों राज्यों में जन्म दर दक्षिण भारतीय राज्यों के मुकाबले काफी ज्यादा है? इस सीधे से सवाल का मंत्री महोदय घुमा-फिराकर जवाब देने लगे। जब सुमित अवस्थी ने पुन: सवाल दोहराया, तो वह एकदम से भड़क उठे। उनके चेहरे के भाव उनके अंदर धधक रही गुस्से की ज्वाला को बखूबी दर्शा रहे थे। उन्होंने पहले अवस्थी पर विपक्षी जुबान में बात करने का आरोप लगाया, फिर अपनी बात न सुने जाने की दुहाई देने लगे।

इस पर सुमित अवस्थी ने खामोश होते हुए उन्हें अपनी बात रखने के लिए कहा। लेकिन मंत्री महोदय बात को एक अलग ही दिशा में ले गए। उन्होंने झल्लाते हुए कहा, ‘आप एंकर हैं, इसका मतलब क्या है? अगर नहीं सुनना है मेरी बात तो एंकर हैं हटाइए। बिहार पर, बंगाल पर...मतलब जो आप चाहें वही बोलूं, जो मैं चाहूं वो न बोलूं? हटाइए कोई मतलब नहीं।’ इसके बाद गिरिराज सिंह ने माइक हटाया और इसी बीच धीरे से गाली भी दे डाली।     

किसी केंद्रीय मंत्री का इस तरह कैमरे पर गाली देना वाकई चौंकाने वाला है, साथ ही यह नेताओं की कम होती सहनशीलता को भी दर्शाता है। अब देखने वाली बात यह है कि भाजपा और खुद गिरिराज सिंह इस पर क्या सफाई देते हैं।

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enba2019: इन दिग्गजों की जूरी फाइनल करेगी अवॉर्ड्स विजेताओं के नाम

दिल्ली में 15 फरवरी को होगी जूरी मीट, 22 फरवरी को नोएडा के रेडिसन ब्लू होटल में आयोजित एक कार्यक्रम में दिए जाएंगे अवॉर्ड्स

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 21 January, 2020
Last Modified:
Tuesday, 21 January, 2020
enba awards.

बहुप्रतिष्ठित ‘एक्‍सचेंज4मीडिया न्‍यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स’ (enba) का आयोजन इस बार 22 फरवरी को नोएडा के रेडिसन ब्लू होटल में किया जाएगा। बता दें कि वर्ष 2008 में अपनी शुरुआत के बाद से ही यह अवॉर्ड मीडिया में कार्यरत उन शख्सियतों को दिया जाता है, जिन्‍होंने देश में टेलिविजन न्‍यूज इंडस्‍ट्री को एक नई दिशा दी है और इस इंडस्‍ट्री को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।

इनबा के 12वें एडिशन के तहत अवॉर्ड्स पाने वालों के नाम तय किए जाने के लिए 15 फरवरी को दिल्ली के ताज पैलेस होटल में जूरी मीट का आयोजन किया जाएगा। इस जूरी में राज्य सभा के डिप्टी चेयरमैन हरिवंश नारायण सिंह चेयरपर्सन की भूमिका निभाएंगे।

जूरी के अन्य सम्मानित सदस्यों में ‘बिजनेस वर्ल्ड’ और ‘एक्सचेंज4मीडिया’ ग्रुप के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा,  असम की कलियाबोर सीट से चुने गए सांसद गौरव गोगोई, पूर्व सांसद और बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव महेश गिरी, लोकसभा सांसद और कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्र‍ियल टेक्नोलॉजी (KIIT) व कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (KISS) के फाउंडर प्रोफेसर अच्युत सामंत, राज्यसभा सदस्य जीवीएल नरसिम्हा राव, पूर्व सूचना प्रसारण मंत्री और कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी, सांसद अपराजिता सारंगी, पंजाब राज्य मानव अधिकार आयोग के चेयरपर्सन जस्टिस इकबाल अहमद अंसारी, ‘इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड’ (IHCL) के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर पुनीत छटवाल, ‘डेंट्सू एजिस नेटवर्क’ के सीईओ (एशिया पैसिफिक) और चेयरमैन (इंडिया) आशीष भसीन, ‘ब्लू स्टार’ के मैनेजिंग डायरेक्टर बी. थियागराजन, ‘डब्‍ल्‍यूपीपी’ (WPP) इंडिया के कंट्री मैनेजर सीवीएल श्रीनिवास का नाम शामिल है।

