टीवी पत्रकार अभिषेक उपाध्याय की ‘घर-वापसी’, फिर से संभाली जिम्मेदारी

हिंदी टीवी न्यूज रिपोर्टिंग के चर्चित नाम अभिषेक उपाध्याय के बारे में खबर है कि उनकी मेनस्ट्रीम मीडिया में वापसी हो गई है

Last Modified:
Monday, 07 October, 2019
abhishek upadhyay

हिंदी टीवी न्यूज रिपोर्टिंग के चर्चित नाम अभिषेक उपाध्याय के बारे में खबर है कि उनकी मेनस्ट्रीम मीडिया में वापसी हो गई है। वे एक बार फिर टीवी9 भारतवर्ष से जुड़ गए हैं। उनका पद यहां एडिटर(इन्वेस्टिगेशन) का है। उल्लेखनीय है कि चार महीने पहले उन्होंने इसी पद से टीवी9 भारतवर्ष से इस्तीफा दिया था। उस वक्त उन्होंने चैनल के तत्कालीन मैनेजिंग एडिटर विनोद कापड़ी पर एजेंडा खबरें करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया था। अब चूंकि विनोद कापड़ी की चैनल से विदाई हो गई है, ऐसे में माना जा रहा है कि अभिषेक उपाध्याय की वापसी के पीछे चैनल के फाउंडिंग मेंबर रहे वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा की बड़ी भूमिका है।  

 ‘टीवी9 भारतवर्ष’ में अपनी पारी संभालने से पूर्व अभिषेक उपाध्याय ‘इंडिया टीवी’ में एडिटर (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) के पद पर कार्यरत थे। वैसे ‘टीवी9’ में ये उनकी दूसरी पारी थी। ‘टीवी9’ में अपनी पहली पारी में वे साल 2010 में मुंबई ब्यूरो चीफ रह चुके हैं। प्रतिष्ठित रामनाथ गोयनका अवॉर्ड से सम्मानित अभिषेक ने ‘इंडिया टीवी’ में कई बड़ी खबरें भी ब्रेक की थीं, जिनमें आजम खान से जुड़ा वक्फ घोटाला भी शामिल है और इस पर सीबीआई जांच के आदेश दिए जा चुके हैं। अभिषेक ‘दैनिक भास्कर’ ग्रुप के साथ (2011-2012) भी काम कर चुके हैं। यहां वे एडिटर (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) के पद पर कार्यरत थे। अभिषेक ‘आईबीएन7’ (IBN7) में भी पांच सालों तक काम कर चुके हैं। वे 2005 से 2010 तक यहां रहे और सीनियर स्पेशल कॉरेस्पोंडेंट की भूमिका निभाई।

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले अभिषेक ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट से की थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद वे 2003 में हिंदी दैनिक ‘अमर उजाला’ (Amar Ujala) से बतौर ट्रेनी रिपोर्टर व सब एडिटर के तौर पर जुड़े थे। अभिषेक एक थिएटर आर्टिस्ट व कवि भी हैं। वे राष्ट्रीय स्तर के नाटकों में हिस्सा ले चुके हैं। वे नोबेल प्राइज विनर  नाटक 'वेटिंग फ़ॉर गोडो' का भी हिस्सा रह चुके हैं। उनकी कविताओं को भी खूब सराहा जाता रहा है।

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रेटिंग्स को लेकर उठ रहे सवालों के बीच टीवी9 आया सामने, इन 11 पॉइंट्स में रखी अपनी बात

कुछ चैनल्स की रेटिंग्स में संदिग्ध विसंगति को लेकर ब्रॉडकास्टर्स द्वारा बार्क इंडिया को लिखे गए पत्र के मामले में टीवी9 के सीईओ बरुण दास ने अपना पक्ष रखा है।

Last Modified:
Saturday, 11 July, 2020
TV9

कुछ चैनल्स की रेटिंग्स में संदिग्ध विसंगति को लेकर ब्रॉडकास्टर्स द्वारा देश में टेलिविजन दर्शकों की संख्या मापने वाली संस्था 'ब्रॉडकास्टर ऑडियंस रिसर्च काउंसिल' (BARC) इंडिया को लिखे गए पत्र के मामले में अब ‘टीवी9’ (TV9) के सीईओ बरुण दास ने विस्तृत रूप से अपना पक्ष रखा है।

दरअसल ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ (NBA) की ओर से बार्क को लिखे गए इस लेटर में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि ‘टीवी9’ (TV9) की रेटिंग में असामान्य रूप से अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिली है, जबकि अन्य चैनल्स की रेटिंग में काफी कमी दिखाई गई है। वहीं, ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन’ (NBF) ने भी रेटिंग में उतार-चढ़ाव के संभावित प्रभाव पर चिंता व्यक्त की जताई थी। इस बारे में हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘एक्सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) ने एक स्टोरी पब्लिश की थी, जिसे हिंदी में अनुवादित कर समाचार4मीडिया ने भी पब्लिश किया था। अब बरुण दास ने 11 पॉइंट्स के रूप में अपनी प्रतिक्रिया दी है। इन पॉइंट्स को आप यहां देख सकते हैं।

यह भी पढ़ें: रेटिंग्स को लेकर ब्रॉडकास्टर्स ने उठाया ये मुद्दा, BARC INDIA को लिखा लेटर