इनके अलावा जूरी के अन्य सम्मानित सदस्यों में डालमिया ग्रुप के चेयरमैन गौरव डालमिया,  ‘पब्लिसिस ग्रुप साउथ एशिया’ (Publicis Groupe South Asia) की सीईओ अनुप्रिया आचार्य, ‘एडफैक्टर्स पीआर’ (Adfactors PR) के को-फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर मदन बहल, बीजेपी के प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम, बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा, शिव सेना की डिप्टी लीडर प्रियंका चतुर्वेदी, कांग्रेस प्रवक्ता और ‘Dale Carnegie Training India’ के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर संजय झा, बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया, आम आदमी पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की मेंबर आतिशी मार्लेना, आम आदमी पार्टी के कोषाध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रवक्ता राघव चड्ढा, ‘एमडीआई’ (MDI) गुरुग्राम के डायरेक्टर डॉ. पवन कुमार सिंह, एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के पूर्व प्रेजिडेंट पद्मश्री आलोक मेहता, डावर ग्रुप के चेयरमैन पूरन डावर, ‘हाउस ऑफ चीयर’ (House Of Cheer) के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर राज नायक शामिल हैं। 

वहीं, ‘स्कोप इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ (Scope India Pvt Ltd) के एमडी राकेश कुमार शुक्ला, ‘हवास ग्रुप’ (Havas Group) इंडिया के सीईओ राना बरुआ, ‘मेडिकाबाजार’ (Medikabazaar) के फाउंडर और सीईओ विवेक तिवारी,  ‘RightFOLIO’ के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. परकला प्रभाकर, ‘वोल्टास’ के पूर्व सीओओ और ‘सिंपा नेटवर्क्स’ के डायरेक्टर सलिल कपूर, ‘EMMAY Entertainment’ की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर मोनिषा अड्वानी (MONISHA ADVANI), ‘इंडियन डॉक्यूमेंट्री फाउंडेशन’ की फाउंडर और सीईओ सोफी विश्वरमन (SOPHY VSIVARAMAN) और ‘GoZoop’ के सीईओ और को-फाउंडर अहमद आफताब नकवी, ‘ट्रस्ट लीगल’ (Trust Legal) के सीनियर एडवोकेट जॉय बसु और ‘नेट वैल्यू मीडिया’ (Net Value Media) के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर जनार्दन पांडे को भी जूरी मेंबर्स में शामिल किया गया है।

 

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वरिष्ठ पत्रकार फे डिसूजा ने तलाशी नई मंजिल

फे डिसूजा की नई पारी के बारे में आधिकारिक रूप से अगले हफ्ते घोषणा की जा सकती है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 21 January, 2020
Last Modified:
Tuesday, 21 January, 2020
Faye D'souza

वरिष्ठ पत्रकार फे डिसूजा ने अपने नए कदम के बारे में चल रहीं अटकलों को आखिरकार विराम दे दिया है। खबर है कि उन्होंने ‘’ (Fireworks TV) जॉइन कर लिया है। हालांकि, इस बारे में अभी आधिकारिक रूप से घोषणा नहीं की गई है। डिसूजा पहले से ही टीवी ऐप पर लाइव हैं।

सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार, फे डिसूजा की नई पारी के बारे में आधिकारिक रूप से अगले हफ्ते घोषणा की जा सकती है। बता दें कि ‘फायरवर्क’ शॉर्ट विडियो सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म है।

इससे पहले सितंबर 2019 तक डिसूजा टाइम्स नेटवर्क के अंग्रेजी न्यूज चैनल ‘मिरर नाउ’ (Mirror Now) में एग्जिक्यूटिव एडिटर के तौर पर काम कर रही थीं। ‘मिरर नाउ’ के शो ‘द अर्बन डिबेट’ (The Urban Debate) की एंकरिंग के दौरान उन्हें काफी प्रसिद्धि मिली थी। इस शो में वह भ्रष्टाचार, सांप्रदायिक हिंसा और प्रेस की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों को उठाती थीं। फे डिसूजा को वर्ष 2018 में 'जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर' के लिए रेडइंक अवॉर्ड दिया जा चुका है।

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‘प्रधानमंत्री-2’ की प्रोमो लॉन्चिंग में जुटीं ये हस्तियां, देखें कार्यक्रम की झलकियां