1. मुझे इस बारे में सिर्फ ‘एक्सचेंज4मीडिया’ की स्टोरी से जानकारी मिली है। मेरा इस मामले में न तो एनबीए से और न ही बार्क से आधिकारिक रूप से कोई कम्युनिकेशन हुआ है।    

2. हालांकि, मैंने कथित रूप से एनबीए के द्वारा लिखे गए लेटर को देखा है, जिस पर किसी के हस्ताक्षर नहीं हैं और उसमें से पॉइंट नंबर छह और सात गायब हैं।

3. यदि वास्तव में एनबीए की ओर से बार्क को इस तरह का कोई ऑफिशियल लेटर लिखा गया है तो मुझे एनबीए की ओर से इसकी एक कॉपी मिलने पर खुशी होगी ताकि मैं आधिकारिक रूप से एनबीए को इसका जवाब दे सकूं।

4. इसलिए, फिलहाल मैं अभी केवल इसी पर अपनी प्रतिक्रिया दे सकता हूं जो मैंने उस कथित पत्र में पढ़ी हैं। एक्सचेंज4मीडिया की स्टोरी के अनुसार, इस लेटर में उन हफ्तों के दौरान भी टीवी9 भारतवर्ष की लगातार बढ़ती व्युअरशिप के बारे में सवाल उठाया गया है, जब न्यूज व्युअरशिप कम हो रही थी। लेकिन यह काफी अजीब तुलना है। बिजनेस इंडस्ट्री के अनुसार चलते हैं, लेकिन मार्केट शेयर्स का इंडस्ट्री के मूवमेंट से कोई संबंध नहीं है। ये दोनों हमेशा साथ-साथ नहीं होते हैं।

5. टीवी9 भारतवर्ष के बारे में उठ रहे इस तरह के मामलों में मैं कुछ तथ्यों पर ध्यान दिलाना चाहता हूं। 22 मार्च को जब लॉकडाउन शुरू होने वाला था, मैंने एनबीए को एक लेटर लिखकर सुझाव दिया था कि इंडस्ट्री को कुछ समय के लिए वीकली रेटिंग्स को स्थगित कर देना चाहिए। मुझे लग रहा था कि इस महामारी के दौरान रेटिंग के चक्कर में हम रिपोर्टर्स और कैमरापर्सन की जिंदगी को खतरे में डाल देंगे। उस समय हम रेटिंग को लेकर चिंतित नहीं थे, बल्कि हमें तमाम न्यूज संस्थानों में कार्यरत पत्रकारों के स्वास्थ्य और सलामती की चिंता थी। अगले दिन एनबीए की ओर से मेरा यह सुझाव खारिज कर दिया गया।   

6. यह एक ट्रांसपैरेंट इंडस्ट्री है। हम सभी की बार्क रेटिंग्स तक पहुंच है। साथ ही हम सभी के पास लॉगर में अपने हर प्रतियोगी के हर सेकेंड के कंटेंट तक पहुंच है। हम में से हर कोई इसका विश्लेषण कर सकता है और हम सभी ने हर हफ्ते ऐसा किया भी। टीवी 9 भारतवर्ष के कंटेंट को सही तथ्यों के साथ दूसरों से अलग रखा गया था। मुझे लगता है कि जो कंटेंट हमें रेटिंग दे रहा था, वह अब अन्य चैनलों के प्राइम-टाइम पर आ रहा है।

7. हम इस मामले में सौभाग्यशाली रहे। हमारी री-लॉन्चिंग जो जनवरी में प्रस्तावित थी, वह मार्च आधे तक लेट हो गई और इसके एक हफ्ते बाद लॉकडाउन हो गया। सामान्य सी बात है कि नए और दोबारा से डिजाइन किए गए चैनल की सफलता व्यापक सैंपलिंग पर निर्भर करती है। 10 हफ्ते में 10 गुना सैंपलिंग की जहां तक बात है तो सामान्यत: इस तरह की सैंपलिंग में आठ से नौ महीने लगते हैं, लेकिन लॉकडाउन के शुरुआती कुछ हफ्तों में न्यूज व्युअरशिप में बेतहाशा वृद्धि हो गई, जिसका हमें लाभ मिला।  

8. टीवी न्यूज इंडस्ट्री में ऐसे तमाम उदाहरण हैं, जिनमें चैनल्स ने संकट या आपदा के दौरान काफी सुर्खियां बटोरीं। जैसे- भुज में आए भूकंप के दौरान आजतक, मुंबई में हुए हमलों में एबीपी और 26/11 के हमलों के दौरान टाइम्स नाउ इसका उदाहरण है। हमारा ही चैनल ऐसा था जो कोविड-19 से पहले नए लुक, नई प्रोग्रामिंग और प्रभावशाली मार्केटिंग के साथ रीलॉन्च हुआ था।   

9. कंटेंट के साथ-साथ इसकी पैकेजिंग और डिलीवरी पर फोकस ने हमें काफी फायदा पहुंचाया है। हमने कोविड-19 को फैलाने के लिए चीन के खिलाफ दुनिया के गुस्से को महसूस कर लिया था, जबकि भारत में अभी यह पनप ही रहा था। हमने चीन और उसकी हरकतों पर काफी बारीकी से नजर ऱखी। कोविड-19 को लेकर हम चीन विरोधी लाइन पर पहले ही चल रहे थे, ऐसे में जब गलवान घाटी में हमारे जवान शहीद हुए, तब चीन के खिलाफ लोगों के अत्यधिक गुस्से का हमें रेटिंग्स में स्वभाविक रूप से फायदा मिला। इसमें कोई जादू या आंकड़ों में हेरफेर का मामला नहीं है, बस बिजनेस की मूल बातें हैं।    