दिल्ली के ओबेरॉय होटल में आयोजित कार्यक्रम में एबीपी न्यूज नेटवर्क के सीईओ ने इस शो के सफर के बारे में बताया, बॉलिवुड के जाने-माने डायरेक्टर शेखर कपूर इसे होस्ट करेंगे

Last Modified:
Monday, 20 January, 2020
PM

‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) अपने फ्लैगशिप शो ‘प्रधानमंत्री’ (Pradhanmantri) का दूसरा सीजन प्रधानमंत्री-2 लेकर आ रहा है। दिल्ली के ओबेरॉय होटल में 17 जनवरी को आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी घोषणा की गई। इस मौके पर इंडस्ट्री से जुड़ी तमाम शख्सियतों की मौजूदगी में शो का प्रोमो भी लॉन्च किया गया।

यह भी पढ़ें: लोगों के दिल में फिर जगह बनाने आया ABP न्यूज का ये शो

इस शो का प्रीमियर 25 जनवरी 2020 को किया जाएगा और ऑस्कर विनर व बॉलिवुड के जाने-माने डायरेक्टर शेखर कपूर इसे होस्ट करेंगे। यह शो वास्तविक कहानियों पर आधारित होगा और इसमें समकालीन भारत की कहानियों को शामिल किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: इस तरह का शो बनाने के लिए बहुत साहस चाहिए: अविनाश पांडे

इस शो के प्रोमो की लॉन्चिंग के मौके पर ‘एबीपी न्यूज नेटवर्क’ (ANN) के सीईओ अविनाश पांडे ने कार्यक्रम को संबोधित किया और लोगों के दिलों पर राज कर चुके इस शो के सफर के बारे में बताया।

इससे पहले ‘प्रधानमंत्री’ का पहला सीजन वर्ष 2013 में ऑन एयर हुआ था और करीब 26 हफ्ते तक चला था। उस दौरान लोगों ने इस शो को काफी पसंद किया था और न सिर्फ लोकप्रियता, बल्कि व्युअरशिप के मामले में भी इस शो ने नए आयाम स्थापित किए थे।

सिर्फ टीवी ही नहीं, इस शो को डिजिटल पर भी काफी लोगों ने देखा था। जैसे-यूट्यूब पर ही ‘प्रधानमंत्री’ को 32 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिले थे। इस बारे में ‘एबीपी न्यूज नेटवर्क’ (ANN) के सीईओ अविनाश पांडे का कहना है, ‘इस शो के पहले सीजन में ऐसी कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं को दिखाया गया था, जिन्होंने स्वतंत्र भारत को आकार देने में काफी अहम भूमिका निभाई थी। दूसरे सीजन में, ऐसे विचारों पर चर्चा की जाएगी, जो महान राष्ट्रों की श्रेणी में भारत को उसका उचित स्थान दिलाएंगे।’  

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इस तरह का शो बनाने के लिए बहुत साहस चाहिए: अविनाश पांडे

दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में एबीपी न्यूज नेटवर्क के सीईओ ने लोगों के दिलों पर राज कर चुके इस शो के सफर के बारे में बताया

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 18 January, 2020
Last Modified:
Saturday, 18 January, 2020
Avinash Pandey

‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) अपने फ्लैगशिप शो ‘प्रधानमंत्री’ (Pradhanmantri) का दूसरा सीजन प्रधानमंत्री-2 लेकर आ रहा है। दिल्ली के ओबेरॉय होटल में 17 जनवरी को आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी घोषणा की गई। इस मौके पर शो का प्रोमो भी लॉन्च किया गया। इस शो का प्रीमियर 25 जनवरी 2020 को किया जाएगा और ऑस्कर विनर व बॉलिवुड के जाने-माने डायरेक्टर शेखर कपूर इसे होस्ट करेंगे। यह शो वास्तविक कहानियों पर आधारित होगा और इसमें समकालीन भारत की कहानियों को शामिल किया जाएगा। इस शो के प्रोमो की लॉन्चिंग के मौके पर ‘एबीपी न्यूज नेटवर्क’ (ANN) के सीईओ अविनाश पांडे ने कार्यक्रम को संबोधित किया और लोगों के दिलों पर राज कर चुके इस शो के सफर के बारे में बताया।