10. मार्केट में स्थापित खिलाड़ी के लिए इस तरह की अच्छी भावना कभी नहीं रही कि अपनी नाक के नीचे से किसी को आगे निकलते देख सकें। मैं ऐसा कभी नहीं करता हूं। मैं नहीं चाहूंगा कि इस तरह के फैसले से मेरे बिजनेस पर कोई बुरा प्रभाव पड़े। मैं बेहतर चीजों को फॉलो करूंगा या उसे और अच्छा बनाने की कोशिश करूंगा।

11. जहां तक टीवी9 भारतवर्ष का सवाल है, यह अभी भी प्रगति की राह पर है।

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श्रीअधिकारी ब्रदर्स ग्रुप के इस चैनल ने पूरे किए 10 साल, यूं बनाए रखा अपना कीर्तिमान

देश की मीडिया इंडस्ट्री में कुछ ऐसे प्रमाण हैं, जो निजी मीडिया इंडस्ट्री के रूप में खुद को लंबे समय तक लेकर चलते हैं

Last Modified:
Friday, 10 July, 2020
SAB

देश की मीडिया इंडस्ट्री में कुछ ऐसे प्रमाण हैं, जो निजी मीडिया इंडस्ट्री के रूप में खुद को लंबे समय तक लेकर चलते हैं। ऐसा ही एक नाम है श्रीअधिकारी ब्रदर्स का। श्रीअधिकारी ब्रदर्स ग्रुप ने ‘सब’ (SAB) टीवी के लॉन्च होने के 20 साल बाद अपने म्यूजिक चैनल ‘मस्ती’ (Mastiii) का एक दशक पूरा कर लिया है। बता दें कि ‘मस्ती’ चैनल जुलाई, 2010 में लॉन्च किया गया था, जबकि इसी ग्रुप के द्वारा वर्ष 2000 में SAB चैनल भी स्थापित किया गया था।

पिछले कई दशकों में अधिकारी ब्रदर्स ने भारतीय इंडस्ट्री को कई शानदार सफलताओं की खुराक दी है। किसी एक लेख में मीडिया के लगभग सभी क्षेत्रों में यदि उनके योगदान को गिनाया जाए, तो यह सूची बहुत ही लंबी होगी, क्योंकि न्यूज व एंटरटेनमेंट और कई अन्य चैनल्स के बीच उन्होंने टीवी शो, डिजिटल शो, प्रिंट व पब्लिकेशंस, फिल्म प्रॉडक्शन, मूवी डिस्ट्रीब्यूशन समेत कई अन्य क्षेत्रों में अपना योगदान दिया है।

पिछले 10 वर्षो में ‘मस्ती’ (Mastiii) चैनल कभी भी किसी से पीछे नहीं रहा है। इतने प्रतिस्पर्धी जॉनर में पिछले पांच वर्षों में यह 73 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ नंबर वन की पोजीशन पर बना हुआ है और पिछले दशक के दौरान इसका मार्केट शेयर सभी हफ्तों में 61 प्रतिशत रहा है। ऐसे बहुत कम चैनल होंगे, जो इतने लंबे समय तक इस तरह का अपना वर्चस्व कायम रखने का दावा करते हों।

‘मस्ती’ के प्रदर्शन को लेकर श्रीअधिकारी ब्रदर्स के एमडी व वाइस चेयरमैन मार्कंड अधिकारी ने कहा, ‘आज मुझे यह जानकर बहुत संतुष्टि हो रही है कि हमारे ‘मस्ती’ चैनल को लेकर हमारे उपभोक्ताओं में इतनी मजबूत निष्ठा है।’

‘सब’ (SAB) टीवी, जिसकी स्थापना श्रीअधिकारी ब्रदर्स ने की थी, लेकिन अब यह Sony Pictures Networks Limited की छत्रछाया में है, उसके भी 20 साल पूरे होने के मौके पर  मार्कंड अधिकारी ने कहा, ‘शुरुआत SAB TV और अंत Mastii के साथ करने वाले इस ब्रॉडकास्टर के तौर पर हमने विभिन्न जॉनर में 10 चैनल लॉन्च किए हैं। हमें बेहद खुशी है कि इन सभी चैनलों ने बहुत अच्छा काम किया है। यह नहीं भूलना चाहिए कि SAB TV ने श्री अधिकारी ब्रदर्स के शासन में अपनी एक अलग जगह बनाई थी और फिर सोनी पिक्चर लिमिटेड का हिस्सा बनकर एनपी सिंह (सीईओ, सोनी पिक्चर्स इंडिया) के नेतृत्व में यह चैनल दुनिया का सबसे ज्यादा देखे जाने वाले कॉमेडी चैनल के रूप में उभरा है और आज के चुनौतीपूर्ण दौर में भी यह चैनल कमांडिंग पोजिशन में है।’

अपने दिवंगत भाई, जिनके साथ मिलकर मार्कंड अधिकारी ने 1980 में मीडिया की यात्रा शुरू की, उनको याद करते हुए, मार्कंड अधिकारी ने कहा कि मैं अपने प्यारे स्वर्गीय भाई गौतम को दिल से याद करता हूं, क्योंकि हमने अपने इस सफर में एक और मील का पत्थर छू लिया है, जिसे हमने एक बड़े सपने और दृढ़ संकल्प के साथ निर्धारित किया था। हमने, यह नहीं सोचा था कि यह सफर कितना लंबा होगा, बल्कि ऐसे एंटरटेनमेंट क्रिएट करने के बारे में सोचा था, जिसे पूरा देश देखना चाहता हो।  

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रेटिंग्स को लेकर ब्रॉडकास्टर्स ने उठाया ये मुद्दा, BARC INDIA को लिखा लेटर

कुछ चैनल्स की रेटिंग्स में संदिग्ध विसंगति को लेकर ब्रॉडकास्टर्स ने देश में टेलिविजन दर्शकों की संख्या मापने वाली संस्था 'ब्रॉडकास्टर ऑडियंस रिसर्च काउंसिल' इंडिया को एक पत्र लिखा है।

Last Modified:
Friday, 10 July, 2020
Channel

कुछ चैनल्स की रेटिंग्स में संदिग्ध विसंगति को लेकर ब्रॉडकास्टर्स ने देश में टेलिविजन दर्शकों की संख्या मापने वाली संस्था 'ब्रॉडकास्टर ऑडियंस रिसर्च काउंसिल' (BARC) इंडिया को एक पत्र लिखा है।

‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ (NBA) की ओर से बार्क को लिखे गए इस लेटर में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि ‘टीवी9’ (TV9) की रेटिंग में अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिली है, जबकि अन्य चैनल्स की रेटिंग में काफी कमी दिखाई गई है। वहीं, ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन’ (NBF) ने भी रेटिंग में उतार-चढ़ाव के संभावित प्रभाव पर चिंता व्यक्त की है।

‘एनबीएफ’ की ओर से जारी लेटर में कहा गया है, ‘हमारी कुछ सदस्य कंपनियां, फ्री टू एयर चैनल्स रेटिंग के लिए पूरी तरह से बार्क पर निर्भर करते हैं और इस रेटिंग के आधार पर वे विज्ञापन प्राप्त करते हैं, जो चैनल्स के रेवेन्यू का प्रमुख स्रोत है। हमारे तमाम चैनल्स ने पिछले कुछ हफ्तों में रेटिंग में गिरावट पर चिंता जताई है।’

सोमवार को लिखे गए इस लेटर में यह भी कहा गया है, ‘21वें सप्ताह से बार्क के डेटा का विश्लेषण करने पर हमें रेटिंग में काफी अंतर दिखा है, जो हमारे लिए चिंता का विषय है, क्योंकि हममें से अधिकांश इस महामारी के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और यह रेटिंग हमारे लिए काफी मायने रखती है। पिछले पांच हफ्तों में रेटिंग में काफी गिरावट देखी गई है। यह स्थिति न सिर्फ हमारे अस्तित्व को खतरे में डालती है, बल्कि फ्री टू एयर जॉनर की रेटिंग्स को लेकर बार्क रिपोर्टिंग की पारदर्शिता व जवाबदेही का मुद्दा भी उठाती है।’ 

‘एनबीएफ’ के अनुसार, ‘जब से कोरोनावायरस (कोविड-19) का प्रकोप शुरू हुआ और उसके बाद देश के तमाम हिस्सों में लॉकडाउन किया गया, एफटीए चैनल्स ने सिचुएशन को कवर करने के लिए संसाधनों पर काफी ज्यादा निवेश किया है। बार्क द्वारा लॉकडाउन के पहले आठ हफ्तों में व्युअरशिप, रेटिंग में इजाफा देखा गया था और दर्शकों द्वारा चैनल देखने में बिताए जाने वाले समय में भी इजाफा देखा गया था, अब अचानक रेटिंग्स में कमी आने से यह चिंता का विषय बन गया है।’

दूसरे और तीसरे हफ्ते (औसतन साप्ताहिक इम्प्रेशंस 2172 मिलियन) की तुलना में 12 और 13 हफ्ते (औसतन साप्ताहिक इम्प्रेशंस 8129 मिलियन) के दौरान न्यूज जॉनर की व्युअरशिप (दर्शकों की संख्या) में 274 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसे बार्क ने स्वीकार किया। एनबीएफ के पत्र का जवाब देते हुए कहा बार्क इंडिया का कहना है, ‘बार्क इंडिया की रेटिंग हितधारकों को बेहतर विज्ञापन निवेश करने में मदद करती है और हितधारकों के रेवन्यू को बिल्कुल प्रभावित नहीं करती है। अब बार्क से कुछ सब्सक्राइबर्स ने सवाल किए हैं, जिनमें एनबीएफ के कुछ सदस्य भी शामिल हैं। व्युअरशिप डेटा के आधार पर अपनी प्रतिक्रिया के साथ ही हमने इसके जवाब दिए हैं। डेटा संग्रह के दृष्टिकोण से बार्क इंडिया पेड और फ्री-टू-एयर चैनल्स के बीच अंतर नहीं करता है और जो व्युअरशिप डेटा प्रकाशित किया गया है, वह इस आधार पर है कि ‘देश क्या देखता’ (What India Watches) है।’