अविनाश पांडे ने अपनी स्पीच की शुरुआत देश के कानून और बोलने की आजादी की प्रशंसा के साथ की। उनका कहना था, ‘हमें अपने कानून पर गर्व है, क्योंकि यह हमें सभी मुद्दों पर खुले दिमाग से अपनी बात रखने की इजाजत देता है। यहां सभी लोगों को अपनी बात कहने की आजादी है। हम यहां अभिव्यक्ति की उसी आजादी का जश्न मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। हम सब इस बात को जानने को लेकर बहुत उत्सुक रहते हैं कि किस तरह से तमाम घटनाओं और लोगों ने हमारे देश को एक नया आकार दिया है।’ अविनाश पांडे के अनुसार, इन्हीं सब बातों को लेकर ‘प्रधानमंत्री’ सीरीज की शुरुआत हुई थी और यह शो लगातार आगे बढ़ता चला गया। उन्होंने कहा, ‘छह साल पहले हमें इस बारे में कोई आयडिया नहीं था कि दर्शक इसे किस रूप में देखेंगे। हम काफी खुशकिस्मत हैं कि हमारी प्रमोटर्स फैमिली ‘सरकार फैमिली’ ने न सिर्फ हमें सपोर्ट किया बल्कि  हमें यह अहसास भी दिलाया कि सिर्फ रेटिंग ही सब कुछ नहीं है। पत्रकारिता के रूप में हमारे पास दर्शकों के लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी है।’  

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इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘हमने यह शो शुरू करके एक तरह से रिस्क लिया था, लेकिन इस रिस्क का फायदा यह मिला कि यह शो न सिर्फ रेटिंग के मामले में, बल्कि युवाओं को शिक्षित करने के मामले में भी काफी बेहतरीन साबित हुआ। इसे 30 मिलियन युवाओं ने टीवी पर और 31 मिलियन से ज्यादा लोगों ने डिजिटल माध्यम पर देखा।

इसे 472 मिलियन मिनट से ज्यादा देखा गया। मुझे नहीं पता कि आप लोग इस बारे में कितना जानते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री-1 शो को आईएएस की तैयारी कराने वाले कई ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स ने अपने कोर्स का हिस्सा बनाया है। लालकृष्ण आडवाणी जैसे बड़े नेताओं ने सार्वजनिक मंच पर भी इस सीरीज का जिक्र किया है।’

अविनाश पांडे ने कहा कि हमने देखा है कि जहां एक ओर तमाम चैनल्स बेकार के शोरशराबे और भारत-पाकिस्तान के मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर डिबेट शो के द्वारा रेटिंग चार्ट में टॉप पर पहुंचने के लिए धक्का-मुक्की कर रहे हैं, वहां प्रधानमंत्री जैसा शो अपने दम पर मजबूती के साथ खड़ा हुआ है। पांडे के अनुसार, ‘प्रधानमंत्री जैसे शो का निर्माण करने के लिए साहस की जरूरत होती है।’ उन्होंने यह भी खुलासा किया कि इसी पत्रकारीय जिम्मेदारी की वजह से ही ‘हमारा संविधान’ (Hamara Samvidhan) और ‘परिवर्तन’ (Parivarthan) शो शुरू किए गए।

अविनाश पांडे ने शेखर कपूर के दोबारा इस शो का हिस्सा बनने पर भी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि कपूर द्वारा इस शो के लिए हामी भरना दर्शाता है कि यह शो कितना खास है। पांडे का कहना था, ‘जैसा कि आप सभी को पता होगा कि शेखर कपूर उस चीज पर कभी काम नहीं करते, जब तक कि उन्हें यह न लग जाए कि यह कुछ अलग और खास है। ऑस्कर के लिए नॉमिनेट होना और गोल्डन ग्लोब को जीतना आसान बात नहीं है।’

अपनी स्पीच में उस टीम की भी सराहना की, जिन्होंने इस शो को सफल बनाया। इनमें प्रड्यूसर और वाइस प्रेजिडेंट (स्पेशल कंटेंट) अंजू जुनेजा, डायरेक्टर्स-संजय नंदन और पुनीत शर्मा के साथ ही उनकी टीम मेंबर्स रुचि सिंह, अभिनव गोयल और पुनीत शर्मा का नाम भी शामिल है।  