आंकड़ों की ओर इशारा करते हुए बार्क ने कहा कि हाल के 5 हफ्तों के दौरान न्यूज जॉनर के आंकड़ों पर नजर डाले तों 21वें हफ्ते से 25वें हफ्ते तक औसतन साप्ताहिक इम्प्रेशंस 4053 मिलियन दर्ज किए गए थे, जबकि 16वें से 25वें हफ्ते के दौरान औसतन साप्ताहिक इम्प्रेशंस 5427 मिलियन थे। कोविड-19 महामारी से पहले यदि इम्प्रेशंस की तुलना की जाए तो दूसरे से चौथे हफ्ते के इम्प्रेशंस 21 से 25वें हफ्ते के इम्प्रेशंस से 87% अधिक हैं।  

हालांकि, अन्य संस्थान द्वारा लिखे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि न्यूज व्युअरशिप में कैसे 12वें से 25वें हफ्ते तक सभी पैरामीटर्स पर लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। उदाहरण के लिए जहां न्यूज टाइम स्पेंड में 36% की गिरावट आई है, वहीं TV9 के आंकड़ों में 59% की भारी वृद्धि हुई है।

जब हमारी सहयोगी वेबसाइट एक्सचेंज4मीडिया (e4m) ने इस मामले में बार्क से जानना चाहा, तो उसने बताया, ‘बार्क इंडिया एक इंडस्ट्री बॉडी है और हितधारक और घटक दलों के बीच किसी भी तरह के मतभेद हों, तो वे उन पर विचार-विमर्श कर सकते हैं। बार्क इस आधार पर अपनी रिपोर्ट बनाता है कि देश टेलिविजन पर क्या देखता है। हर हफ्ते के डेटा सभी उचित सांख्यिकीय और सुरक्षा सत्यापन के साथ ही जारी किए जाते हैं।’ फिलहाल यह रिपोर्ट फाइल किए जाने तक TV9 की ओर से इस मामले में किसी भी तरह की कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। फिलहाल इसका इंतजार है और जैसे ही उसकी ओर से कोई प्रतिक्रिया मिलती है, तुरंत ही इस स्टोरी को अपडेट किया जाएगा।

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नेपाल में इस चैनल को छोड़कर सभी भारतीय न्यूज चैनल बंद

भारत के साथ जारी तनातनी के बीच नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली ने एक और भारत विरोधी कदम उठाया है

Last Modified:
Friday, 10 July, 2020
Channels

भारत के साथ जारी तनातनी के बीच नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली ने एक और भारत विरोधी कदम उठाया है। नेपाल में भारतीय न्यूज चैनल को बंद कर दिया गया है। ये फैसला नेपाल के केबल ऑपरेटर्स ने लिया है, हालांकि उनके इस प्रतिबंध से दूरदर्शन को बाहर रखा गया है। बता दें कि फिलहाल अभी तक इस संबंध में नेपाली सरकार द्वारा कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है।

बताया जा रहा है कि नक्‍शे विवाद पर भारत और नेपाल की बीच की तनातनी के बाद भारतीय मीडिया की कवरेज से ओली सरकार नाराज है। नेपाल में आजकल चीनी प्रभाव ज्‍यादा देखा जा रहा है। ये भी देखा जा रहा है कि भारत विरोध के मुद्दे पर ओली सरकार की कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के भीतर ही मतभेद हैं, जिसको सुलझाने में चीनी राजदूत का खुला हस्‍तक्षेप देखा जा रहा है।  

इसी सिलसिले में नेपाल के सूचना-प्रसारण मंत्री युबराज खातिवाड़ा ने नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय चैनलों पर चीनी राजदूत को लेकर दिखाए गए खबरों पर आपत्ति जताते हुए भारतीय चैनलों के खिलाफ कानूनी रास्ता अख्तियार करने की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि भारतीय मीडिया द्वारा नेपाल की संप्रभुता और गरिमा पर हमला करने की खबरों के खिलाफ राजनयिक स्तर पर उठा सकता है।

लिहाजा इस कदम के बाद विदेशी समाचार वितरक संगठन मल्टी-सिस्टम ऑपरेटर्स (MSO) द्वारा भारत के राष्ट्रीय समाचार नेटवर्क, दूरदर्शन को छोड़कर सभी निजी चैनलों पर प्रतिबंध का फैसला किया है। वहीं, पाकिस्तानी और चीनी चैनलों का प्रसारण पहले की तरह जारी रहेगा।

हालांकि नेपाली केबिल टीवी ऑपरेटरों ने न्‍यूज एजेंसी ANI से कहा कि नेपाल में  भारतीय न्‍यूज चैनलों के प्रसारण को बंद कर दिया गया है. लेकिन इस संबंध में कोई सरकारी आदेश अभी तक नहीं आया है. 

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ABP माझा ने पूरे किए 13 साल, यूं बयां की यादगार सफर की 'कहानी'

देश का अग्रणी मराठी न्यूज चैनल ‘एबीपी माझा’ (ABP Majha) अपनी 13वीं वर्षगांठ मना रहा है।

Last Modified:
Thursday, 09 July, 2020
ABP Majha

देश का अग्रणी मराठी न्यूज चैनल ‘एबीपी माझा’ (ABP Majha) अपनी 13वीं वर्षगांठ मना रहा है। अपने फ्लैगशिप शोज और पहल, 24x7 लोकल न्यूज कवरेज और दर्शकों को केंद्र में रखकर की गई कवरेज की बदौलत इस चैनल ने महाराष्ट्र के प्रतिस्पर्धी मार्केट में अपनी एक मजबूत ब्रैंड इक्विटी बनाई है। यही नहीं, अपने कंटेंट की बदौलत चैनल ने महाराष्ट्र के लोगों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई है।

चैनल की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, चैनल के अब तक के उल्लेखनीय सफर में तमाम यादगार शो शामिल रहे हैं। जैसे ‘आपले भारत रत्न’ (Aaple Bharat Ratna) शो महाराष्ट्र के उन दिग्गजों के बारे में था, जिन्हें भारत रत्न अवॉर्ड मिला है। इसके अलावा साप्ताहिक शो ‘माझा कट्टा’ (Majha Katta) में प्रसिद्ध हस्तियों के साथ समाज के प्रमुख घटनाक्रमों पर विचार-विमर्श किया गया था। चैनल की सफलता में इन शो ने भी अपना अहम योगदान दिया है।

चैनल के अनुसार, अपने दर्शकों को एक्सक्लूसिव कंटेंट देने में वह हमेशा आगे रहा है। महाराष्ट्र में सरकार के गठन के बाद शरद पवार का इंटरव्यू सबसे पहले इसी चैनल ने लिया था। इसके अलावा भी यह बाबा रामदेव, सोनम वांगचुक, आमिर खान, रतन टाटा, राजीव बजाज और शंकर महादेवन समेत तमाम जानी-मानी हस्तियों का इंटरव्यू कर चुका है। अपनी प्रोग्रामिंग और एक्सक्लूसिव कंटेंट के अलावा इतने वर्षों में चैनल ने तमाम बड़े न्यूज इवेंट्स के दौरान व्यूअरशिप चार्ट में भी अपना वर्चस्व दिखाया है। यही नहीं, कोविड-19 के दौरान भी मराठी न्यूज जॉनर में बहुत अच्छी पोजीशन पर रहा है।  

चैनल ने अपनी तरह के पहले एजुकेशन ई-कॉन्क्लेव ‘माझा शिक्षण परिषद’ का आयोजन भी किया। एबीपी माझा इस सम्मेलन के माध्यम से शिक्षा जगत से जुड़े दिग्गजों को एक मंच पर लाया, जिन्हें शिक्षा संबंधी मौजूदा मुद्दों और शैक्षणिक संचालन की निरंतरता के बारे में चर्चा व विचार-विमर्श करने का मौका मिला। कोरोनाकाल में एबीपी माझा विभिन्न समुदायों की जरूरत में मदद करने के लिए भी अग्रिम मोर्चे पर रहा है। इस दौरान चैनल ने वांगनी के नेत्रहीन लोगों की कहानी से भी लोगों को रूबरू कराया, जिनकी आय का स्रोत पूरी तरह से ट्रेनें में सामान बेचने पर निर्भर था। चैनल के कवरेज के बाद यहां के लोगों को स्थानीय एनजीओ और राजनेताओं के माध्यम से बहुत समर्थन मिला। बीजेपी मंत्री राम कदम ने भी 350 परिवारों को राशन दिया था।

इस उपलब्धि के बारे में ‘एबीपी नेटवर्क’ के सीईओ अविनाश पांडे का कहना है, ‘एबीपी माझा के अब तक के सफर में मिली सफलता को लेकर मैं काफी खुश हूं। अपने तमाम बेहतरीन शोज और पहल की बदौलत चैनल ने मुंबई के दर्शकों के दिल में अपने खास जगह बना ली है। यही कसौटी हमें और नई पहल करने व अपने व्युअर्स की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रेरित करती है।’

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न्यूज नेशन के मीडियाकर्मियों के लिए कुछ इस तरह से लौट आए 'अच्छे दिन'

कोरोना का कहर देश और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर लगातार जारी है। इस बीच ‘न्यूज नेशन नेटवर्क’ ने अपने मीडियाकर्मियों के लिए बड़ा फैसला लिया है

Last Modified:
Thursday, 09 July, 2020
NewsNation54

कोरोना का कहर देश और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर लगातार जारी है। उद्योग धंधे चौपट हो रहे हैं। बड़े पैमाने पर रोजगार छिन रहे हैं। कोई नहीं जानता कि ऐसे बदतर हालात कब तक रहेंगे। इस बीच ‘न्यूज नेशन नेटवर्क’ ने अपने मीडियाकर्मियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। दरअसल 3 महीने पहले आर्थिक संकट के मद्देनजर न्यूज नेशन नेटवर्क के अपने कर्मचारियों की सैलरी में कटौती का ऐलान किया था। कटौती का ये ऐलान कम से कम 6 महीने के लिए था, लेकिन 3 महीने बाद ही अब न्यूज नेशन प्रबंध समूह ने अपने इस फैसले को वापस लेकर अपने कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है।

न्यूज नेशन नेटवर्क के प्रबंध निदेशक (मैनेजिंग डायरेक्टर) संजय कुलश्रेष्ठ द्वारा भेजे गए एक मेल में कोरोना के दरमियान सभी कर्मचारियों को शानदार भूमिका निभाने के लिए शुक्रिया अदा करते हुए लिखा, ‘अप्रैल में वेतन कटौती का फैसला 6 महीने तक के लिए जारी किया गया था, लेकिन अब 6 महीनों के बजाय 3 महीने के भीतर ही पिछला वेतन ढांचा फिर से बहाल करने का फैसला किया गया है।’