अपनी स्पीच के आखिर में अविनाश पांडे का कहना था, ‘मेरा मानना है कि जिंदगी में कुछ उल्लेखनीय करने के लिए व्यक्ति के अंदर दो क्वालिटी होनी जरूरी हैं। आपको उस काम में दिलचस्पी लेनी होगी और दूसरा उसे रोचक बनाना होगा। वास्तव में प्रधानमंत्री-2 आज के समय के आप जैसे इच्छुक और परिपक्व दर्शकों के लिए काफी रुचिकर है।’

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लोगों के दिल में फिर जगह बनाने आया ABP न्यूज का ये शो

बॉलिवुड के जाने माने डायरेक्टर शेखर कपूर इसे होस्ट करेंगे, पहले सीजन में सफलता के नए आयाम स्थापित कर चुका है यह शो

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 18 January, 2020
Last Modified:
Saturday, 18 January, 2020
ABP News

‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) भारतीय न्यूज चैनल के इतिहास की सबसे बड़ी सीरीज ‘प्रधानमंत्री’ (Pradhanmantri) का दूसरा सीजन लेकर आ रहा है। दिल्ली के ओबेरॉय होटल में 17 जनवरी को आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी घोषणा की गई। इस शो का प्रीमियर 25 जनवरी 2020 को किया जाएगा और बॉलिवुड के जाने माने डायरेक्टर शेखर कपूर इसे होस्ट करेंगे। इस शो का प्रोमो रिलीज हो चुका है। बताया जाता है कि यह शो वास्तविक कहानियों पर आधारित होगा और इसमें समकालीन भारत की कहानियों को शामिल किया जाएगा।  

इससे पहले ‘प्रधानमंत्री’ का पहला सीजन वर्ष 2013 में ऑन एयर हुआ था और करीब 26 हफ्ते तक चला था। उस दौरान लोगों ने इस शो को काफी पसंद किया था और न सिर्फ लोकप्रियता, बल्कि व्युअरशिप के मामले में भी इस शो ने नए आयाम स्थापित किए थे। सिर्फ टीवी ही नहीं, इस शो को डिजिटल पर भी काफी लोगों ने देखा था। जैसे-यूट्यूब पर ही ‘प्रधानमंत्री’ को 32 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिले थे।

इस बारे में ‘एबीपी न्यूज नेटवर्क’ (ANN) के सीईओ अविनाश पांडे का कहना है, ‘इस शो के पहले सीजन में ऐसी कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं को दिखाया गया था, जिन्होंने स्वतंत्र भारत को आकार देने में काफी अहम भूमिका निभाई थी। दूसरे सीजन में, ऐसे विचारों पर चर्चा की जाएगी, जो महान राष्ट्रों की श्रेणी में भारत को उसका उचित स्थान दिलाएंगे।’  

अविनाश पांडे का कहना है, ‘लंबे समय तक और कड़ी रिसर्च के दम पर तैयार ‘प्रधानमंत्री’ का दूसरा सीजन निश्चित रूप से लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरेगा। हम टीवी न्यूज की आम धारणा से हटकर लोगों को ऐसा कंटेंट उपलब्ध कराते हैं, जिससे हम उनसे और गहराई से जुड़ सकें। यह शो भी इसी बात का प्रतीक है।’

इस शो के होस्ट शेखर कपूर ने कहा, ‘पहले शो की जबर्दस्त सफलता से उन पर अब और बड़ा व बेहतर सीजन तैयार करने का दबाव है। ऐसे में जिम्मेदारी काफी बढ़ गई है। दर्शकों की नब्ज पहचानने के बाद नए कॉन्सैप्ट और टॉपिक्स को लेकर नया सीजन लाया गया है। इस सीजन के द्वारा हम दर्शकों को भारतीय इतिहास की ऐसी यात्रा पर ले जाना चाहते हैं, जिसमें नए-पुराने व अनछुए पहलू शामिल हों।’

शो का लॉन्चिंग प्रोमो आप यहां देख सकते हैं:

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जानें, क्यों राजदीप सरदेसाई से बोले राज्यपाल, आपकी भाषा में समस्या है

‘नागरिकता संशोधन कानून’ (सीएए) का विरोध और खबरिया चैनलों में उस पर होने वाली बहस लगातार जारी है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 18 January, 2020
Last Modified:
Saturday, 18 January, 2020
Rajdeep sardesai