कोरोना के कहर के दरमियान न्यूज नेशन ने टीआरपी के संभावित नुकसान की परवाह किए बगैर अपने मीडियाकर्मियों के कोरोना से बचाव के लिए ढेरों कदम उठाए। बड़े पैमाने पर वर्क फ्रॉम होम को मंजूरी दी। ड्यूटी के समय को कम किया। कोई भी लक्षण पाए जाने पर मीडियाकर्मियों के टेस्ट करवाए। कोई भी दिक्कत होने पर कर्मियों को ऐहतियातन तुरंत छुट्टियां दीं।

कोरोना के चलते पैदा हुए आर्थिक संकट के बीच प्रंबधन का ये ताजा फैसला ‘न्यूज नेशन’, ‘न्यूज स्टेट उत्तर प्रदेश—उत्तराखंड’ और ‘न्यूज स्टेट मध्य प्रदेश—छत्तीसगढ़’ में काम करने वाले सैकड़ों मीडियाकर्मियों के लिए राहत भरी खबर है।

न्यूज नेशन नेटवर्क के प्रबंध निदेशक (मैनेजिंग डायरेक्टर) संजय कुलश्रेष्ठ द्वारा भेजा गया मेल आप यहां पढ़ सकते हैं-

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यहां की सरकार शुरू करने जा रही है नया चैनल, शुरू हुई आलोचना

तमिलनाडु के मंदिरों में होने वाले प्रमुख आयोजनों को दिखाने के लिए वहां की सरकार एक नया टीवी चैनल लॉन्च करने की तैयारी में है।

Last Modified:
Tuesday, 07 July, 2020
TV Channel

तमिलनाडु के मंदिरों में होने वाले प्रमुख आयोजनों को दिखाने के लिए वहां की सरकार एक नया टीवी चैनल लॉन्च करने की तैयारी में है। ‘रिपब्लिक भारत’ में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, इस चैनल का नाम ‘थिरुकोविल’ (Thirukovil) होगा और सरकार इस चैनल के लिए ड्राई रन (dry run) शुरू कर चुकी है।

बताया जाता है कि यह चैनल चौबीसों घंटे चलेगा और इसमें हिंदू विचारधारा का कंटेंट शामिल होगा। वहीं, राज्य के विभिन्न मंदिरों में होने वाले प्रमुख आयोजनों का प्रसारण भी इस चैनल पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ई के पलानीस्वामी ने मार्च में इस तरह का चैनल लॉन्च करने की घोषणा कर दी थी।  चैनल की लॉन्चिंग पर करीब 8.77 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने नए लॉन्च होने वाले इस चैनल का विरोध शुरू कर दिया है। बीजेपी का कहना है कि फिलहाल इस चैनल की कोई जरूरत नहीं है। बीजेपी लीडर और प्रवक्ता नारायण तिरुपति (Narayana Thirupathi) का कहना है कि राज्य सरकार को मूर्ति तस्करी के रूप में हो रहे घोटाले को नियंत्रित करने पर फोकस करना चाहिए और तमाम राजनीतिज्ञों के कब्जे से मंदिर की भूमि को मुक्त कराना चाहिए, जिसकी कीमत करोड़ों में है। सरकार को पहले यह काम करना चाहिए और टीवी चैनल शुरू नहीं करना चाहिए।

रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर भी सरकार की इस तरह की पहल की आलोचना हो रही है। कहा जा रहा है कि इस समय सभी लोग कोरोनावायरस (कोविड-19) महामारी से जूझ रहे हैं, ऐसे में सरकार को इस तरह की शुरुआत करने की क्या आवश्यकता है।

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India TV में प्रकाश नटराजन की वापसी, संभालेंगे इस अहम पद की जिम्मेदारी

हिंदी न्यूज चैनल ‘इंडिया टीवी’ (India TV) ने प्रकाश नटराजन को बतौर सीटीओ (Chief Technology Officer) के रूप में नियुक्त किया है

Last Modified:
Tuesday, 07 July, 2020
Prakash-Natrajan

हिंदी न्यूज चैनल ‘इंडिया टीवी’ (India TV) ने प्रकाश नटराजन को बतौर सीटीओ (Chief Technology Officer) के रूप में नियुक्त किया है। वे चैनल के न्यूज ब्रॉडकास्ट ऑपरेशंस की जिम्मेदारी संभालेंगे।

‘इंडिया टीवी’ से पहले नटराजन ‘नेटवर्क18’ (Network18) में टेक व ऑपरेशंस के वाइस प्रेजिडेंट के तौर पर अपना योगदान दे रहे थे। ‘इंडिया टीवी’ में नटराजन की ये दूसरी पारी है।

नटराजन की जॉइनिंग को लेकर ‘इंडिया टीवी’ की मैनेजिंग डायरेक्टर रितु धवन ने कहा कि चैनल में प्रकाश नटराजन की वापसी पर मुझे काफी खुशी है। टेक्नोलॉजी के मामले में ‘इंडिया टीवी’ तेजी से आगे बढ़ते हुए चैनलों में से एक है और प्रकाश ऐसे शख्स हैं, जो टेलिविजन की टेक्नोलॉजी में खुद को अपडेट रखते हैं। मुझे यकीन है कि अपनी नई भूमिका में वह इंडिया टीवी को टेक्नोलॉजी के अगले स्तर पर ले जाएंगे।  

वहीं नटराजन ने कहा कि घर वापसी करके मुझे बहुत ही खुशी है। पिछले ऑर्गनाइजेशन के कई ऐसे चैनल्स, जो देशभर में फैले हैं, उनमें काम करके काफी अनुभव मिला है। इस अनुभव से अब इंडिया टीवी में कई तकनीकी लक्ष्यों और योजनाओं को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

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लाइसेंस था एंटरटेनमेंट चैनल का, शुरू कर दिया न्यूज चैनल, हो गई ये कार्रवाई

न्यूज व करेंट अफेयर्स के अवैध प्रसारण के लिए एक टेलिविजन चैनल के लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

Last Modified:
Monday, 06 July, 2020
Channels

पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी (पेमरा) ने शुक्रवार को न्यूज व करेंट अफेयर्स के अवैध प्रसारण के लिए टेलिविजन चैनल ‘24NewsHD’ के लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

पेमरा द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, सेंट्रल मीडिया नेटवर्क प्राइवेट को एक चैनल का लाइसेंस जारी किया गया था, जिसका नाम था- ‘वैल्यू टीवी’ (Value TV)। बयान में कहा गया कि चैनल को एंटरटेनमेंट कंटेंट के प्रसारण का लाइसेंस दिया गया था, लेकिन अवैध और गैरकानूनी तरीके से इस चैनल का नाम बदलकर ‘24NewsHD’ कर दिया गया था और इसे न्यूज व करंट अफेयर्स चैनल बना दिया गया था, जोकि पेमरा कानूनों का उल्लंघन है।

पेमरा ने कहा कि उसने अपने लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने के लिए चैनल को कारण बताओ नोटिस जारी किया और उसे 7 मई, 2020 को अपने अनुमोदित किए गए प्रोग्रामिंग कंटेंट (एंटरटेनमेंट कंटेंट) पर वापस लौटने का निर्देश दिया गया। लेकिन चैनल निर्देशों का पालन करने में विफल रहा। लिहाजा पेमरा ने चैनल के लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से तब तक के लिए निलंबित कर दिया है, जब तक कि वह अपने मूल प्रोग्रामिंग कंटेंट पर वापस नहीं लौट आता है।

कराची प्रेस क्लब (केपीसी) के अध्यक्ष मोहम्मद इम्तियाज खान फरान, सचिव अरमान साबिर व अन्य सदस्यों ने लाइसेंस निलंबित करने के पेमरा के फैसले की कड़ी निंदा की और इसे वापस लेने की मांग की। बयान में कहा गया कि चैनल के बंद होने से संकट (वित्तीय) और बढ़ सकता है। साथ ही प्रेस क्लब ने यह भी कहा कि हम अपनी मीडिया बिरादरी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।

पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल-एन) की प्रवक्ता मरियम औरंगजेब ने शनिवार को टीवी चैनल के निलंबन के लिए प्रधानमंत्री इमरान खान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी पीएम उन चैनलों, मीडिया हाउसों, पत्रकारों और मालिकों को टार्गेट कर रहे हैं, जो सच बोलते हैं। अपने एक अन्य ट्वीट में औरंगजेब ने लाइसेंस निरस्त किए जाने की निंदा की और लाइसेंस की‘तत्काल बहाली’ की मांग की।

वहीं दूसरी तरफ, रविवार को पाकिस्तानी पत्रकारों ने निजी टीवी चैनल ‘24NewsHD’ के प्रसारण को रोकने के विरोध में एक रैली की। सिन्ध प्रांत के कंधकोट शहर में प्रेस क्लब के सामने रैली करते हुए प्रदर्शनकारी पत्रकारों ने पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी (पेमरा) के खिलाफ नारे लगाए और कहा कि वे इस तरह की कार्रवाई को स्वीकार नहीं करेंगे।

प्रदर्शन कर रहे पत्रकारों ने चैनल का प्रसारण शुरू करने के साथ ही लाइसेंस को तत्काल बहाल करने की मांग की।

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News Nation को छोड़ अब इस चैनल में आउटपुट एडिटर की भूमिका निभाएंगे कुमार प्रत्यूष

हिंदी न्यूज चैनल ‘न्यूज नेशन’ को पिछले दिनों बाय बोलने के बाद टीवी पत्रकार कुमार प्रत्यूष ने अपनी नई पारी की शुरुआत की है।

Last Modified:
Saturday, 04 July, 2020
Kumar Pratyush

हिंदी न्यूज चैनल ‘न्यूज नेशन’ (News Nation) को पिछले दिनों बाय बोलने के बाद टीवी पत्रकार कुमार प्रत्यूष ने ‘रिपब्लिक भारत’ (Republic Bharat) के साथ अपनी नई पारी की शुरुआत की है। यहां उन्होंने बतौर आउटपुट एडिटर जॉइन किया है। न्यूज नेशन में भी वह आउटपुट एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।  

मूल रूप से बिहार के रहने वाले कुमार प्रत्यूष को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का करीब 20 साल का अनुभव है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने प्रॉडक्शन हाउस ‘बीएजी’ (BAG) के साथ अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की थी।

पूर्व में कुमार प्रत्यूष ‘इंडिया टीवी’, ‘आजतक’ और ‘आईबीएन9’ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। समाचार4मीडिया की ओर से कुमार प्रत्यूष को उनकी नई पारी के लिए शुभकामनाएं।

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