‘नागरिकता संशोधन कानून’ (सीएए) का विरोध और खबरिया चैनलों में उस पर होने वाली बहस लगातार जारी है। ‘इंडिया टुडे’ पर हुई एक ऐसी ही बहस का विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस विडियो में वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई के सवाल पर केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान नाराजगी व्यक्त करते नजर आ रहे हैं।

दरअसल, नागरिकता संशोधन कानून को केरल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। राज्यपाल ने केरल सरकार को इस बात के लिए फटकार लगाई थी कि सीएए को लेकर कोर्ट में याचिका दायर करने से पहले उनकी सलाह क्यों नहीं ली गई। इस विषय पर चर्चा के लिए आरिफ मोहम्मद खान को ‘इंडिया टुडे’ के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई ने अपने शो में आमंत्रित किया था। इस दौरान राजदीप ने कई ऐसे तीखे सवाल पूछे, जिनसे राज्यपाल का मिजाज बिगड़ गया।

केरल की बात करते हुए सरदेसाई ने पहला सवाल दागा कि ‘राज्य सरकार के फैसले में ऐसा क्या है कि आप इतने नाराज हो गए और सार्वजानिक रूप से यह कहना पड़ा कि आपसे सलाह ली जानी चाहिए थी’? इस पर आरिफ मोहम्मद खान ने कहा, ‘सबसे पहले तो आपने जो शब्द ‘नाराज’ इस्तेमाल किया है, वो पूरी तरह गलत है। मैंने ऐसा कभी नहीं कहा कि मैं नाराज़ हूं। मैंने बस यही कहा है कि राज्य का संवैधानिक प्रमुख होने के नाते राज्य सरकार को सलाह देना मेरा अधिकार है और यदि सरकार मुझसे कुछ छिपाती है या मुझे बताए बिना सुप्रीम कोर्ट में चली जाती है तो मैं अपने संवैधानिक अधिकार का उपयोग कैसे करूंगा’?

राजदीप ने दूसरा सवाल दागते हुए पूछा कि ‘किसी भी चुनी हुई सरकार के पास सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार है, वे राज्यपाल से सलाह लेने के लिए बाध्य नहीं है तो उन्हें आपके पास क्यों आना चाहिए था? आरिफ मोहम्मद खान ने सवाल के जवाब में अपनी बात रखी, लेकिन राजदीप उससे संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने सवालों की बौछार जारी रखते हुए कहा, ‘ऐसा लगता है कि आप यह महसूस करते हैं कि आपको रबर स्टाम्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है’? इस सवाल से राज्यपल थोड़े असहज हुए, मगर जब राजदीप सरदेसाई ने राज्यपाल के रूप में आरिफ मोहम्मद खान की नियुक्ति को भाजपा से जोड़ने का प्रयास किया तो वह नाराज हो गए। 

सरदेसाई ने पूछा, ‘क्या नागरिकता संशोधन कानून पर आपका और केरल सरकार का रुख इसलिए अलग है क्योंकि वहां लेफ्ट की सरकार है और आपको भाजपा ने नियुक्त किया है?’  इस पर आरिफ मोहम्मद खान ने कहा, ‘मुझे लगता है आपकी भाषा में परेशानी है। आप कह रहे हैं कि मुझे भाजपा ने नियुक्त किया है। मुझे भाजपा सरकार ने नहीं, बल्कि देश के राष्ट्रपति ने नियुक्त किया है। समस्या यह है कि आप जिस भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, वही ध्रुवीकरण की वजह है। यही भाषा समाज में नफरत फैला रही है। समाज में हिंसा का माहौल उत्पन्न कर रही है।’

इस दौरान राजदीप सरदेसाई ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन खान ने अपनी बात जारी रखते हुए आगे कहा, ‘माफी चाहता हूं, मगर राजदीप सरदेसाई, आपने पुरानी बातों से सबक नहीं सीखा है।’

राज्यपाल खान जब अपनी नाराज़गी व्यक्त करने के बाद रुके, तब राजदीप ने सफाई देते हुए कहा ‘सर, राजदीप सरदेसाई का काम सवाल पूछना है और मैं लगातार पूछता रहूंगा।’ सोशल मीडिया पर यह बहस तेजी से वायरल हो रही है। नागरिकता कानून का समर्थन करने वाले जहां इसके लिए राजदीप सरदेसाई की आलोचना कर रहे हैं, वहीं अपने तीखे सवालों के लिए उन्हें सराहा भी जा रहा है।

बहस का विडियो आप यहां देख सकते हैं:

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